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आर्थिक तंगी बनी थी बेटी की शादी में बाधा, विचित्र पहल शाखा ने बढ़ाया मदद का हाथ

रिपोर्टर: श्याम सिंह

आर्थिक संकट के बीच मिली समाज की संवेदनशील पहल

औरैया जनपद के भरसेन गांव में एक जरूरतमंद परिवार की बेटी के विवाह को लेकर आर्थिक परेशानियां सामने थीं। परिवार सीमित संसाधनों के कारण विवाह की तैयारियों को लेकर चिंता में था। ऐसे समय में सामाजिक संस्था विचित्र पहल शाखा की टीम ने आगे बढ़कर परिवार की सहायता की और बेटी के विवाह में सहयोग प्रदान किया।

संस्था के इस मानवीय प्रयास से आर्थिक रूप से कमजोर परिवार को बड़ी राहत मिली और उनके चेहरों पर खुशी लौट आई।

7 जुलाई को संपन्न होगा लक्ष्मी और विपिन का विवाह

जानकारी के अनुसार भरसेन गांव निवासी लक्ष्मी का विवाह आगामी 7 जुलाई को विपिन के साथ संपन्न होना है। विवाह की तैयारियों के बीच परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा था, जिससे आवश्यक व्यवस्थाएं करना कठिन हो रहा था।

परिवार की स्थिति की जानकारी मिलने पर विचित्र पहल शाखा की टीम स्वयं गांव पहुंची और विवाह के लिए आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया। संस्था के सदस्यों ने परिवार का उत्साह बढ़ाते हुए हरसंभव मदद का भरोसा भी दिलाया।

मदद मिलने से परिवार में लौटी खुशी

सामाजिक सहयोग मिलने के बाद परिवार के सदस्यों ने संस्था के प्रति आभार व्यक्त किया। उनका कहना था कि आर्थिक कठिनाइयों के कारण वे काफी चिंतित थे, लेकिन समाज के सहयोग ने उनकी बड़ी चिंता दूर कर दी।

गांव के लोगों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास समाज में सहयोग और मानवता की भावना को मजबूत करते हैं। जरूरतमंद परिवारों के लिए इस प्रकार का सहयोग प्रेरणादायक उदाहरण है।

सामाजिक जिम्मेदारी निभा रही संस्था

विचित्र पहल शाखा के सदस्यों ने बताया कि संस्था समय-समय पर जरूरतमंद परिवारों की सहायता के लिए आगे आती रही है। उनका उद्देश्य केवल आर्थिक मदद देना नहीं, बल्कि समाज में सहयोग, संवेदनशीलता और एक-दूसरे के प्रति जिम्मेदारी की भावना को बढ़ावा देना भी है।

संस्था का मानना है कि यदि समाज के सक्षम लोग जरूरतमंद परिवारों की मदद के लिए आगे आएं तो कई परिवारों की मुश्किलें आसानी से कम हो सकती हैं।

ग्रामीणों ने की सराहना

गांव भरसेन के ग्रामीणों ने संस्था के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्य समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत बनते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी इसी प्रकार जरूरतमंद लोगों की सहायता का सिलसिला जारी रहेगा।

ग्रामीणों का कहना है कि बेटी का विवाह किसी भी परिवार के लिए महत्वपूर्ण अवसर होता है और ऐसे समय में सामाजिक सहयोग मिलना परिवार को नई उम्मीद देता है।

निष्कर्ष

औरैया के भरसेन गांव में आर्थिक तंगी से जूझ रहे एक परिवार की बेटी के विवाह में विचित्र पहल शाखा द्वारा किया गया सहयोग सामाजिक एकता और मानवीय संवेदनाओं का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर सामने आया है। आगामी 7 जुलाई को लक्ष्मी और विपिन का विवाह संपन्न होगा। परिवार ने सहयोग करने वाले सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस मदद ने उनकी बड़ी चिंता दूर कर दी और अब वे खुशी के साथ विवाह की तैयारियों में जुटे हैं।

हैदरगढ़ के एसडीएम राजेश कुमार विश्वकर्मा को भावभीनी विदाई, सम्मान समारोह में भावुक हुआ माहौल

रिपोर्टर: मोहम्मद नसीम

हैदरगढ़ तहसील में आयोजित हुआ भव्य विदाई समारोह

बाराबंकी जनपद की हैदरगढ़ तहसील में शनिवार को उपजिलाधिकारी राजेश कुमार विश्वकर्मा के स्थानांतरण के अवसर पर एक भव्य एवं भावपूर्ण विदाई समारोह का आयोजन किया गया। तहसील सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों, कर्मचारियों, अधिवक्ताओं, किसान संगठनों, व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों, जनप्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में क्षेत्रीय नागरिकों ने भाग लिया।

समारोह के दौरान सभी ने पुष्पगुच्छ, अंगवस्त्र और स्मृति-चिह्न भेंट कर एसडीएम राजेश कुमार विश्वकर्मा को सम्मानित किया। पूरे कार्यक्रम के दौरान सभागार तालियों की गड़गड़ाहट और भावनात्मक माहौल से गूंजता रहा।

भावुक कर गया विदाई समारोह

कार्यक्रम के दौरान नायब तहसीलदार रामजी द्विवेदी ने अपने संबोधन में भावुक शब्दों के साथ कहा, “कोई अलविदा ना कहना… कोई अलविदा ना कहना…”। उनके इन शब्दों ने उपस्थित लोगों को भावुक कर दिया और कुछ समय के लिए सभागार में भावनात्मक वातावरण बन गया।

कार्यक्रम में मौजूद कई लोगों ने एसडीएम के साथ बिताए गए प्रशासनिक अनुभवों को साझा किया और उनके सरल स्वभाव तथा कार्यशैली की सराहना की।

कार्यकाल की उपलब्धियों का किया उल्लेख

अपने संबोधन में एसडीएम राजेश कुमार विश्वकर्मा ने कहा कि उन्होंने अपने पूरे कार्यकाल में निष्पक्ष, पारदर्शी और ईमानदार प्रशासन देने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं का समयबद्ध समाधान उनकी प्राथमिकता रही।

उन्होंने जानकारी दी कि उनके कार्यकाल के दौरान न्यायालय के माध्यम से लगभग 2200 लंबित मुकदमों का निस्तारण किया गया। इससे किसानों, गरीबों और आम नागरिकों को समय पर न्याय दिलाने का प्रयास सफल हुआ। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य हमेशा आम जनता को सरल और प्रभावी सेवाएं उपलब्ध कराना होना चाहिए।

जनता के स्नेह को बताया सबसे बड़ी पूंजी

राजेश कुमार विश्वकर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि हैदरगढ़ में कार्य करते हुए उन्हें जनता का भरपूर सहयोग और स्नेह मिला। उन्होंने कहा कि यहां के लोगों का विश्वास और अपनापन उनके जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक रहेगा।

उन्होंने सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और नागरिकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि किसी भी प्रशासनिक अधिकारी की सफलता टीमवर्क और जनता के सहयोग से ही संभव होती है।

नवागत एसडीएम ने दी शुभकामनाएं

समारोह में नवागत उपजिलाधिकारी मधुमिता सिंह ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने राजेश कुमार विश्वकर्मा को नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उन्होंने हैदरगढ़ में उत्कृष्ट प्रशासनिक कार्य किए हैं।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि अपने नए कार्यक्षेत्र रामसनेहीघाट में भी वे उसी समर्पण, ईमानदारी और कार्यकुशलता के साथ जनता की सेवा करेंगे तथा प्रशासनिक दायित्वों का सफलतापूर्वक निर्वहन करेंगे।

जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने की सराहना

समारोह में मौजूद जनप्रतिनिधियों, अधिवक्ताओं, व्यापारियों और किसान संगठनों के प्रतिनिधियों ने कहा कि राजेश कुमार विश्वकर्मा का कार्यकाल त्वरित न्याय, प्रभावी जनसुनवाई, सरल व्यवहार और जनसेवा के लिए लंबे समय तक याद रखा जाएगा।

वक्ताओं ने कहा कि उन्होंने प्रशासन और जनता के बीच बेहतर संवाद स्थापित करने का प्रयास किया, जिससे लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान में काफी सुविधा मिली।

सम्मान और शुभकामनाओं के साथ हुई विदाई

समारोह के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने एसडीएम राजेश कुमार विश्वकर्मा को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। अधिकारियों, कर्मचारियों और नागरिकों ने उन्हें सम्मानपूर्वक विदाई देते हुए उनके नए दायित्व में सफलता की कामना की।

यह विदाई समारोह केवल एक प्रशासनिक अधिकारी के स्थानांतरण का अवसर नहीं था, बल्कि उनके कार्यकाल के दौरान किए गए कार्यों, जनसेवा के प्रति समर्पण और जनता के साथ बने आत्मीय संबंधों का सम्मान भी था। उपस्थित लोगों ने विश्वास व्यक्त किया कि वे भविष्य में भी अपनी कार्यशैली और ईमानदार प्रशासन के माध्यम से नई जिम्मेदारियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते रहेंगे।

बागपत में युवती से कथित छेड़छाड़ का विरोध करने पर मारपीट, सोशल मीडिया पर इंसाफ की गुहार

रिपोर्टर: वीरेंद्र तोमर

बागपत से सामने आया संवेदनशील मामला

उत्तर प्रदेश के बागपत जनपद से एक संवेदनशील मामला सामने आया है, जहां एक युवती ने आरोप लगाया है कि उसके साथ कथित छेड़छाड़ की गई। पीड़िता का कहना है कि जब उसने इस घटना का विरोध किया तो आरोपियों ने उसके साथ अभद्र व्यवहार किया और बाद में उसके बुजुर्ग माता-पिता के साथ भी मारपीट की। इस घटना के बाद इलाके में चर्चा का माहौल बना हुआ है।

यह मामला सिंघावली अहीर थाना क्षेत्र के लुहारा गांव का बताया जा रहा है। घटना की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।

पीड़िता ने सोशल मीडिया के माध्यम से लगाई न्याय की गुहार

घटना के बाद पीड़िता ने सोशल मीडिया के माध्यम से एक वीडियो जारी कर न्याय की मांग की है। वीडियो में उसने अपनी आपबीती बताते हुए संबंधित अधिकारियों से निष्पक्ष कार्रवाई की अपील की है। सोशल मीडिया पर यह वीडियो तेजी से साझा किया जा रहा है, जिसके बाद मामला लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया।

हालांकि, वीडियो में किए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि सभी तथ्यों की निष्पक्ष जांच की जा रही है।

मारपीट का वीडियो भी वायरल

घटना से जुड़ा एक अन्य वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें कथित तौर पर मारपीट की घटना दिखाई दे रही है। वायरल वीडियो के आधार पर पुलिस ने मामले की तफ्तीश शुरू कर दी है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वीडियो की सत्यता की जांच की जा रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि घटना किन परिस्थितियों में हुई और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे।

पुलिस ने शुरू की जांच

सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस ने पूरे मामले को गंभीरता से लिया है। अधिकारियों के अनुसार वायरल वीडियो, पीड़िता के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच की जा रही है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी पक्षों की बात सुनी जाएगी और उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण किया जाएगा।

ग्रामीणों में बनी चर्चा

घटना के बाद गांव में विभिन्न तरह की चर्चाएं हो रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके। ग्रामीणों ने प्रशासन से निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है।

विशेषज्ञों का मानना है कि महिलाओं से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता के साथ त्वरित जांच और उचित कानूनी प्रक्रिया का पालन आवश्यक है। इससे पीड़ित पक्ष का भरोसा बना रहता है और कानून व्यवस्था भी मजबूत होती है।

सोशल मीडिया पर वायरल सामग्री की भी होगी जांच

पुलिस यह भी जांच कर रही है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और अन्य सामग्री वास्तविक घटना से संबंधित हैं या नहीं। अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल साक्ष्यों को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है ताकि पूरे घटनाक्रम की सही तस्वीर सामने आ सके।

निष्कर्ष

बागपत के सिंघावली अहीर थाना क्षेत्र के लुहारा गांव से सामने आए इस मामले में युवती ने कथित छेड़छाड़ और विरोध करने पर अपने तथा अपने बुजुर्ग माता-पिता के साथ मारपीट का आरोप लगाया है। घटना से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस का कहना है कि सभी तथ्यों की पुष्टि के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

हरदोई में गंगा एक्सप्रेसवे पर भीषण सड़क हादसा: स्लीपर बस 30 फीट गहरी खाई में गिरी, 36 यात्री घायल

रिपोर्टर: अनिल कुमार ओझा (ITN News)

हरदोई में बड़ा सड़क हादसा

उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में बुधवार को गंगा एक्सप्रेसवे पर एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया। पचदेवरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक स्लीपर बस अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे लगी सुरक्षा रेलिंग को तोड़ते हुए करीब 30 फीट गहरी खाई में जा गिरी। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई और यात्रियों में चीख-पुकार सुनाई देने लगी। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और प्रशासन को सूचना दी।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार इस दुर्घटना में कुल 36 यात्री घायल हुए हैं। इनमें 12 यात्रियों की हालत गंभीर बताई जा रही है। गंभीर घायलों को प्राथमिक उपचार देने के बाद बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर किया गया है। अन्य घायलों का इलाज नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों में जारी है।

राहत और बचाव में दिखी तत्परता

दुर्घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, एंबुलेंस और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंच गया। स्थानीय ग्रामीणों ने भी बचाव अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कई यात्री बस के अंदर फंसे हुए थे, जिन्हें काफी मशक्कत के बाद सुरक्षित बाहर निकाला गया।

राहत दल ने घायलों को प्राथमिकता के आधार पर अस्पताल भेजना शुरू किया। चिकित्सकों की टीम पहले से ही अस्पताल में तैयार थी, जिससे घायलों का उपचार बिना किसी देरी के शुरू किया जा सका।

हादसे की वजह की हो रही जांच

फिलहाल दुर्घटना के सही कारणों का पता नहीं चल पाया है। पुलिस और संबंधित विभाग पूरे मामले की जांच कर रहे हैं। शुरुआती स्तर पर माना जा रहा है कि बस का संतुलन बिगड़ने के कारण यह हादसा हुआ, हालांकि तकनीकी खराबी या अन्य संभावित कारणों को भी जांच में शामिल किया गया है।

