रिपोर्ट – कबीर

मुजफ्फरनगर। अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस के अवसर पर शुक्रवार को जनपद में श्रमिक सम्मान कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें मेहनतकश वर्ग को सम्मानित कर उनके योगदान को सराहा गया। जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी के निर्देशन में होली चाइल्ड पब्लिक इंटर कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में डॉ. राजीव कुमार ने श्रमिकों को सम्मानित करते हुए उनके अधिकारों और सम्मान की रक्षा का संदेश दिया।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने साफ शब्दों में कहा कि “श्रम ही शक्ति है और श्रम ही राष्ट्र की प्रगति का आधार है।” उन्होंने श्रमिकों की मेहनत को देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए समाज से श्रमिकों के सम्मान और उनके अधिकारों के प्रति सजग रहने की अपील की।

इस मौके पर बाल श्रम के खिलाफ भी जोरदार अभियान चलाने का आह्वान किया गया। कहा गया कि 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों से मजदूरी कराना कानूनन अपराध है और यह बच्चों के भविष्य के साथ अन्याय है। लोगों से अपील की गई कि वे ऐसे बच्चों को काम पर रखने के बजाय स्कूल भेजें और बाल श्रम मुक्त उत्तर प्रदेश बनाने में अपनी भागीदारी निभाएं। यदि कहीं बाल श्रम होता दिखाई दे तो तुरंत पेंसिल (PENCIL) पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।
कार्यक्रम में श्रमिक दिवस के इतिहास पर भी प्रकाश डाला गया। बताया गया कि वर्ष 1886 में अमेरिका के शिकागो में 8 घंटे कार्य दिवस की मांग को लेकर हुए ऐतिहासिक आंदोलन से इस दिन की शुरुआत हुई थी। इसके बाद 1889 में पेरिस में इसे अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया। भारत में इसकी शुरुआत 1923 में चेन्नई से हुई।
वक्ताओं ने कहा कि श्रमिक दिवस केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, श्रम की गरिमा और श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा का प्रतीक है। आज के दौर में तकनीकी बदलाव और वैश्वीकरण के बीच श्रमिकों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो गई है, ऐसे में उनके हितों की रक्षा करना समाज और सरकार दोनों की जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम के अंत में श्री प्रवेन्द्र दहिया ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए श्रमिकों के सम्मान और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए सामूहिक प्रयास जारी रखने का संकल्प दिलाया।

