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एनएच-44 पर दर्दनाक सड़क हादसा, तेज रफ्तार ट्रक की टक्कर से मासूम समेत दो की मौत

रिपोर्ट: विशेष संवाददाता

ललितपुर में तेज रफ्तार का कहर, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

उत्तर प्रदेश के ललितपुर जनपद में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक सवारों को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे तीन वर्षीय मासूम सहित दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई और आसपास के लोगों की भीड़ जमा हो गई।

घटना सदर कोतवाली क्षेत्र के पटउवां गांव के पास की बताई जा रही है, जहां यह भीषण सड़क दुर्घटना हुई। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और एंबुलेंस टीम मौके पर पहुंच गई और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया।

तेज रफ्तार ट्रक बना हादसे की वजह

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बाइक सवार अपने गंतव्य की ओर जा रहे थे। इसी दौरान पीछे से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सवार सड़क पर दूर जा गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए।

स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। मौके पर पहुंची टीम ने घायलों को संभालने का प्रयास किया, लेकिन तब तक दो लोगों की मौत हो चुकी थी। मृतकों में एक तीन वर्षीय मासूम भी शामिल है, जिससे पूरे इलाके में शोक की लहर फैल गई।

मौके पर मची अफरा-तफरी

हादसे के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। दुर्घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और राहगीर मौके पर पहुंच गए। लोगों ने घायलों को सहायता पहुंचाने का प्रयास किया और पुलिस के पहुंचने तक स्थिति को नियंत्रित रखने में सहयोग किया।

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल यातायात व्यवस्था को सुचारु कराया और दुर्घटनास्थल का निरीक्षण किया।

एंबुलेंस से अस्पताल भेजे गए शव

हादसे में जान गंवाने वाले दोनों मृतकों के शवों को एंबुलेंस की सहायता से अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए शवों को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया।

अस्पताल पहुंचने पर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। मासूम बच्चे की मौत की खबर सुनकर हर कोई भावुक नजर आया। स्थानीय लोगों ने भी इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया।

पुलिस ने शुरू की जांच

घटना की सूचना मिलते ही सदर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस अधिकारियों ने दुर्घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए और प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ की।

प्रारंभिक जांच में हादसे की वजह ट्रक की तेज रफ्तार मानी जा रही है। हालांकि पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। ट्रक चालक की तलाश और वाहन की पहचान के लिए भी कार्रवाई की जा रही है।

सड़क सुरक्षा को लेकर फिर उठे सवाल

इस दर्दनाक हादसे के बाद एक बार फिर सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। राष्ट्रीय राजमार्गों पर लगातार बढ़ रहे सड़क हादसे चिंता का विषय बने हुए हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि निर्धारित गति सीमा का पालन, यातायात नियमों का सख्ती से अनुपालन और वाहन चालकों की सतर्कता ऐसे हादसों को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। वहीं स्थानीय लोगों ने भी दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में सुरक्षा उपाय बढ़ाने की मांग की है।

क्षेत्र में शोक की लहर

तीन वर्षीय मासूम समेत दो लोगों की मौत से पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है। ग्रामीणों ने मृतकों के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए प्रशासन से पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।

निष्कर्ष

ललितपुर के पटउवां गांव के पास एनएच-44 पर हुआ यह सड़क हादसा बेहद दुखद और हृदयविदारक है। तेज रफ्तार ट्रक की टक्कर ने एक मासूम सहित दो जिंदगियां छीन लीं और परिवारों को गहरा सदमा दे दिया। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और दुर्घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा है। यह हादसा सभी वाहन चालकों के लिए सड़क पर सतर्कता और यातायात नियमों के पालन का एक गंभीर संदेश भी देता है।

जिओ टावर पर चढ़कर हंगामा करने वाले युवक पर पुलिस की कार्रवाई, मुकदमा दर्ज कर भेजा गया जेल

