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कोंच में सड़क हादसे की आड़ में युवक पर जानलेवा हमला करने का आरोप, पत्नी ने लगाए गंभीर आरोप

रिपोर्ट: विशेष संवाददाता

उत्तर प्रदेश के जालौन जनपद के कोंच क्षेत्र में सड़क हादसे के नाम पर युवक पर जानलेवा हमला किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। गंभीर रूप से घायल युवक के होश में आने के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है। युवक की पत्नी ने तीन नामजद समेत कई लोगों पर लोहे की रॉड और डंडों से हमला करने का आरोप लगाया है।

 

घायल युवक ने होश में आने पर किया खुलासा

 

जानकारी के अनुसार घटना के बाद घायल युवक को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालत बिगड़ने पर उसे बेहतर इलाज के लिए ग्वालियर रेफर किया गया, जहां उसका इलाज जारी है।

 

बताया जा रहा है कि युवक के होश में आने के बाद उसने कथित रूप से हमला करने वालों के बारे में जानकारी दी। इसके बाद परिवार ने मामले को सड़क हादसा नहीं बल्कि सुनियोजित हमला बताया।

 

पत्नी ने लगाए गंभीर आरोप

 

पीड़ित युवक की पत्नी ने कोतवाली में तहरीर देकर आरोप लगाया है कि उसके पति को लोहे की रॉड और डंडों से बेरहमी से पीटा गया। महिला ने तीन लोगों को नामजद करते हुए कई अन्य व्यक्तियों पर भी हमले में शामिल होने का आरोप लगाया है।

 

महिला का कहना है कि हमलावरों ने युवक को जान से मारने की नीयत से हमला किया, जिससे उसके शरीर में गंभीर चोटें आईं।

 

हमले में युवक की कई हड्डियां टूटीं

 

परिजनों के अनुसार हमले में युवक की जांघ, पैर और पसलियां टूट गई हैं। डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा है और उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।

 

परिवार का कहना है कि युवक लंबे समय तक दर्द से तड़पता रहा और शुरुआत में घटना को सड़क हादसा बताने की कोशिश की गई।

 

कोतवाली में दी गई तहरीर

 

पीड़िता ने कोंच कोतवाली पहुंचकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। महिला ने पुलिस से निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की गुहार लगाई है।

 

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में तहरीर प्राप्त हुई है और पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

 

क्षेत्र में चर्चा का विषय बना मामला

 

घटना के सामने आने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है। स्थानीय लोग इस मामले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं। कई लोगों का कहना है कि यदि सड़क हादसे की आड़ में हमला किया गया है तो यह बेहद गंभीर मामला है।

 

स्थानीय नागरिकों ने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाने की मांग की है।

 

पुलिस जुटी जांच में

 

पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। आरोपियों के खिलाफ मिले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

 

फिलहाल घायल युवक का इलाज ग्वालियर में जारी है और परिवार न्याय की मांग कर रहा है।

रामपुर में हीट वेव को लेकर प्रशासन अलर्ट: जिलाधिकारी ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की

रिपोर्ट: शारिक खान, रामपुर

उत्तर प्रदेश के रामपुर में लगातार बढ़ रही गर्मी और हीट वेव के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। भारतीय मौसम विभाग द्वारा उत्तर भारत के कई हिस्सों में लू और अत्यधिक तापमान को लेकर चेतावनी जारी किए जाने के बाद जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने जनपदवासियों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है।

जिलाधिकारी ने कहा कि आने वाले दिनों में तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है, जिससे हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में लोगों को जरूरी सावधानियां अपनाने की आवश्यकता है।

पर्याप्त पानी और तरल पदार्थ लेने की सलाह

जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि गर्मी के मौसम में शरीर में पानी की कमी न होने दें। उन्होंने कहा कि लोग नियमित रूप से पानी पीते रहें, भले ही प्यास महसूस न हो।

प्रशासन की ओर से ओआरएस, नींबू पानी, लस्सी और अन्य तरल पदार्थों का सेवन करने की सलाह दी गई है। साथ ही दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने को कहा गया है।

हल्के कपड़े पहनें, धूप से बचाव करें

जिलाधिकारी ने कहा कि लोग हल्के रंग के ढीले और सूती कपड़े पहनें ताकि शरीर को गर्मी से राहत मिल सके। धूप में बाहर निकलते समय सिर को टोपी, गमछे या छाते से ढकने की सलाह भी दी गई है।

इसके अलावा लोगों से कहा गया है कि बाहर जाते समय पानी की बोतल साथ रखें ताकि शरीर हाइड्रेट बना रहे।

बच्चों और बुजुर्गों का रखें विशेष ध्यान

प्रशासन ने बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और बीमार व्यक्तियों का विशेष ध्यान रखने की अपील की है। जिलाधिकारी ने कहा कि गर्मी का असर इन लोगों पर अधिक पड़ सकता है, इसलिए उन्हें ज्यादा सावधानी की जरूरत है।

उन्होंने लोगों से घर और कार्यस्थल को हवादार रखने तथा पशुओं के लिए भी छाया और पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा है।

