Homeउत्तर प्रदेशप्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से बांदा में बढ़ी ऊर्जा क्रांति,...

प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से बांदा में बढ़ी ऊर्जा क्रांति, 2500 से अधिक परिवारों को मिला लाभ

रिपोर्टर: शुभम सिंह, बांदा

सौर ऊर्जा की ओर तेजी से बढ़ रहा बांदा

प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के माध्यम से उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में सौर ऊर्जा को बढ़ावा मिल रहा है। इस योजना का लाभ उठाकर हजारों परिवार बिजली के बिल का बोझ कम करने में सफल हुए हैं। केंद्र और प्रदेश सरकार द्वारा दी जा रही सब्सिडी के कारण आम नागरिकों के लिए अपने घरों पर रूफटॉप सोलर सिस्टम लगवाना पहले की तुलना में अधिक आसान हो गया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के अनुरूप संबंधित विभाग योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि जिले में योजना के प्रति लोगों का उत्साह लगातार बढ़ रहा है और लाभार्थियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है।

लक्ष्य से आगे बढ़ रहा जिला

अधिकारियों के अनुसार बांदा जिले को वित्तीय वर्ष 2024-25, 2025-26 और 2026-27 के लिए कुल 4,555 लाभार्थियों का लक्ष्य दिया गया है। इसके मुकाबले अब तक 2,527 उपभोक्ता इस योजना का लाभ प्राप्त कर चुके हैं।

विभाग का मानना है कि वर्तमान गति को देखते हुए वित्तीय वर्ष समाप्त होने तक न केवल निर्धारित लक्ष्य पूरा हो जाएगा, बल्कि उससे अधिक परिवारों को भी इस योजना से जोड़ा जा सकेगा। पिछले एक महीने में ही लगभग 200 नए लोगों ने योजना में रुचि दिखाते हुए आवेदन किया है।

कैसे मिलता है योजना का लाभ

प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत इच्छुक उपभोक्ता सबसे पहले ऑनलाइन पंजीकरण कराते हैं। इसके बाद अधिकृत विक्रेता (वेंडर) का चयन किया जाता है, जो सोलर प्लांट लगाने की प्रक्रिया पूरी करता है।

स्थापना कार्य पूरा होने के बाद बिजली विभाग नेट मीटरिंग की प्रक्रिया पूरी करता है। इसके पश्चात प्रणाली को चालू किया जाता है और सब्सिडी के लिए आवेदन किया जाता है। निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद केंद्र और प्रदेश सरकार की ओर से सब्सिडी सीधे पात्र उपभोक्ता को उपलब्ध कराई जाती है।

सरकार दे रही है आकर्षक सब्सिडी

योजना के अंतर्गत विभिन्न क्षमता के सोलर प्लांट पर सरकार आर्थिक सहायता प्रदान करती है।

1 किलोवाट क्षमता के सोलर प्लांट पर लगभग 60 हजार रुपये का खर्च आता है, जिसमें केंद्र सरकार 30 हजार रुपये और उत्तर प्रदेश सरकार 15 हजार रुपये की सब्सिडी प्रदान करती है।

2 किलोवाट क्षमता के प्लांट पर लगभग 1.20 लाख रुपये का खर्च होता है, जिसमें केंद्र सरकार 60 हजार रुपये तथा प्रदेश सरकार 30 हजार रुपये की सहायता उपलब्ध कराती है।

3 किलोवाट से 10 किलोवाट तक की क्षमता वाले संयंत्रों पर केंद्र और राज्य सरकार मिलकर अधिकतम 1.08 लाख रुपये तक की सब्सिडी प्रदान करती हैं।

इस आर्थिक सहायता के कारण आम नागरिकों के लिए सौर ऊर्जा अपनाना अधिक किफायती बन गया है।

बिजली बिल में मिल रही राहत

योजना का लाभ लेने वाले उपभोक्ताओं का कहना है कि रूफटॉप सोलर सिस्टम लगने के बाद उनके मासिक बिजली बिल में उल्लेखनीय कमी आई है। कई परिवारों को घरेलू बिजली की जरूरतों के लिए पारंपरिक बिजली पर निर्भरता भी कम करनी पड़ी है।

विशेषज्ञों का मानना है कि सौर ऊर्जा का उपयोग बढ़ने से न केवल उपभोक्ताओं को आर्थिक लाभ मिलता है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने में भी मदद मिलती है।

हरित ऊर्जा की दिशा में आगे बढ़ता बांदा

योजना के सफल क्रियान्वयन के साथ बांदा जिला हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने वाले प्रमुख जिलों में अपनी पहचान बना रहा है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि आने वाले समय में अधिक से अधिक लोगों को इस योजना से जोड़ने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाए जाएंगे।

योजना के विस्तार से बिजली की बचत, कार्बन उत्सर्जन में कमी और स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

निष्कर्ष

प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना बांदा जिले में तेजी से लोकप्रिय हो रही है। अब तक 2,527 से अधिक परिवार इस योजना से लाभान्वित हो चुके हैं और हजारों लोग बिजली बिल में राहत प्राप्त कर रहे हैं। केंद्र और प्रदेश सरकार की सब्सिडी तथा विभागीय प्रयासों के कारण जिले में सौर ऊर्जा का दायरा लगातार बढ़ रहा है, जिससे हरित और आत्मनिर्भर ऊर्जा व्यवस्था की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments