रिपोर्ट – हरीश


हमीरपुर। दिन के साथ रात का तापमान बढ़ने से गेहूं की फसल असमय पककर तैयार होने लगी है। इससे उत्पादन प्रभावित होने की आशंका बनने लगी है। जिससे किसान चिंतित होने लगे हैं।
मार्च माह शुरू होते ही तापमान में निरंतर इजाफा हो रहा है। दिन के साथ रात के तापमान में भी बढ़ोतरी होने लगी है। अचानक तापमान बढ़ने से गेहूं की लहलहा रही हरी भरी फसलें पीलापन लेने लगी हैं। किसानों के अनुसार यह तापमान में हुए इजाफे का असर है। तापमान बढ़ने से गेहूं की फसल की कटाई 15 मार्च के बाद शुरू होने के आसार बनने लगे है। जबकि अमूमन गेहूं की कटाई अप्रैल माह में शुरू होती है लेकिन जिस तरह के हालात बनते जा रहे हैं। उससे गेहूं की कटाई 15 दिन पूर्व शुरू होने का अनुमान है।
किसान मानसिंह, उदयभान, इंद्रपाल यादव, नवीन यादव, सुरेश कुमार, धीरेंद्र यादव आदि ने बताया कि दिन में तेज धूप निकलने तथा रात में सर्दी के बजाय गर्मी बढ़ने से गेहूं की उत्पादन क्षमता कम होने की आशंका है क्योंकि तापमान बढ़ने से गेहूं की फसल अचानक पीली पड़ने लगी है। इससे लगता है कि फसल 15 दिन पूर्व ही पककर तैयार हो जाएगी। अगर ऐसा ही हाल बना रहा और तापमान लगातार बढ़ता गया तो तय है कि गेहूं की उत्पादन क्षमता में असर पड़ेगा। क्योंकि इस समय गेहूं को गर्मी की नहीं बल्कि सर्दी की जरूरत है। सर्वाधिक असर पिछैती गेहूं पर पड़ने की संभावना है। अगौती फसल फिलहाल कम प्रभावित होगी।
कृषि रक्षा इकाई के तकनीकी सहायक अजित कुमार शुक्ला के अनुसार बढ़ता हुआ तापमान गेहूं की फसल को अवश्य प्रभावित करेगा। किसानों को गेहूं में 15 दिन के अंदर पानी देने की जरूरत है। इससे काफी हद तक उत्पादन प्रभावित होने से रुकेगा।