लू के लक्षणों को नजरअंदाज न करने की अपील

जिलाधिकारी ने बताया कि अत्यधिक कमजोरी, चक्कर आना, तेज बुखार, उल्टी, बेहोशी, भ्रम की स्थिति, शरीर का अत्यधिक गर्म होना और पसीना बंद होना लू के गंभीर लक्षण हो सकते हैं।

उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति में ऐसे लक्षण दिखाई दें तो उसे तुरंत छायादार स्थान पर ले जाएं। यदि व्यक्ति होश में हो तो उसे ठंडा पानी पिलाएं और तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।

भारी शारीरिक कार्य और तेज धूप से बचने की सलाह

प्रशासन ने लोगों को तेज धूप में भारी शारीरिक कार्य या व्यायाम न करने की सलाह दी है। जिलाधिकारी ने कहा कि खाली पेट घर से बाहर न निकलें और शराब, अत्यधिक चाय, कॉफी तथा बहुत ज्यादा मीठे पेय पदार्थों के सेवन से बचें, क्योंकि इससे शरीर में पानी की कमी बढ़ सकती है।

उन्होंने यह भी कहा कि बच्चों और बुजुर्गों को बंद वाहनों में अकेला न छोड़ा जाए, क्योंकि इससे उनकी जान को खतरा हो सकता है।

सभी विभागों को जारी किए गए निर्देश

जिलाधिकारी ने पंचायत प्रतिनिधियों, विद्यालयों और सभी विभागों को मौसम विभाग की चेतावनियों के प्रति सतर्क रहने और हीट वेव से बचाव के उपायों को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए हैं।

प्रशासन ने सार्वजनिक स्थानों पर पेयजल व्यवस्था और लोगों को जागरूक करने के लिए भी आवश्यक कदम उठाने की बात कही है।

लोगों से जागरूकता फैलाने की अपील

जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने कहा कि सभी नागरिक खुद भी सुरक्षित रहें और दूसरों को भी हीट वेव से बचाव के उपायों के प्रति जागरूक करें। उन्होंने कहा कि थोड़ी सी सावधानी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से बचा सकती है।

फिलहाल जिले में गर्मी का असर लगातार बढ़ रहा है और प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।

रामपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई: मुठभेड़ में छीनेती का आरोपी घायल, तमंचा और सामान बरामद

रिपोर्ट: शारिक खान, रामपुर

उत्तर प्रदेश के रामपुर में पुलिस और बदमाश के बीच हुई मुठभेड़ में छीनेती के एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। थाना सैफनी पुलिस की कार्रवाई में आरोपी गोली लगने से घायल हो गया, जिसके बाद उसे उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से तमंचा, कारतूस, मोटरसाइकिल, मोबाइल फोन और नकदी बरामद की है।

थाना सैफनी पुलिस और बदमाश के बीच हुई मुठभेड़

जानकारी के अनुसार थाना सैफनी प्रभारी अजय कुमार मिश्रा के नेतृत्व में पुलिस टीम क्षेत्र में संदिग्धों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को एक संदिग्ध युवक दिखाई दिया। पुलिस द्वारा रोकने का प्रयास किए जाने पर आरोपी ने भागने की कोशिश की और कथित रूप से पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी।

पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी घायल हो गया। घायल अवस्था में पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। घटना के बाद इलाके में कुछ देर के लिए हलचल का माहौल बना रहा।

आरोपी की पहचान रजत उर्फ बच्चा के रूप में

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान रजत उर्फ बच्चा के रूप में हुई है। आरोपी पर छीनेती और अन्य आपराधिक मामलों में कई मुकदमे दर्ज बताए जा रहे हैं।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी का आपराधिक इतिहास उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड तक फैला हुआ है। थाना सैफनी में भी उसके खिलाफ कई मामले दर्ज हैं।

आरोपी के पास से हथियार और सामान बरामद

मुठभेड़ के बाद पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक तमंचा 315 बोर, एक जिंदा कारतूस, एक खोखा कारतूस, एक मोटरसाइकिल, एक मोबाइल फोन और 600 रुपये नकद बरामद किए हैं। इसके अलावा पुलिस ने पीली धातु के दो कुंडल भी बरामद किए हैं, जिनके बारे में जांच की जा रही है।

पुलिस का कहना है कि बरामद सामान के संबंध में पूछताछ की जा रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि सामान किसी वारदात से जुड़ा है या नहीं।

इंस्पेक्टर अजय कुमार मिश्रा की कार्रवाई चर्चा में

थाना सैफनी प्रभारी अजय कुमार मिश्रा की इस कार्रवाई की क्षेत्र में काफी चर्चा हो रही है। पुलिस विभाग में उन्हें तेजतर्रार अधिकारी माना जाता है। इससे पहले भी वे थाना शाहाबाद, थाना स्वार और थाना सिविल लाइंस में तैनाती के दौरान कई बड़ी कार्रवाइयों को अंजाम दे चुके हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि अपराधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई से क्षेत्र में कानून व्यवस्था मजबूत हो रही है।

पुलिस ने शुरू की आगे की जांच

घायल आरोपी को पुलिस निगरानी में उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है। वहीं पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी से पूछताछ के आधार पर अन्य मामलों का भी खुलासा हो सकता है।

पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी किन-किन घटनाओं में शामिल रहा है और उसके अन्य साथियों का नेटवर्क कहां तक फैला हुआ है।

अपराधियों के खिलाफ अभियान जारी

रामपुर पुलिस का कहना है कि जिले में अपराध और अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन का कहना है कि आम जनता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

जालौन में ठगी पीड़ितों का प्रदर्शन: “भुगतान करो या सत्ता छोड़ो” के नारों के साथ सत्याग्रह

रिपोर्ट: इरफान पठान

उत्तर प्रदेश के जालौन में ठगी पीड़ित जमाकर्ताओं का गुस्सा एक बार फिर सड़कों पर दिखाई दिया। बड्स एक्ट 2019 लागू होने के कई वर्ष बीत जाने के बावजूद भुगतान न मिलने से नाराज ठगी पीड़ित जमाकर्ता परिवार संगठन ने सत्याग्रह आंदोलन शुरू किया और सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।

प्रदर्शन के दौरान “भुगतान करो या सत्ता छोड़ो” जैसे नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम खुला ज्ञापन भी सौंपा।

भुगतान न मिलने से नाराज हैं जमाकर्ता

प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि उन्होंने विभिन्न कंपनियों और योजनाओं में अपनी जीवनभर की जमा पूंजी निवेश की थी, लेकिन आज तक उन्हें उनका पैसा वापस नहीं मिल पाया। पीड़ित परिवारों का आरोप है कि बड्स एक्ट लागू होने के बाद उन्हें उम्मीद थी कि सरकार उनकी रकम वापस दिलाने के लिए ठोस कदम उठाएगी, लेकिन अभी तक कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई।

कई प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वर्षों से वे न्याय और भुगतान की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा।

सत्याग्रह कर सरकार तक पहुंचाई आवाज

ठगी पीड़ित जमाकर्ता परिवार संगठन के बैनर तले बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए और शांतिपूर्ण तरीके से सत्याग्रह किया। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर सरकार से जल्द भुगतान कराने की मांग की।

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि आर्थिक नुकसान के कारण कई परिवार गंभीर संकट से गुजर रहे हैं। कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि उनकी जमा पूंजी डूबने से परिवार की आर्थिक स्थिति पूरी तरह खराब हो गई है।

प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

आंदोलन के दौरान संगठन की ओर से प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम एक खुला ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में ठगी पीड़ितों को जल्द भुगतान दिलाने, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की मांग की गई।

संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि यदि सरकार जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाती है तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

31 जुलाई को संसद घेराव की चेतावनी

प्रदर्शन के दौरान संगठन की ओर से चेतावनी दी गई कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो 31 जुलाई 2026 को संसद घेराव किया जाएगा। संगठन के नेताओं ने कहा कि देशभर के ठगी पीड़ित परिवार इस आंदोलन में शामिल होंगे।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे लंबे समय से न्याय की उम्मीद में संघर्ष कर रहे हैं और अब आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर पर ले जाने की तैयारी की जा रही है।

बड्स एक्ट को लेकर उठे सवाल

इस आंदोलन के बाद एक बार फिर बड्स एक्ट 2019 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर सवाल उठने लगे हैं। पीड़ितों का कहना है कि कानून बनने के बावजूद उन्हें राहत नहीं मिल पा रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि निवेश से जुड़े मामलों में पीड़ितों को समय पर न्याय और भुगतान दिलाना बेहद जरूरी है, अन्यथा लोगों का भरोसा कमजोर होता है।

प्रशासनिक स्तर पर बनी नजर

प्रदर्शन को देखते हुए स्थानीय प्रशासन भी अलर्ट मोड पर नजर आया। प्रदर्शन स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस बल तैनात किया गया था ताकि कानून व्यवस्था बनी रहे।

फिलहाल ठगी पीड़ित जमाकर्ता परिवार संगठन अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखने की बात कह रहा है। वहीं पीड़ित परिवार सरकार से जल्द समाधान और भुगतान की उम्मीद लगाए बैठे हैं।

अमरोहा में भीषण गर्मी का कहर: पारा 41 डिग्री पार, DM ने जारी की विशेष एडवाइजरी

रिपोर्ट: विशेष संवाददाता

उत्तर प्रदेश के अमरोहा जनपद में भीषण गर्मी और तेज लू ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। जिले में तापमान 41.27 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जिसके बाद जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। बढ़ती गर्मी को देखते हुए जिलाधिकारी डॉ. नितिन गौड़ ने आम जनता के लिए विशेष अपील जारी की है और लोगों से सावधानी बरतने को कहा है।

दोपहर में बाहर निकलने से बचने की सलाह

जिलाधिकारी डॉ. नितिन गौड़ ने लोगों से अपील करते हुए कहा है कि दोपहर के समय अत्यधिक जरूरत न हो तो घर से बाहर निकलने से बचें। उन्होंने कहा कि तेज धूप और लू के कारण स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।

प्रशासन की ओर से लोगों को सलाह दी गई है कि यदि बाहर जाना जरूरी हो तो सिर को गमछे, टोपी या छाते से ढककर ही निकलें। इससे लू से बचाव में काफी मदद मिल सकती है।

