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मुजफ्फरनगर नगर पालिका और सफाई कर्मचारियों के बीच बढ़ा विवाद, अधिकांश मांगें खारिज, हड़ताल पर एस्मा की चेतावनी

रिपोर्टर: कबीर, मुजफ्फरनगर

मांगों को लेकर पालिका और कर्मचारियों के बीच बढ़ा टकराव

मुजफ्फरनगर नगर पालिका परिषद और संयुक्त सफाई कर्मचारी संघर्ष मोर्चा के बीच विभिन्न मांगों को लेकर विवाद गहराता नजर आ रहा है। नगर पालिका प्रशासन ने कर्मचारियों की अधिकांश प्रमुख मांगों को वर्तमान नियमों और शासनादेशों का हवाला देते हुए स्वीकार करने से इनकार कर दिया है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि सावन माह के दौरान आवश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियम (एस्मा) लागू होने के कारण किसी भी प्रकार की हड़ताल को कानून के उल्लंघन के रूप में देखा जाएगा।

आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की नियुक्ति पर पालिका का पक्ष

नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी द्वारा संयुक्त सफाई कर्मचारी संघर्ष मोर्चा को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की नियुक्ति शासन की निर्धारित प्रक्रिया के तहत जेम पोर्टल के माध्यम से चयनित एजेंसी द्वारा की जाती है। ऐसे में कर्मचारियों को सीधे नगर पालिका के अधीन नियुक्त करने का कोई वैधानिक प्रावधान नहीं है।

पालिका प्रशासन ने स्पष्ट किया कि नियुक्ति प्रक्रिया शासन के नियमों के अनुरूप संचालित की जाती है और उसमें स्थानीय स्तर पर परिवर्तन संभव नहीं है।

पीएफ भुगतान में गड़बड़ी पर एजेंसी को नोटिस

आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के भविष्य निधि (पीएफ) भुगतान में कथित अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए नगर पालिका ने संबंधित एजेंसी को नोटिस जारी किया है। प्रशासन के अनुसार मामले की जांच कराई जा रही है और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

इसके अलावा नगर स्वास्थ्य अधिकारी को संबंधित एजेंसी के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने की कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि यदि कोई अनियमितता पाई जाती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जा सके।

वेतन वृद्धि और अतिरिक्त भुगतान की मांग भी खारिज

सफाई कर्मचारियों की वेतन वृद्धि की मांग पर नगर पालिका ने कहा कि वर्तमान में श्रम विभाग के शासनादेश के अनुसार ही वेतन का भुगतान किया जा रहा है। जब तक शासन स्तर से नया आदेश जारी नहीं होता, तब तक वेतन में वृद्धि करना संभव नहीं है।

वहीं छुट्टी के दिन कार्य करने वाले सफाई कर्मचारियों और वाहन चालकों को अतिरिक्त भुगतान देने की मांग भी यह कहते हुए अस्वीकार कर दी गई कि कर्मचारियों को पूरे माह का वेतन दिया जाता है तथा अवकाश के दिन कार्य करने पर अलग से भुगतान का कोई प्रावधान वर्तमान नियमों में उपलब्ध नहीं है।

कर्मचारी संघ के चुनाव पर भी रखी शर्त

सफाई कर्मचारी संघ के चुनाव कराने की मांग पर नगर पालिका प्रशासन ने कहा कि सबसे पहले कर्मचारी संगठन को अपने बाइलॉज उपलब्ध कराने होंगे। इसके बाद कांवड़ मेले की व्यवस्थाएं समाप्त होने पर सभी पक्षों के साथ विचार-विमर्श कर इस विषय में उचित निर्णय लिया जाएगा।

पालिका का कहना है कि किसी भी निर्णय से पहले सभी आवश्यक प्रक्रियाओं और नियमों का पालन किया जाएगा।

हड़ताल पर एस्मा के तहत कार्रवाई की चेतावनी

अधिशासी अधिकारी ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि वर्तमान में सावन माह के दौरान आवश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियम (एस्मा) लागू है। ऐसे में यदि कोई कर्मचारी या संगठन हड़ताल करता है तो इसे कानून का उल्लंघन माना जाएगा और नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।

प्रशासन ने कर्मचारियों से अपील की है कि वे आवश्यक सेवाओं को प्रभावित करने वाले किसी भी कदम से बचें और अपनी मांगों के समाधान के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन करें।

विवाद बढ़ने के आसार

नगर पालिका के जवाब के बाद कर्मचारी संगठन और प्रशासन के बीच विवाद और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। कर्मचारी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं, जबकि प्रशासन का कहना है कि अधिकांश मामलों में शासन के नियमों से बाहर जाकर निर्णय लेना संभव नहीं है।

अब सभी की नजर इस बात पर है कि आने वाले दिनों में दोनों पक्ष बातचीत के माध्यम से समाधान निकालते हैं या विवाद और अधिक गहराता है।

निष्कर्ष

मुजफ्फरनगर नगर पालिका और संयुक्त सफाई कर्मचारी संघर्ष मोर्चा के बीच मांगों को लेकर गतिरोध फिलहाल बरकरार है। पालिका प्रशासन ने अधिकांश मांगों को नियमों का हवाला देते हुए अस्वीकार कर दिया है और हड़ताल की स्थिति में एस्मा के तहत कार्रवाई की चेतावनी भी दी है। ऐसे में आगामी दिनों में दोनों पक्षों के बीच होने वाली बातचीत और प्रशासनिक निर्णयों पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी।

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