जांच अधिकारी घटनास्थल से साक्ष्य जुटा रहे हैं और बस चालक सहित अन्य लोगों से पूछताछ की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद ही दुर्घटना की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया घटनाक्रम

मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार बस सामान्य गति से आगे बढ़ रही थी, तभी अचानक वह अनियंत्रित हो गई। कुछ ही सेकंड में बस रेलिंग तोड़कर गहरी खाई में जा गिरी। हादसा इतना तेज था कि यात्रियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।

स्थानीय लोगों ने बिना किसी देरी के बस के शीशे तोड़कर अंदर फंसे यात्रियों को बाहर निकालना शुरू किया। बाद में पुलिस और राहत टीम ने बचाव अभियान को व्यवस्थित तरीके से पूरा किया।

अस्पताल में जारी है इलाज

घायलों का इलाज जिला अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में किया जा रहा है। गंभीर रूप से घायल यात्रियों के लिए विशेष चिकित्सा व्यवस्था की गई है। अस्पताल प्रशासन ने आवश्यक दवाइयों और चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की है।

डॉक्टर लगातार मरीजों की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। परिजनों को भी समय-समय पर स्वास्थ्य संबंधी जानकारी दी जा रही है।

सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

इस दुर्घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि लंबी दूरी तय करने वाले वाहनों की नियमित तकनीकी जांच और चालकों को पर्याप्त विश्राम मिलना बेहद जरूरी है।

सुरक्षा नियमों का पालन, निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाना और समय-समय पर वाहन की फिटनेस जांच कराना ऐसे कदम हैं जो इस तरह की घटनाओं को काफी हद तक रोक सकते हैं।

प्रशासन ने दिए आवश्यक निर्देश

घटना के बाद जिला प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करने के निर्देश दिए हैं। यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन ने नागरिकों से भी अपील की है कि सड़क दुर्घटना की स्थिति में घायलों की सहायता करें और तुरंत पुलिस तथा एंबुलेंस सेवा को सूचना दें, ताकि समय रहते राहत और उपचार उपलब्ध कराया जा सके।

निष्कर्ष

हरदोई के गंगा एक्सप्रेसवे पर हुआ यह हादसा सभी के लिए एक गंभीर चेतावनी है। समय पर पहुंचे स्थानीय लोगों, पुलिस और राहत-बचाव टीम की सक्रियता से सभी घायलों को शीघ्र अस्पताल पहुंचाया जा सका। फिलहाल घायलों का इलाज जारी है और प्रशासन दुर्घटना के कारणों की गहन जांच कर रहा है।

उम्मीद की जा रही है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद दुर्घटना की वास्तविक वजह सामने आएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

उर्मिला ऑंख अस्पताल एवं चश्मा घर में आंखों का इलाज व ऑपरेशन की सुविधा उपलब्ध

रिपोर्ट: एकरार खान

गाजीपुर। शादियाबाद मेन रोड के दक्षिण दिशा में स्थित उर्मिला ऑंख अस्पताल एवं चश्मा घर में मरीजों को आंखों से जुड़ी विभिन्न बीमारियों का आधुनिक उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। अस्पताल में आंखों की जांच, चश्मा निर्माण, मोतियाबिंद सहित अन्य नेत्र रोगों के ऑपरेशन की सुविधा उपलब्ध है।

अस्पताल प्रबंधन के अनुसार मोतियाबिंद एवं अन्य नेत्र ऑपरेशन प्रत्येक सोमवार और शुक्रवार को किए जाते हैं, जबकि मरीजों की जांच एवं उपचार प्रतिदिन किया जाता है। अस्पताल में डॉ. विवेक सिंह (MBBS), प्रो. डॉ. संतोष कुमार गुप्ता तथा अनुभवी चिकित्सकों की देखरेख में मरीजों का इलाज किया जा रहा है।

अस्पताल की एक शाखा पल्हना, तरवा रोड, आजमगढ़ में भी संचालित है। यहां प्रत्येक मंगलवार को मरीजों की जांच एवं ऑपरेशन किए जाते हैं। आजमगढ़ शाखा में डॉ. एन.के. सिंह (एम.एस. नेत्र सर्जन) और डॉ. आलोक कुमार (एम.एस. नेत्र सर्जन) अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

अस्पताल प्रबंधन ने लोगों से अपील की है कि आंखों से संबंधित किसी भी प्रकार की समस्या होने पर समय रहते जांच कराएं, ताकि उचित उपचार के माध्यम से आंखों की रोशनी को सुरक्षित रखा जा सके।

प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से बांदा में बढ़ी ऊर्जा क्रांति, 2500 से अधिक परिवारों को मिला लाभ

रिपोर्टर: शुभम सिंह, बांदा

सौर ऊर्जा की ओर तेजी से बढ़ रहा बांदा

प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के माध्यम से उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में सौर ऊर्जा को बढ़ावा मिल रहा है। इस योजना का लाभ उठाकर हजारों परिवार बिजली के बिल का बोझ कम करने में सफल हुए हैं। केंद्र और प्रदेश सरकार द्वारा दी जा रही सब्सिडी के कारण आम नागरिकों के लिए अपने घरों पर रूफटॉप सोलर सिस्टम लगवाना पहले की तुलना में अधिक आसान हो गया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के अनुरूप संबंधित विभाग योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि जिले में योजना के प्रति लोगों का उत्साह लगातार बढ़ रहा है और लाभार्थियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है।

लक्ष्य से आगे बढ़ रहा जिला

अधिकारियों के अनुसार बांदा जिले को वित्तीय वर्ष 2024-25, 2025-26 और 2026-27 के लिए कुल 4,555 लाभार्थियों का लक्ष्य दिया गया है। इसके मुकाबले अब तक 2,527 उपभोक्ता इस योजना का लाभ प्राप्त कर चुके हैं।

विभाग का मानना है कि वर्तमान गति को देखते हुए वित्तीय वर्ष समाप्त होने तक न केवल निर्धारित लक्ष्य पूरा हो जाएगा, बल्कि उससे अधिक परिवारों को भी इस योजना से जोड़ा जा सकेगा। पिछले एक महीने में ही लगभग 200 नए लोगों ने योजना में रुचि दिखाते हुए आवेदन किया है।

कैसे मिलता है योजना का लाभ

प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत इच्छुक उपभोक्ता सबसे पहले ऑनलाइन पंजीकरण कराते हैं। इसके बाद अधिकृत विक्रेता (वेंडर) का चयन किया जाता है, जो सोलर प्लांट लगाने की प्रक्रिया पूरी करता है।

स्थापना कार्य पूरा होने के बाद बिजली विभाग नेट मीटरिंग की प्रक्रिया पूरी करता है। इसके पश्चात प्रणाली को चालू किया जाता है और सब्सिडी के लिए आवेदन किया जाता है। निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद केंद्र और प्रदेश सरकार की ओर से सब्सिडी सीधे पात्र उपभोक्ता को उपलब्ध कराई जाती है।

सरकार दे रही है आकर्षक सब्सिडी

योजना के अंतर्गत विभिन्न क्षमता के सोलर प्लांट पर सरकार आर्थिक सहायता प्रदान करती है।

1 किलोवाट क्षमता के सोलर प्लांट पर लगभग 60 हजार रुपये का खर्च आता है, जिसमें केंद्र सरकार 30 हजार रुपये और उत्तर प्रदेश सरकार 15 हजार रुपये की सब्सिडी प्रदान करती है।

2 किलोवाट क्षमता के प्लांट पर लगभग 1.20 लाख रुपये का खर्च होता है, जिसमें केंद्र सरकार 60 हजार रुपये तथा प्रदेश सरकार 30 हजार रुपये की सहायता उपलब्ध कराती है।

3 किलोवाट से 10 किलोवाट तक की क्षमता वाले संयंत्रों पर केंद्र और राज्य सरकार मिलकर अधिकतम 1.08 लाख रुपये तक की सब्सिडी प्रदान करती हैं।

इस आर्थिक सहायता के कारण आम नागरिकों के लिए सौर ऊर्जा अपनाना अधिक किफायती बन गया है।

बिजली बिल में मिल रही राहत

योजना का लाभ लेने वाले उपभोक्ताओं का कहना है कि रूफटॉप सोलर सिस्टम लगने के बाद उनके मासिक बिजली बिल में उल्लेखनीय कमी आई है। कई परिवारों को घरेलू बिजली की जरूरतों के लिए पारंपरिक बिजली पर निर्भरता भी कम करनी पड़ी है।

विशेषज्ञों का मानना है कि सौर ऊर्जा का उपयोग बढ़ने से न केवल उपभोक्ताओं को आर्थिक लाभ मिलता है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने में भी मदद मिलती है।

हरित ऊर्जा की दिशा में आगे बढ़ता बांदा

योजना के सफल क्रियान्वयन के साथ बांदा जिला हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने वाले प्रमुख जिलों में अपनी पहचान बना रहा है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि आने वाले समय में अधिक से अधिक लोगों को इस योजना से जोड़ने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाए जाएंगे।

योजना के विस्तार से बिजली की बचत, कार्बन उत्सर्जन में कमी और स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

निष्कर्ष

प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना बांदा जिले में तेजी से लोकप्रिय हो रही है। अब तक 2,527 से अधिक परिवार इस योजना से लाभान्वित हो चुके हैं और हजारों लोग बिजली बिल में राहत प्राप्त कर रहे हैं। केंद्र और प्रदेश सरकार की सब्सिडी तथा विभागीय प्रयासों के कारण जिले में सौर ऊर्जा का दायरा लगातार बढ़ रहा है, जिससे हरित और आत्मनिर्भर ऊर्जा व्यवस्था की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है।