लगातार पानी और तरल पदार्थ पीने की अपील

भीषण गर्मी को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से अधिक से अधिक पानी पीने की अपील की है। जिलाधिकारी ने कहा कि शरीर में पानी की कमी न होने दें और समय-समय पर नींबू पानी, छाछ तथा अन्य तरल पदार्थों का सेवन करते रहें।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार गर्मी में शरीर को हाइड्रेट रखना बेहद जरूरी है। पानी की कमी होने पर चक्कर आना, कमजोरी और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।

हल्के और सूती कपड़े पहनने की सलाह

प्रशासन की एडवाइजरी में लोगों को हल्के रंग और सूती कपड़े पहनने की सलाह दी गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे कपड़े शरीर को ठंडा रखने में मदद करते हैं और गर्मी का असर कम होता है।

जिलाधिकारी ने विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों का ध्यान रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि छोटे बच्चों और वृद्ध लोगों पर गर्मी का प्रभाव ज्यादा पड़ता है, इसलिए उन्हें धूप और लू से बचाकर रखें।

लक्षण दिखने पर तुरंत स्वास्थ्य केंद्र जाने के निर्देश

स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि यदि किसी व्यक्ति को चक्कर आना, उल्टी होना, तेज सिरदर्द या अत्यधिक कमजोरी महसूस हो तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में संपर्क करें। लू लगने के लक्षणों को नजरअंदाज करना खतरनाक साबित हो सकता है।

जिला प्रशासन ने स्कूलों, कार्यालयों और अन्य संस्थानों को भी लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए हैं ताकि अधिक से अधिक लोग सावधानी बरत सकें।

पशु-पक्षियों के लिए भी की गई विशेष अपील

जिलाधिकारी ने लोगों से पशु-पक्षियों के लिए भी पानी की व्यवस्था करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि बढ़ती गर्मी में जानवरों और पक्षियों को भी पानी की जरूरत होती है।

लोगों से कहा गया है कि वे अपने घरों की छतों, आंगन और सार्वजनिक स्थानों पर पानी से भरे बर्तन रखें ताकि पशु-पक्षियों को राहत मिल सके।

सार्वजनिक स्थानों पर पेयजल व्यवस्था के निर्देश

प्रशासन ने नगरीय निकायों को भी सार्वजनिक स्थानों पर पेयजल की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। बस स्टैंड, बाजार, चौराहों और अन्य भीड़भाड़ वाले इलाकों में लोगों के लिए पानी उपलब्ध कराने को कहा गया है।

स्थानीय प्रशासन का कहना है कि गर्मी के मौसम में लोगों को राहत देने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।

स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर

भीषण गर्मी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग को भी अलर्ट पर रखा गया है। अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक दवाइयों और चिकित्सा सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

डॉक्टरों का कहना है कि गर्मी के दौरान थोड़ी सी लापरवाही भी गंभीर समस्या पैदा कर सकती है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।

अगले कुछ दिनों तक गर्मी से राहत की उम्मीद कम

मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है। ऐसे में प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने और अनावश्यक रूप से धूप में बाहर न निकलने की अपील की है।

फिलहाल अमरोहा में भीषण गर्मी और लू का असर जारी है और प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

रामपुर में प्रशासन की बड़ी कार्रवाई: ओवरलोड डंपरों पर चला चेकिंग अभियान, 27 वाहन पकड़े गए

रिपोर्ट: शारिक खान, रामपुर

उत्तर प्रदेश के रामपुर में सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। उच्च अधिकारियों के निर्देश पर बुधवार सुबह सिविल लाइंस क्षेत्र में विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया, जिसमें ओवरलोड और नियमों का उल्लंघन करने वाले डंपरों के खिलाफ कार्रवाई की गई।

अजीतपुर ओवरब्रिज के पास चला संयुक्त अभियान

प्राप्त जानकारी के अनुसार जिलाधिकारी रामपुर के निर्देशों के अनुपालन में आज सुबह करीब 6 बजे अजीतपुर ओवरब्रिज के पास संयुक्त चेकिंग अभियान चलाया गया। इस अभियान में कोतवाली सिविल लाइन पुलिस और यात्रीकर विभाग की टीम शामिल रही।

अभियान का नेतृत्व कोतवाल सिविल लाइन और यात्रीकर अधिकारी होरी लाल वर्मा द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। सड़क पर गुजर रहे डंपरों और भारी वाहनों की गहन जांच की गई।

दो ओवरलोड डंपर पकड़े गए

चेकिंग के दौरान दो डंपर ओवरलोड पाए गए। प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों वाहनों को कब्जे में ले लिया। अधिकारियों का कहना है कि ओवरलोड वाहन सड़क हादसों का बड़ा कारण बनते हैं और इससे सड़कें भी क्षतिग्रस्त होती हैं।

इसके अलावा जांच में कई अन्य वाहनों में भी यातायात नियमों का उल्लंघन पाया गया।

25 डंपरों में मिली कई खामियां

अभियान के दौरान कुल 25 अन्य डंपरों में कई तरह की कमियां सामने आईं। अधिकारियों के अनुसार कई वाहनों में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) नहीं लगी हुई थी। वहीं कुछ वाहनों में प्रेशर हॉर्न का इस्तेमाल किया जा रहा था, जो नियमों के खिलाफ माना जाता है।

