रिपोर्ट – कबीर

मुजफ्फरनगर। जनपद में बढ़ते साइबर अपराध के बीच पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। फर्जी NEFT पेमेंट की स्लिप दिखाकर व्यापारियों को लाखों का चूना लगाने वाले एक शातिर ठग को साइबर क्राइम थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के पास से घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन और कॉपर वायर भी बरामद हुआ है।
पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई साइबर अपराध नियंत्रण अभियान के तहत की गई। क्षेत्राधिकारी अपराध इन्दु सिद्धार्थ और थाना प्रभारी कर्मवीर सिंह के नेतृत्व में टीम ने इलेक्ट्रॉनिक व स्टैटिक सर्विलांस की मदद से आरोपी को बुढाना रोड से धर दबोचा।

मामला उस समय सामने आया जब एक व्यापारी ने शिकायत दी कि एक अज्ञात युवक उसकी दुकान से करीब एक लाख रुपये का कॉपर तार खरीदकर ले गया और भुगतान के नाम पर NEFT का स्क्रीनशॉट दिखा दिया। शुरुआत में सब कुछ सामान्य लगा, लेकिन जब खाते में रकम नहीं पहुंची तो व्यापारी को ठगी का अहसास हुआ। शिकायत मिलने पर साइबर थाना सक्रिय हुआ और जांच के बाद आरोपी तक पहुंच गया।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान मुज्जमिल (35) पुत्र साजिद अली निवासी लोनी बॉर्डर, गाजियाबाद के रूप में हुई है। पूछताछ में उसने खुलासा किया कि वह ‘कैम स्कैनर’ जैसे ऐप की मदद से फर्जी NEFT रसीद तैयार कर दुकानदारों को दिखाता था और सामान लेकर फरार हो जाता था। उसने बताया कि पहले भी इसी दुकान से खरीदारी कर विश्वास जीता और फिर दोबारा ठगी की वारदात को अंजाम दिया।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी के मोबाइल में करीब 19 फर्जी NEFT स्लिप मिली हैं, जिनकी कुल रकम लगभग 8.36 लाख रुपये है। इनमें से कुछ रसीदें 2 लाख रुपये तक की हैं। पुलिस अब इन सभी लेनदेन की जांच कर रही है और अन्य संभावित पीड़ितों की तलाश में जुटी है।
आरोपी का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। वह पहले भी धोखाधड़ी के मामले में जेल जा चुका है और मुजफ्फरनगर के बुढाना क्षेत्र में इसी तरह की वारदात कर चुका है।
फिलहाल पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है, जबकि फरार साथी की तलाश जारी है। साइबर पुलिस ने व्यापारियों को सतर्क रहने और किसी भी भुगतान की पुष्टि बैंक खाते में राशि आने के बाद ही करने की सलाह दी है।