बागपत पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल, 25 निरीक्षक और उपनिरीक्षकों के तबादले

रिपोर्टर: विरेन्द्र तोमर, बागपत

कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए प्रशासनिक बदलाव

उत्तर प्रदेश के बागपत जनपद में पुलिस विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार राय ने 25 निरीक्षकों और उपनिरीक्षकों के तबादले करते हुए नई तैनाती के आदेश जारी किए हैं। इस कदम का उद्देश्य जिले में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाना तथा पुलिसिंग को प्रभावी और जवाबदेह बनाना बताया गया है।

कई थानों और चौकियों में नई तैनाती

जारी आदेश के अनुसार बागपत, बड़ौत, बिनौली, छपरौली, खेकड़ा सहित जिले के कई थानों और पुलिस चौकियों में निरीक्षकों एवं उपनिरीक्षकों की नई तैनाती की गई है। प्रशासन का मानना है कि इस बदलाव से पुलिस व्यवस्था में बेहतर समन्वय स्थापित होगा और अपराध नियंत्रण की दिशा में सकारात्मक परिणाम मिलेंगे।

तत्काल कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश

पुलिस अधीक्षक ने सभी स्थानांतरित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से अपने नए तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही उन्हें अपने-अपने क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराध नियंत्रण और आम जनता की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

प्रभावी पुलिसिंग पर रहेगा विशेष फोकस

प्रशासन का कहना है कि समय-समय पर किए जाने वाले ऐसे प्रशासनिक फेरबदल का उद्देश्य पुलिस व्यवस्था को अधिक सक्रिय और प्रभावी बनाना होता है। नई तैनाती के बाद अधिकारियों से अपेक्षा की गई है कि वे अपने क्षेत्रों में बेहतर पुलिसिंग, अपराधों की रोकथाम और जनता के साथ समन्वय स्थापित करते हुए कार्य करें।

जनता की सुरक्षा रहेगी सर्वोच्च प्राथमिकता

बागपत पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखना और अपराध पर प्रभावी नियंत्रण उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। नई जिम्मेदारी संभालने वाले अधिकारियों से उम्मीद की जा रही है कि वे कानून का निष्पक्ष पालन सुनिश्चित करेंगे और लोगों को बेहतर पुलिस सेवाएं उपलब्ध कराएंगे।

निष्कर्ष

बागपत पुलिस विभाग में 25 निरीक्षकों और उपनिरीक्षकों के तबादले को प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस फेरबदल का उद्देश्य कानून-व्यवस्था को और मजबूत करना, पुलिसिंग को अधिक प्रभावी बनाना तथा जिले में सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाए रखना है। सभी स्थानांतरित अधिकारियों को तत्काल अपने नए कार्यस्थल पर कार्यभार संभालने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

दिल्ली-देहरादून हाईवे पर अवैध शराब तस्करी का भंडाफोड़, 150 पेटी हरियाणा मार्का शराब के साथ तस्कर गिरफ्तार

रिपोर्टर: कबीर, मुजफ्फरनगर

आबकारी विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई

मुजफ्फरनगर में आबकारी विभाग और नई मंडी थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने अवैध शराब तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दिल्ली-देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-58) पर 150 पेटी हरियाणा मार्का शराब बरामद की है। कार्रवाई के दौरान एक अशोक लीलैंड पिकअप वाहन को रोककर तलाशी ली गई, जिसमें बड़ी मात्रा में अवैध शराब मिली। पुलिस ने वाहन चालक को गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

मुखबिर की सूचना पर हुई घेराबंदी

पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि हरियाणा से अवैध शराब की खेप उत्तराखंड ले जाई जा रही है। सूचना के आधार पर आबकारी विभाग और नई मंडी थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने दिल्ली-देहरादून हाईवे पर एस्सार पेट्रोल पंप के पास घेराबंदी की।

जांच के दौरान अशोक लीलैंड पिकअप वाहन संख्या UP 12 AT 1524 को रोककर उसकी तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान वाहन से 129 पेटी हरियाणा मार्का देशी शराब और 21 पेटी हरियाणा मार्का अंग्रेजी शराब बरामद हुई। कुल 150 पेटी अवैध शराब को पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया।

चालक गिरफ्तार, पूछताछ में हुआ खुलासा

मौके से गिरफ्तार चालक ने पूछताछ में अपनी पहचान राजेन्द्र उर्फ बॉबी पुत्र मानसिंह निवासी नरेला, दिल्ली (मूल निवासी जालंधर, पंजाब) के रूप में बताई। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह हरियाणा से अवैध शराब की खेप लेकर उत्तराखंड में सप्लाई करने जा रहा था।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस तस्करी नेटवर्क से और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं तथा शराब की आपूर्ति किन क्षेत्रों में की जानी थी।