इसके अलावा कई डंपरों में रेट्रो रिफ्लेक्टिव टेप नहीं लगी मिली और कुछ वाहन चालक सीट बेल्ट लगाए बिना वाहन चलाते पाए गए। सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी को गंभीरता से लेते हुए इन वाहनों को भी कार्रवाई के तहत अजीतपुर पुलिस चौकी, थाना सिविल लाइंस में बंद कराया गया।

करीब साढ़े छह लाख रुपये का लगेगा जुर्माना

प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक पकड़े गए वाहनों से लगभग 6.50 लाख रुपये का प्रशमन शुल्क वसूला जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

चेकिंग अभियान के दौरान वाहन चालकों को सड़क सुरक्षा नियमों की जानकारी भी दी गई और उन्हें नियमों का पालन करने की सलाह दी गई।

वाहन चालकों से की गई अपील

अधिकारियों ने सभी वाहन स्वामियों और चालकों से अपील की कि वे अपने वाहनों में क्षमता से अधिक रेता, बजरी या अन्य सामान न भरें। साथ ही वाहनों को निर्धारित गति सीमा में ही चलाएं ताकि सड़क पर आम लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

प्रशासन ने यह भी कहा कि सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करना सभी की जिम्मेदारी है और नियमों की अनदेखी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन सख्त

रामपुर प्रशासन द्वारा चलाया गया यह अभियान सड़क सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। हाल के दिनों में बढ़ते सड़क हादसों को देखते हुए प्रशासन लगातार ऐसे अभियान चला रहा है।

विशेषज्ञों का कहना है कि ओवरलोडिंग और तेज रफ्तार भारी वाहन सड़क दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण बनते हैं। ऐसे में नियमित चेकिंग अभियान सड़क सुरक्षा के लिए जरूरी हैं।

अभियान आगे भी रहेगा जारी

प्रशासन ने साफ किया है कि यह अभियान केवल एक दिन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आगे भी लगातार जारी रखा जाएगा। नियमों का पालन न करने वाले वाहन चालकों और मालिकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन की इस कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि इससे सड़क पर दुर्घटनाओं में कमी आएगी और यातायात व्यवस्था बेहतर होगी।

जालौन में किसानों का फूटा गुस्सा: प्याज बिक्री की समस्या को लेकर रोड जाम, प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन

रिपोर्ट: विशेष संवाददाता

उत्तर प्रदेश के जालौन जनपद में किसानों की समस्याएं एक बार फिर सड़क पर दिखाई दीं। कोंच तहसील क्षेत्र के ग्राम भेड़ के किसानों ने प्याज की बिक्री न होने से परेशान होकर सड़क जाम कर जोरदार प्रदर्शन किया। किसानों ने प्रशासन और मंडी व्यवस्था के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की।

प्याज न बिकने से परेशान किसान

प्रदर्शन कर रहे किसानों का कहना है कि इस समय उनकी प्याज तैयार है, लेकिन कोई व्यापारी फसल खरीदने नहीं आ रहा। किसानों के मुताबिक मंडियों में भी उन्हें उचित व्यवस्था नहीं मिल रही, जिससे उनकी मेहनत पर संकट खड़ा हो गया है।

किसानों ने आरोप लगाया कि बड़ी मेहनत और लागत से तैयार की गई प्याज खेतों में पड़ी खराब हो रही है, लेकिन प्रशासन उनकी समस्याओं की ओर ध्यान नहीं दे रहा। इससे किसानों में भारी नाराजगी देखने को मिली।

मंडी कर्मियों पर लगाए गंभीर आरोप

किसानों ने मंडी समिति के कर्मचारियों पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब वे अपनी फसल बेचने मंडी पहुंचते हैं तो उनसे गेट पास मांगा जाता है। किसानों का आरोप है कि जिनके पास गेट पास नहीं होता, उनसे कथित रूप से घूस की मांग की जाती है।

ग्रामीणों का कहना है कि इस व्यवस्था के कारण छोटे और गरीब किसानों को सबसे ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। किसानों ने मंडी व्यवस्था में पारदर्शिता लाने और दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

सड़क पर उतरे किसान, किया रोड जाम

समस्या का समाधान न होने से नाराज किसानों ने सड़क पर उतरकर रोड जाम कर दिया। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और जल्द समाधान की मांग की।

रोड जाम होने के कारण कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। मौके पर मौजूद लोगों ने किसानों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन किसान अपनी मांगों पर अड़े रहे।

प्रशासन से लगाई समाधान की गुहार

किसानों का कहना है कि यदि जल्द उनकी प्याज की खरीद शुरू नहीं कराई गई और मंडी में भ्रष्टाचार पर रोक नहीं लगी, तो आंदोलन और बड़ा किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर किसानों को राहत देने की मांग की।

कई किसानों ने कहा कि खेती में लगातार बढ़ती लागत और बाजार में सही दाम न मिलने से किसान आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। ऐसे में फसल बिक्री में बाधाएं उनकी परेशानियों को और बढ़ा रही हैं।