रिपोर्ट: शमशाद आलम, ब्यूरो बस्ती

टावर पर चढ़कर मचाया था हंगामा, पुलिस ने की कानूनी कार्रवाई

जनपद बस्ती के हर्रैया थाना क्षेत्र में जिओ टावर पर चढ़कर हंगामा करने और आत्मघाती कदम उठाने की धमकी देने वाले युवक के खिलाफ पुलिस ने कड़ी कार्रवाई की है। थाना हर्रैया पुलिस ने मामले में अभियोग पंजीकृत करते हुए आरोपी युवक को गिरफ्तार कर न्यायालय भेज दिया, जहां से उसे जेल रवाना कर दिया गया।

पुलिस के अनुसार घटना के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की गई और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। साथ ही मामले में अन्य संभावित व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है, जिन्होंने युवक को इस तरह का कदम उठाने के लिए प्रेरित किया हो सकता है।

जमीन और पैसों के विवाद से जुड़ा है मामला

पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार खमरियासुजात गांव निवासी जन्मेजय सिंह उर्फ जय सिंह का अपने बड़े भाई के साथ जमीन और पैसों के लेनदेन को लेकर विवाद चल रहा था। इसी विवाद के चलते युवक मानसिक तनाव में था।

प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि गांव के कुछ लोगों द्वारा उसे भड़काने की बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि इसी दुष्प्रेरणा और नशे की हालत में युवक गांव के बाहर स्थित जिओ टावर पर चढ़ गया और वहां से नीचे कूदने की धमकी देने लगा।

घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए।

शराब के नशे में टावर पर चढ़ा युवक

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार युवक शराब के नशे में था और टावर की ऊंचाई पर पहुंचकर लगातार हंगामा कर रहा था। वह अपने परिजनों और भाई के खिलाफ नाराजगी जाहिर कर रहा था तथा बार-बार नीचे कूदने की धमकी दे रहा था।

युवक द्वारा ऊंचाई से धमकी दिए जाने के कारण आसपास के लोगों में भय का माहौल बन गया। लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा।

पुलिस, फायर ब्रिगेड और ग्रामीणों ने मिलकर बचाई जान

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, फायर ब्रिगेड की टीम तथा प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। काफी देर तक युवक को समझाने का प्रयास किया गया।

पुलिसकर्मियों, फायर ब्रिगेड टीम, परिजनों और ग्रामीणों के संयुक्त प्रयास से आखिरकार युवक को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया। राहत की बात यह रही कि इस पूरी घटना में कोई जनहानि नहीं हुई।

युवक के नीचे आने के बाद पुलिस ने उसे अपने संरक्षण में लिया और आगे की कार्रवाई शुरू की।

स्वास्थ्य परीक्षण के बाद दर्ज किया गया मुकदमा

युवक को सुरक्षित नीचे उतारने के बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हर्रैया ले जाया गया, जहां उसका चिकित्सीय परीक्षण कराया गया। मेडिकल परीक्षण के बाद पुलिस ने घटना से संबंधित तथ्यों को संकलित कर कानूनी कार्रवाई शुरू की।

जांच के उपरांत युवक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया और उसे गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। न्यायालय के आदेश के बाद उसे जेल भेज दिया गया।

टावर कंपनी की सुरक्षा व्यवस्था पर भी उठे सवाल

घटना के बाद टावर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी कई सवाल खड़े हुए हैं। जांच में पाया गया कि टावर परिसर में पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं थे, जिसके कारण कोई भी व्यक्ति आसानी से टावर पर चढ़ सकता था।

पुलिस का कहना है कि टावर संचालित करने वाली कंपनी द्वारा सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन नहीं किया गया। यदि उचित सुरक्षा व्यवस्था होती तो इस प्रकार की घटना को रोका जा सकता था।

इसी आधार पर टावर कंपनी के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है और संबंधित पहलुओं की जांच की जा रही है।

दुष्प्रेरित करने वालों की तलाश जारी

पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले में उन लोगों की भी पहचान की जा रही है जिन्होंने युवक को इस प्रकार का कदम उठाने के लिए उकसाया या प्रेरित किया। जांच के दौरान प्राप्त तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