विभिन्न धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा

पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध थाना नई मंडी में आबकारी अधिनियम तथा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। बरामद शराब और तस्करी में प्रयुक्त पिकअप वाहन को भी कब्जे में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

पूरे नेटवर्क की जांच जारी

अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई अवैध शराब तस्करी के संगठित नेटवर्क के खिलाफ अभियान का हिस्सा है। मामले की गहन जांच की जा रही है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

पुलिस का कहना है कि अवैध शराब के निर्माण, परिवहन और बिक्री में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

अवैध शराब के खिलाफ अभियान रहेगा जारी

आबकारी विभाग और पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सीमावर्ती क्षेत्रों तथा प्रमुख राजमार्गों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। विशेष चेकिंग अभियान के माध्यम से अवैध शराब की तस्करी पर प्रभावी रोक लगाने का प्रयास किया जा रहा है।

अधिकारियों ने कहा कि जनपद में कानून व्यवस्था बनाए रखने और अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए भविष्य में भी इसी प्रकार की संयुक्त कार्रवाई जारी रहेगी।

निष्कर्ष

मुजफ्फरनगर में दिल्ली-देहरादून हाईवे पर हुई इस संयुक्त कार्रवाई में 150 पेटी हरियाणा मार्का अवैध शराब बरामद कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अब पूरे तस्करी नेटवर्क की जांच कर रही है और मामले में शामिल अन्य लोगों की तलाश जारी है। यह कार्रवाई अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ प्रशासन की सख्त कार्रवाई को दर्शाती है।

मुजफ्फरनगर नगर पालिका और सफाई कर्मचारियों के बीच बढ़ा विवाद, अधिकांश मांगें खारिज, हड़ताल पर एस्मा की चेतावनी

रिपोर्टर: कबीर, मुजफ्फरनगर

मांगों को लेकर पालिका और कर्मचारियों के बीच बढ़ा टकराव

मुजफ्फरनगर नगर पालिका परिषद और संयुक्त सफाई कर्मचारी संघर्ष मोर्चा के बीच विभिन्न मांगों को लेकर विवाद गहराता नजर आ रहा है। नगर पालिका प्रशासन ने कर्मचारियों की अधिकांश प्रमुख मांगों को वर्तमान नियमों और शासनादेशों का हवाला देते हुए स्वीकार करने से इनकार कर दिया है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि सावन माह के दौरान आवश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियम (एस्मा) लागू होने के कारण किसी भी प्रकार की हड़ताल को कानून के उल्लंघन के रूप में देखा जाएगा।

आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की नियुक्ति पर पालिका का पक्ष

नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी द्वारा संयुक्त सफाई कर्मचारी संघर्ष मोर्चा को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की नियुक्ति शासन की निर्धारित प्रक्रिया के तहत जेम पोर्टल के माध्यम से चयनित एजेंसी द्वारा की जाती है। ऐसे में कर्मचारियों को सीधे नगर पालिका के अधीन नियुक्त करने का कोई वैधानिक प्रावधान नहीं है।

पालिका प्रशासन ने स्पष्ट किया कि नियुक्ति प्रक्रिया शासन के नियमों के अनुरूप संचालित की जाती है और उसमें स्थानीय स्तर पर परिवर्तन संभव नहीं है।

पीएफ भुगतान में गड़बड़ी पर एजेंसी को नोटिस

आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के भविष्य निधि (पीएफ) भुगतान में कथित अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए नगर पालिका ने संबंधित एजेंसी को नोटिस जारी किया है। प्रशासन के अनुसार मामले की जांच कराई जा रही है और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

इसके अलावा नगर स्वास्थ्य अधिकारी को संबंधित एजेंसी के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने की कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि यदि कोई अनियमितता पाई जाती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जा सके।

वेतन वृद्धि और अतिरिक्त भुगतान की मांग भी खारिज

सफाई कर्मचारियों की वेतन वृद्धि की मांग पर नगर पालिका ने कहा कि वर्तमान में श्रम विभाग के शासनादेश के अनुसार ही वेतन का भुगतान किया जा रहा है। जब तक शासन स्तर से नया आदेश जारी नहीं होता, तब तक वेतन में वृद्धि करना संभव नहीं है।

वहीं छुट्टी के दिन कार्य करने वाले सफाई कर्मचारियों और वाहन चालकों को अतिरिक्त भुगतान देने की मांग भी यह कहते हुए अस्वीकार कर दी गई कि कर्मचारियों को पूरे माह का वेतन दिया जाता है तथा अवकाश के दिन कार्य करने पर अलग से भुगतान का कोई प्रावधान वर्तमान नियमों में उपलब्ध नहीं है।