स्थानीय किसानों में बढ़ रहा आक्रोश

ग्रामीण क्षेत्र में किसानों के बीच इस मुद्दे को लेकर भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। किसानों का कहना है कि सरकार और प्रशासन को किसानों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल करना चाहिए।

प्रदर्शन कर रहे किसानों ने चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया गया तो वे आगे भी आंदोलन जारी रखेंगे।

मंडी व्यवस्था पर उठे सवाल

इस घटना के बाद मंडी व्यवस्था और किसानों को मिलने वाली सुविधाओं पर सवाल खड़े हो रहे हैं। किसानों का कहना है कि उन्हें अपनी उपज बेचने के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है, जो बेहद चिंताजनक स्थिति है।

विशेषज्ञों का मानना है कि किसानों को समय पर बाजार और उचित मूल्य उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है, अन्यथा किसानों की आर्थिक स्थिति और कमजोर हो सकती है।

प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार

फिलहाल प्रदर्शन और रोड जाम की सूचना मिलने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों की नजर पूरे मामले पर बनी हुई है। किसानों को उम्मीद है कि उनकी समस्याओं का जल्द समाधान निकाला जाएगा और प्याज खरीद की व्यवस्था सुचारु रूप से शुरू कराई जाएगी।

बागपत में बिजली कटौती से बढ़ी किसानों और ग्रामीणों की परेशानी, चार गांव प्रभावित

रिपोर्ट: वीरेंद्र तोमर, बागपत

उत्तर प्रदेश के बागपत जनपद में लगातार हो रही बिजली कटौती ने किसानों और ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। विशेष रूप से बड़ावद फीडर क्षेत्र के ग्रामीण लंबे समय से अनियमित विद्युत आपूर्ति से परेशान हैं। किसानों का आरोप है कि उन्हें पर्याप्त बिजली नहीं मिल पा रही है, जिससे खेती और दैनिक जीवन दोनों प्रभावित हो रहे हैं।

किसानों को केवल तीन घंटे मिल रही बिजली

ग्रामीणों के अनुसार क्षेत्र में किसानों को मात्र तीन घंटे ही बिजली आपूर्ति दी जा रही है। इस वजह से खेतों की सिंचाई प्रभावित हो रही है और फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका बढ़ गई है। गर्मी के मौसम में पानी की जरूरत अधिक होने के कारण किसान काफी चिंतित दिखाई दे रहे हैं।

कई किसानों का कहना है कि बिजली की अनियमित सप्लाई के कारण उन्हें रात-रात भर खेतों में इंतजार करना पड़ता है। बावजूद इसके सिंचाई का काम समय पर पूरा नहीं हो पा रहा है।

ग्रामीणों को भी झेलनी पड़ रही परेशानी

ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले लोगों का आरोप है कि उन्हें भी केवल आठ घंटे बिजली मिल रही है। लगातार हो रही कटौती के कारण घरों में पेयजल, पंखे, कूलर और अन्य जरूरी उपकरण प्रभावित हो रहे हैं। भीषण गर्मी में लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

महिलाओं और बुजुर्गों का कहना है कि बार-बार बिजली जाने से घरेलू कामकाज भी प्रभावित हो रहा है। बच्चों की पढ़ाई पर भी इसका असर पड़ रहा है।

चार गांवों के लोग सबसे ज्यादा परेशान

बताया जा रहा है कि बड़ावद फीडर से जुड़े चार गांव बिजली संकट से सबसे अधिक प्रभावित हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा है।

लोगों का कहना है कि विद्युत विभाग के अधिकारी और कर्मचारी शिकायतों को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। ग्रामीणों ने विभागीय कर्मचारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जल्द समाधान की मांग की है।

फसलों पर पड़ रहा असर

क्षेत्र के किसानों का कहना है कि इस समय खेतों में सिंचाई बेहद जरूरी है। पर्याप्त बिजली नहीं मिलने से ट्यूबवेल सही तरीके से नहीं चल पा रहे हैं, जिससे फसलें सूखने लगी हैं। किसानों को डर है कि यदि जल्द व्यवस्था नहीं सुधरी तो उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

कई किसानों ने बताया कि निजी साधनों से सिंचाई कराना काफी महंगा पड़ रहा है, जिससे खेती की लागत बढ़ती जा रही है।

शिकायतों के बाद भी नहीं हो रहा समाधान

ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार विद्युत विभाग के अधिकारियों से संपर्क किया, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। लोगों का आरोप है कि हर बार केवल आश्वासन दिया जाता है, जबकि कटौती लगातार जारी रहती है।

स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

ग्रामीणों ने प्रशासन से लगाई गुहार

बिजली संकट से परेशान ग्रामीणों और किसानों ने जिला प्रशासन और विद्युत विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग की है। लोगों का कहना है कि गर्मी के मौसम में नियमित बिजली आपूर्ति बेहद जरूरी है और विभाग को इस समस्या का स्थायी समाधान निकालना चाहिए।

ग्रामीणों ने मांग की है कि किसानों को पर्याप्त समय तक बिजली दी जाए ताकि सिंचाई कार्य प्रभावित न हो और गांवों में भी नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।

बढ़ती गर्मी में लोगों की परेशानी दोगुनी

इन दिनों प्रदेश में तापमान लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में लंबे समय तक बिजली कटौती लोगों के लिए बड़ी समस्या बनती जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि बिजली संकट के कारण लोगों का जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है।

