रिपोर्ट – कबीर

मुजफ्फरनगर, मोरना। ककरौली गांव में कथित भाजपा नेता द्वारा एक व्यापारी परिवार के घर में घुसकर मारपीट का मामला तूल पकड़ गया है। आरोप है कि पुलिस ने गंभीर धाराओं में कार्रवाई करने के बजाय केवल शांति भंग में चालान कर प्रकरण को हल्का करने का प्रयास किया, जिससे आहत परिवार ने गांव छोड़ने का ऐलान कर दिया। परिवार ने अपने घर पर “मकान बिकाऊ है” के पोस्टर चस्पा कर दिए, जिसके बाद पूरे गांव में सनसनी फैल गई।
पोस्टर लगते ही गांव का माहौल गरमा गया। सैकड़ों ग्रामीण पीड़ित परिवार के समर्थन में मुख्य चौक पर जुट गए और घर के बाहर धरना शुरू कर दिया। पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई। विरोध में स्थानीय व्यापारियों ने भी बाजार बंद कर अपना आक्रोश जताया।

पीड़ित पक्ष के नरेश अग्रवाल, शशि अग्रवाल, रूबी अग्रवाल और समाजसेवी पूजा ठाकुर का आरोप है कि बीते बुधवार को अशोक वर्मा उर्फ सोनी नेता अपने परिजनों और साथियों के साथ लाठी-डंडों से लैस होकर उनके घर में घुस आया। आरोप है कि गाली-गलौज करते हुए परिवार के सदस्यों के साथ बेरहमी से मारपीट की गई और उन्हें सड़क तक खींचकर पीटा गया। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल बताया जा रहा है, जिससे लोगों में आक्रोश और बढ़ गया है।
पीड़ितों का कहना है कि जब वे शिकायत लेकर थाने पहुंचे तो आरोपी ने पुलिस की मौजूदगी में ही अभद्र भाषा का प्रयोग किया और जान से मारने की धमकी दी। इसके बावजूद पुलिस ने मुख्य आरोपी अशोक वर्मा और उसके पुत्र वासु का केवल शांति भंग में चालान किया, जबकि अन्य आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
घटना से आक्रोशित परिवार ने शुक्रवार को पलायन की तैयारी शुरू कर दी। हालात बिगड़ते देख मौके पर पहुंचे थानाध्यक्ष जोगेंद्र सिंह ने 48 घंटे के भीतर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद धरना समाप्त हुआ और बाजार दोबारा खुल सका।
गांव में वैश्य समाज के एकमात्र परिवार के साथ हुई इस घटना को लेकर ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है। क्षेत्राधिकारी देवव्रत वाजपेयी ने बताया कि दो आरोपियों का चालान किया जा चुका है और मामले की जांच जारी है। जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