अधिकारियों का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति की भूमिका घटना को बढ़ावा देने में पाई जाती है तो उसके विरुद्ध भी विधिक कार्रवाई की जाएगी।

सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बनी घटना

घटना के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौके पर मौजूद रहे और कई लोगों ने इसका वीडियो भी बनाया। देखते ही देखते यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया।

स्थानीय लोगों का कहना है कि पारिवारिक विवादों को बातचीत और कानूनी माध्यमों से सुलझाने का प्रयास किया जाना चाहिए। इस प्रकार के कदम न केवल व्यक्ति के लिए बल्कि उसके परिवार और समाज के लिए भी गंभीर परिणाम पैदा कर सकते हैं।

पुलिस ने की लोगों से अपील

हर्रैया पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी विवाद की स्थिति में कानून का सहारा लें और भावनाओं में आकर ऐसा कोई कदम न उठाएं जिससे स्वयं या दूसरों की जान खतरे में पड़ जाए।

पुलिस अधिकारियों ने कहा कि जनसुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

निष्कर्ष

बस्ती के हर्रैया क्षेत्र में जिओ टावर पर चढ़कर हंगामा करने की घटना ने प्रशासन और स्थानीय लोगों को चिंतित कर दिया था। हालांकि पुलिस, फायर ब्रिगेड, परिजनों और ग्रामीणों की सतर्कता से युवक को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।

मामले में पुलिस ने आरोपी युवक के साथ-साथ टावर कंपनी के विरुद्ध भी मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं घटना में शामिल अन्य संभावित लोगों की भूमिका की भी जांच जारी है। यह घटना इस बात का संदेश देती है कि किसी भी विवाद का समाधान कानून और संवाद के माध्यम से ही खोजा जाना चाहिए, न कि ऐसे खतरनाक कदम उठाकर।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जन्मदिवस पर सेवा और पर्यावरण संरक्षण का संदेश, विधायक अजय सिंह ने किया फल वितरण व वृक्षारोपण

रिपोर्ट: शमशाद आलम, ब्यूरो बस्ती

मुख्यमंत्री के जन्मदिवस पर आयोजित हुए जनसेवा कार्यक्रम

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ के जन्मदिवस के अवसर पर जनपद बस्ती में सेवा, समर्पण और पर्यावरण संरक्षण को समर्पित विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस अवसर पर हरैया विधानसभा क्षेत्र के विधायक अजय सिंह ने जिला अस्पताल सदर बस्ती, महिला अस्पताल तथा वृद्धाश्रम बनकटा में पहुंचकर जनकल्याणकारी गतिविधियों में भाग लिया।

कार्यक्रम का उद्देश्य मुख्यमंत्री के जन्मदिवस को समाज सेवा, पर्यावरण संरक्षण और मानव कल्याण के कार्यों के माध्यम से यादगार बनाना था। इस दौरान मरीजों, वृद्धजनों और जरूरतमंद लोगों के बीच फल वितरित किए गए तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए वृक्षारोपण भी किया गया।

जिला अस्पताल में मरीजों का जाना हालचाल

हरैया विधायक अजय सिंह ने जिला अस्पताल सदर बस्ती के विभिन्न वार्डों का निरीक्षण किया और भर्ती मरीजों से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना। उन्होंने मरीजों और उनके परिजनों से बातचीत करते हुए स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली तथा उनकी समस्याएं सुनीं।

विधायक ने कहा कि जनप्रतिनिधि का दायित्व केवल विकास कार्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग की समस्याओं को समझकर उनका समाधान करना भी उसकी जिम्मेदारी है। उन्होंने अस्पताल प्रशासन को निर्देशित किया कि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।

भीषण गर्मी में मरीजों को राहत देने के लिए लगाए गए कूलर

प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी को देखते हुए विधायक अजय सिंह द्वारा जिला अस्पताल के वार्डों में कूलरों की व्यवस्था कराई गई। गर्मी के कारण मरीजों को होने वाली परेशानियों को ध्यान में रखते हुए यह पहल की गई, जिससे अस्पताल में भर्ती लोगों को राहत मिल सके।