फिलहाल क्षेत्र के लोग बिजली व्यवस्था में सुधार की उम्मीद लगाए बैठे हैं और प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।

धामपुर में भीषण सड़क हादसा: कार और ट्रक की आमने-सामने टक्कर, पांच लोग गंभीर घायल

रिपोर्ट: राकेश कुमार, बिजनौर

उत्तर प्रदेश के बिजनौर जनपद के धामपुर थाना क्षेत्र में मंगलवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। शीला टॉकीज के पास कार और ट्रक की आमने-सामने की जोरदार भिड़ंत में कार सवार पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई।

तेज रफ्तार ट्रक से हुई जोरदार भिड़ंत

मिली जानकारी के अनुसार अमित पुत्र जगराम सिंह निवासी कांठ अपनी कार से धामपुर की ओर आ रहे थे। कार में उनके साथ विवेक गौतम पुत्र सुखराम गौतम निवासी स्योहारा, हरीश पुत्र बाबूराम निवासी स्योहारा, सुरेंद्र और उनकी पत्नी कृष्णा भी सवार थे।

बताया जा रहा है कि जैसे ही कार शीला टॉकीज के पास पहुंची, तभी सामने से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक से उसकी आमने-सामने की टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे की आवाज सुनकर आसपास के लोग तुरंत मौके की ओर दौड़ पड़े।

हादसे के बाद मची अफरा-तफरी

दुर्घटना के तुरंत बाद सड़क पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। राहगीरों और स्थानीय लोगों ने घायल यात्रियों को बचाने का प्रयास शुरू किया। कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी थी, जिसके कारण घायलों को बाहर निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसा इतना भीषण था कि कुछ देर के लिए सड़क पर यातायात भी प्रभावित हो गया। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस और एम्बुलेंस को सूचना दी।

पुलिस और 108 एम्बुलेंस ने संभाला मोर्चा

घटना की जानकारी मिलते ही धामपुर थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस टीम ने स्थानीय लोगों की मदद से कार में फंसे घायलों को बाहर निकाला। इसके बाद 108 एम्बुलेंस की सहायता से सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धामपुर पहुंचाया गया।

डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद घायलों की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए निजी अस्पताल रेफर कर दिया। बताया जा रहा है कि कुछ घायलों की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।

पुलिस ने शुरू की जांच

हादसे के बाद पुलिस ने ट्रक को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और लापरवाही को दुर्घटना का कारण माना जा रहा है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि हादसे के समय ट्रक चालक की स्थिति क्या थी और दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर अक्सर तेज रफ्तार वाहनों की वजह से दुर्घटनाएं होती रहती हैं। लोगों ने प्रशासन से सड़क सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाने की मांग की है।

क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हादसा

धामपुर में हुए इस भीषण सड़क हादसे की चर्चा पूरे क्षेत्र में होती रही। हादसे की तस्वीरें और वीडियो सोशल Media पर भी तेजी से वायरल होने लगे। लोगों ने घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सड़क पर बढ़ती लापरवाही और तेज रफ्तार वाहनों के कारण दुर्घटनाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। लोगों ने वाहन चालकों से सावधानीपूर्वक ड्राइविंग करने की अपील की है।

सड़क सुरक्षा को लेकर उठे सवाल

इस हादसे के बाद एक बार फिर सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि तेज रफ्तार, लापरवाही और यातायात नियमों की अनदेखी सड़क दुर्घटनाओं की सबसे बड़ी वजह बनती जा रही है।

प्रशासन द्वारा समय-समय पर सड़क सुरक्षा अभियान चलाए जाते हैं, लेकिन इसके बावजूद हादसों में कमी नहीं आ रही है। ऐसे में जरूरत है कि वाहन चालक नियमों का पालन करें और सतर्कता के साथ वाहन चलाएं।

समय रहते बच गई पांच जिंदगियां

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि यदि पुलिस और एम्बुलेंस समय पर मौके पर नहीं पहुंचती तो हादसा और भी गंभीर हो सकता था। राहत और बचाव कार्य तेजी से होने के कारण सभी घायलों को समय पर अस्पताल पहुंचाया जा सका।

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।

धामपुर शुगर मिल की अनूठी पहल: भीषण गर्मी में राहगीरों को पिलाया मीठा शरबत

रिपोर्ट: राकेश कुमार, बिजनौर

उत्तर प्रदेश के बिजनौर जनपद के धामपुर में मंगलवार के पावन अवसर पर समाजसेवा और जनकल्याण की एक प्रेरणादायक तस्वीर देखने को मिली। भीषण गर्मी और तेज धूप के बीच धामपुर शुगर मिल प्रबंधन द्वारा राहगीरों के लिए मीठे शरबत वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस सेवा कार्य की स्थानीय लोगों ने जमकर सराहना की।

मुख्य चौराहे पर लगाया गया शरबत वितरण शिविर

धामपुर शुगर मिल गेट के सामने स्थित मुख्य चौराहे पर सुबह से ही शरबत वितरण शिविर लगाया गया, जहां बड़ी संख्या में राहगीरों, वाहन चालकों और स्थानीय लोगों को ठंडा मीठा शरबत पिलाया गया। गर्मी से राहत देने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम में लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