कर्मचारी संघ के चुनाव पर भी रखी शर्त

सफाई कर्मचारी संघ के चुनाव कराने की मांग पर नगर पालिका प्रशासन ने कहा कि सबसे पहले कर्मचारी संगठन को अपने बाइलॉज उपलब्ध कराने होंगे। इसके बाद कांवड़ मेले की व्यवस्थाएं समाप्त होने पर सभी पक्षों के साथ विचार-विमर्श कर इस विषय में उचित निर्णय लिया जाएगा।

पालिका का कहना है कि किसी भी निर्णय से पहले सभी आवश्यक प्रक्रियाओं और नियमों का पालन किया जाएगा।

हड़ताल पर एस्मा के तहत कार्रवाई की चेतावनी

अधिशासी अधिकारी ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि वर्तमान में सावन माह के दौरान आवश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियम (एस्मा) लागू है। ऐसे में यदि कोई कर्मचारी या संगठन हड़ताल करता है तो इसे कानून का उल्लंघन माना जाएगा और नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।

प्रशासन ने कर्मचारियों से अपील की है कि वे आवश्यक सेवाओं को प्रभावित करने वाले किसी भी कदम से बचें और अपनी मांगों के समाधान के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन करें।

विवाद बढ़ने के आसार

नगर पालिका के जवाब के बाद कर्मचारी संगठन और प्रशासन के बीच विवाद और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। कर्मचारी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं, जबकि प्रशासन का कहना है कि अधिकांश मामलों में शासन के नियमों से बाहर जाकर निर्णय लेना संभव नहीं है।

अब सभी की नजर इस बात पर है कि आने वाले दिनों में दोनों पक्ष बातचीत के माध्यम से समाधान निकालते हैं या विवाद और अधिक गहराता है।

निष्कर्ष

मुजफ्फरनगर नगर पालिका और संयुक्त सफाई कर्मचारी संघर्ष मोर्चा के बीच मांगों को लेकर गतिरोध फिलहाल बरकरार है। पालिका प्रशासन ने अधिकांश मांगों को नियमों का हवाला देते हुए अस्वीकार कर दिया है और हड़ताल की स्थिति में एस्मा के तहत कार्रवाई की चेतावनी भी दी है। ऐसे में आगामी दिनों में दोनों पक्षों के बीच होने वाली बातचीत और प्रशासनिक निर्णयों पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी।

दधेड़ू खुर्द के पास पिकअप की टक्कर से 21 वर्षीय युवक की मौत, परिवार में मचा कोहराम

रिपोर्टर: कबीर, मुजफ्फरनगर

सड़क हादसे में युवक की गई जान

मुजफ्फरनगर के चरथावल थाना क्षेत्र में शनिवार सुबह हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में 21 वर्षीय युवक की मौत हो गई। दधेड़ू खुर्द गांव के पास तेज रफ्तार पिकअप वाहन ने मोटरसाइकिल सवार युवक को टक्कर मार दी। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस एवं एम्बुलेंस को सूचना दी।

बाइक से मुजफ्फरनगर जा रहा था युवक

प्राप्त जानकारी के अनुसार, दधेड़ू खुर्द निवासी 21 वर्षीय नासिर पुत्र नसीम शनिवार सुबह करीब 10 बजे अपनी मोटरसाइकिल से मुजफ्फरनगर की ओर जा रहा था। जैसे ही वह गांव से पहले सड़क किनारे स्थित मस्जिद के समीप पहुंचा, सामने से आ रही तेज रफ्तार पिकअप ने उसकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी।

टक्कर इतनी भीषण थी कि नासिर सड़क पर दूर जा गिरा और गंभीर रूप से घायल हो गया।

अस्पताल में उपचार के दौरान हुई मौत

हादसे की सूचना मिलते ही एम्बुलेंस मौके पर पहुंची और घायल युवक को तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया। चिकित्सकों ने उसे बचाने का हरसंभव प्रयास किया, लेकिन गंभीर चोटों के कारण उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।

परिवार और गांव में शोक का माहौल

युवक की मौत की खबर मिलते ही परिजन जिला अस्पताल पहुंच गए। अपने बेटे की मौत की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। गांव में भी शोक की लहर दौड़ गई और बड़ी संख्या में लोग मृतक के घर पहुंचकर परिजनों को सांत्वना देने लगे।

पुलिस ने शुरू की जांच

घटना की सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। साथ ही दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है और संबंधित वाहन व चालक के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है।

सड़क सुरक्षा को लेकर फिर उठे सवाल

लगातार हो रहे सड़क हादसों के बीच यह घटना एक बार फिर तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण और यातायात नियमों के पालन की आवश्यकता को रेखांकित करती है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से क्षेत्र में सड़क सुरक्षा के प्रभावी इंतजाम करने और तेज गति से वाहन चलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

निष्कर्ष

चरथावल थाना क्षेत्र के दधेड़ू खुर्द के पास हुए इस सड़क हादसे ने एक परिवार से उसका युवा सदस्य छीन लिया। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है। युवक की असमय मौत से पूरे गांव में गहरा शोक व्याप्त है।