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गन्ने का भाव 600 रुपये करने समेत आठ मांगों पर किसानों का धरना, बोले विनीत त्यागी-आश्वासन नहीं, समाधान चाहिए

रिपोर्ट – कबीर

मुजफ्फरनगर। मंसूरपुर क्षेत्र के नावला के पास किसानों ने आठ सूत्रीय मांगों को लेकर धरना शुरू कर दिया। किसान सेवक एवं किसान हितैषी विनीत कुमार त्यागी के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन में किसानों ने गन्ने का मूल्य 600 रुपये प्रति कुंतल घोषित करने, चीनी मिलों को तत्काल चालू कराने, बिजली विभाग की कार्रवाई रोकने और बेगराजपुर मेडिकल कॉलेज में कथित अनियमितताओं की जांच कराने सहित कई मांगें उठाईं। किसानों ने साफ कहा कि जब तक जिलाधिकारी स्तर से ठोस आश्वासन नहीं मिलता, तब तक धरना जारी रहेगा।

धरने को संबोधित करते हुए विनीत त्यागी ने कहा कि इससे पहले भी किसानों की 22 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन प्रशासन को दिया गया था और आश्वासन मिला था कि मांगें सरकार तक पहुंचाई जाएंगी, लेकिन अब तक समाधान नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों की आवाज सुनने के बजाय प्रशासन आंदोलन को रोकने में अधिक सक्रिय दिखाई देता है।

मेडिकल कॉलेज पर लगाए गंभीर आरोप

विनीत त्यागी ने बेगराजपुर स्थित मेडिकल कॉलेज का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की अनदेखी कर कुछ चुनिंदा मेडिकल स्टोरों से दवाइयों की बिक्री कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि कॉलेज में मरीजों की संख्या लगातार घट रही है और स्थानीय लोगों को इलाज के लिए भटकना पड़ रहा है। इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर व्यवस्था में सुधार की मांग की गई।

गन्ने की कीमत लागत और चीनी के भाव से तय हो

किसानों ने कहा कि गन्ने का मूल्य केवल कुछ रुपये बढ़ाने की घोषणा से किसानों की समस्या हल नहीं होगी। उन्होंने मांग की कि चीनी, शीरा, एथेनॉल, खोई और बिजली जैसे सह-उत्पादों से होने वाली आय तथा उत्पादन लागत को आधार बनाकर गन्ने का भाव तय किया जाए। साथ ही सरकार से 600 रुपये प्रति कुंतल मूल्य घोषित करने की मांग दोहराई।

त्यागी ने यह भी आरोप लगाया कि नई गन्ना किस्मों के बीज किसानों को करीब 2,000 रुपये प्रति कुंतल तक बेचे जा रहे हैं, जबकि निर्धारित दर इससे काफी कम है। उन्होंने कहा कि किसानों को अनुदान के साथ निर्धारित मूल्य पर बीज उपलब्ध कराए जाएं।

चीनी मिलें चालू कराने और बिजली कार्रवाई रोकने की मांग

किसानों ने याद दिलाया कि अक्टूबर तक चीनी मिलें चालू कराने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अभी तक पेराई शुरू नहीं हुई। उन्होंने मांग की कि गन्ना पेराई सत्र शुरू होने तक बकायेदार किसानों के बिजली कनेक्शन न काटे जाएं, बिजली बिलों पर लगी पेनल्टी माफ की जाए और बिजली विभाग की छापेमारी पर रोक लगाई जाए।

आठ सूत्रीय मांगपत्र में ये प्रमुख मुद्दे

धरने में सौंपे गए मांगपत्र में एमडीए क्षेत्र के गांवों में सड़क, नाली और अन्य मूलभूत सुविधाओं के विकास, बेगराजपुर क्षेत्र में प्रदूषण की जांच, सरकारी नालियों के निर्माण व रखरखाव की समीक्षा, मेडिकल कॉलेज में दवा व्यवस्था की जांच, सहकारी संस्थाओं में खाद वितरण और किसान क्रेडिट कार्ड से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जांच जैसे मुद्दे भी शामिल हैं।

“वार्ता होगी तो समाधान निकलेगा”

विनीत त्यागी ने कहा कि किसान किसी को परेशान करने नहीं बैठे हैं, बल्कि अपनी समस्याओं के समाधान के लिए आंदोलन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हाईवे और रेलवे लाइन पास होने के बावजूद किसान संयम बनाए हुए हैं, लेकिन यदि प्रशासन ने बातचीत नहीं की तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि जरूरत पड़ने पर किसान ट्रैक्टरों के साथ हाईवे पर उतरने को भी मजबूर होंगे।

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