तेज धूप और बढ़ते तापमान के बीच यह पहल राहगीरों के लिए काफी राहतभरी साबित हुई। कार्यक्रम के दौरान लोगों की लंबी कतारें देखने को मिलीं और हर व्यक्ति ने शुगर मिल प्रबंधन के इस प्रयास की प्रशंसा की।

उपाध्यक्ष आशीष शर्मा के नेतृत्व में हुआ आयोजन

यह सामाजिक सेवा कार्यक्रम धामपुर शुगर मिल के उपाध्यक्ष आशीष शर्मा के नेतृत्व में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में शुगर मिल के अधिकारी, कर्मचारी और श्रमिक यूनियन के प्रतिनिधियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

आशीष शर्मा ने स्वयं अपने हाथों से लोगों को शरबत पिलाकर सेवा भावना का परिचय दिया। उन्होंने उपस्थित लोगों से अपील की कि समाजहित और मानव सेवा से जुड़े कार्यों में सभी को आगे आना चाहिए। उनके इस व्यवहार ने लोगों का दिल जीत लिया।

सामाजिक दायित्व निभाने के लिए प्रतिबद्ध है शुगर मिल

कार्यक्रम के दौरान आशीष शर्मा ने कहा कि धामपुर शुगर मिल केवल औद्योगिक गतिविधियों तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज और जनहित के कार्यों में भी अपनी सक्रिय भागीदारी निभाता रहा है। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में राहगीरों की सुविधा और राहत के लिए इस प्रकार के सेवा कार्य समय-समय पर आयोजित किए जाते रहेंगे।

उन्होंने यह भी कहा कि जनकल्याण से जुड़े किसी भी कार्य में धामपुर शुगर मिल प्रबंधन कभी पीछे नहीं हटेगा। समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाना संस्थान की प्राथमिकताओं में शामिल है।

सेवा कार्य में अधिकारियों और कर्मचारियों ने निभाई अहम भूमिका

शरबत वितरण कार्यक्रम में मिल के कई अधिकारी, कर्मचारी और श्रमिक प्रतिनिधि मौजूद रहे। सभी ने मिलकर राहगीरों को शरबत पिलाया और सेवा कार्य में योगदान दिया।

कार्यक्रम में अभय शर्मा, इंजीनियर हेड विकास अग्रवाल, सत्यवीर सिंह, शैलेंद्र शर्मा, योगेंद्र सिंह, विनोद राणा, पंडित सुनील शास्त्री, अजय अग्रवाल, विशेष शर्मा बब्बू, धर्मेंद्र सिंह, अर्जुन सिंह, राजेंद्र सिंह, शरद गहलोत, विवेक सिंह यादव, भुवनेश, अंकित सिंह, गोविंद अग्रवाल, श्याम अग्रवाल, सनी, वीरेंद्र सुपरवाइजर, पवन ठेकेदार, राने सिंह, सुरजन सिंह, सरदार रणजीत सिंह, लविश, राजेश कश्यप, लायक राम और राजेश पप्पू सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।

स्थानीय लोगों ने की पहल की सराहना

धामपुर क्षेत्र के लोगों ने शुगर मिल की इस पहल को सराहनीय बताया। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बढ़ती गर्मी में इस तरह के सेवा कार्य लोगों को राहत देने के साथ-साथ समाज में सकारात्मक संदेश भी देते हैं।

राहगीरों ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन से लोगों में सेवा और सहयोग की भावना मजबूत होती है। कई लोगों ने शुगर मिल प्रबंधन का धन्यवाद भी किया और कहा कि निजी संस्थानों को भी सामाजिक जिम्मेदारियों के तहत ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने चाहिए।

गर्मी में राहत देने वाली पहल बनी चर्चा का विषय

इन दिनों उत्तर प्रदेश के कई जिलों में तापमान लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में सड़क पर सफर करने वाले लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए धामपुर शुगर मिल द्वारा आयोजित यह शरबत वितरण कार्यक्रम लोगों के लिए राहत का कारण बना।

कार्यक्रम पूरे दिन क्षेत्र में चर्चा का विषय बना रहा और लोगों ने इसे एक सकारात्मक सामाजिक पहल के रूप में देखा। कई सामाजिक संगठनों ने भी इस कार्य की प्रशंसा करते हुए भविष्य में इसी तरह के आयोजन करने की बात कही।

समाजसेवा के जरिए दिया सकारात्मक संदेश

धामपुर शुगर मिल द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम केवल शरबत वितरण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने समाज में सेवा, सहयोग और मानवता का संदेश भी दिया। भीषण गर्मी के बीच राहगीरों को राहत पहुंचाने का यह प्रयास लोगों के दिलों को छू गया।

स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि समाज के सभी सक्षम संस्थान और संगठन इस प्रकार के जनहित कार्यों में भागीदारी निभाएं, तो जरूरतमंद लोगों को काफी राहत मिल सकती है। धामपुर शुगर मिल की यह पहल सामाजिक जिम्मेदारी का एक बेहतरीन उदाहरण बनकर सामने आई है।