अस्पताल पहुंचे लोगों ने इस व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि गर्म मौसम में कूलर की सुविधा मरीजों के लिए काफी उपयोगी साबित होगी। विधायक ने कहा कि मरीजों की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है और भविष्य में भी ऐसी व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने का प्रयास किया जाएगा।

मरीजों और परिजनों के बीच किया गया फल वितरण

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों तथा उनके परिजनों के बीच फल वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। विधायक अजय सिंह ने स्वयं मरीजों को फल वितरित किए और उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की।

इस दौरान उन्होंने कहा कि सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है और जरूरतमंद लोगों की सहायता करना प्रत्येक व्यक्ति का कर्तव्य होना चाहिए। मरीजों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए खुशी व्यक्त की और इसे मानवीय संवेदनाओं से जुड़ा महत्वपूर्ण कार्य बताया।

महिला अस्पताल में भी पहुंचा सेवा का संदेश

जिला अस्पताल के साथ-साथ महिला अस्पताल में भी फल वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। वहां भर्ती महिलाओं और उनके परिजनों को फल वितरित कर स्वास्थ्य एवं सुखद जीवन की शुभकामनाएं दी गईं।

महिला अस्पताल में मौजूद लोगों ने विधायक की इस पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रमों से मरीजों का मनोबल बढ़ता है और उन्हें सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है।

विश्व पर्यावरण दिवस पर वृद्धाश्रम में किया गया वृक्षारोपण

5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर बस्ती के बनकटा स्थित वृद्धाश्रम एवं विद्या आश्रम परिसर में वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। विधायक अजय सिंह ने स्वयं पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

इस दौरान फलदार, छायादार और पर्यावरण के लिए उपयोगी पौधे लगाए गए। वृक्षारोपण कार्यक्रम में भाजपा कार्यकर्ताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा स्थानीय लोगों ने भी भाग लिया और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।

पर्यावरण संरक्षण के लिए लोगों से की अपील

वृक्षारोपण कार्यक्रम के दौरान विधायक अजय सिंह ने कहा कि वर्तमान समय में पर्यावरण संरक्षण सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुका है। बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग जैसी समस्याओं से निपटने के लिए अधिक से अधिक वृक्ष लगाना जरूरी है।

उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए और उसकी देखभाल की जिम्मेदारी भी निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि आज लगाया गया पौधा आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ वातावरण और बेहतर जीवन प्रदान करेगा।

वृद्धजनों के बीच बिताया समय

विधायक अजय सिंह ने वृद्धाश्रम में रह रहे बुजुर्गों से भी मुलाकात की और उनका हालचाल जाना। उन्होंने वृद्धजनों को फल वितरित करते हुए उनके स्वास्थ्य और सुखद जीवन की कामना की।

बुजुर्गों ने विधायक की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि समाज के वरिष्ठ नागरिकों के प्रति सम्मान और संवेदनशीलता का भाव हमेशा बना रहना चाहिए। इस प्रकार के कार्यक्रमों से उन्हें आत्मीयता और अपनापन महसूस होता है।

भाजपा कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों की रही सहभागिता

कार्यक्रम में भाजपा कार्यकर्ताओं, अस्पताल प्रशासन, सामाजिक संगठनों और स्थानीय गणमान्य लोगों की उल्लेखनीय सहभागिता रही। सभी ने मिलकर सेवा और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यक्रमों को सफल बनाने में योगदान दिया।

कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जन्मदिवस को जनसेवा के रूप में मनाने के संकल्प को दोहराते हुए समाजहित के कार्यों को आगे बढ़ाने की बात कही।

निष्कर्ष

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जन्मदिवस और विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर बस्ती में आयोजित कार्यक्रम सेवा, संवेदनशीलता और पर्यावरण संरक्षण का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर सामने आया। हरैया विधायक अजय सिंह द्वारा जिला अस्पताल में फल वितरण, कूलर उपलब्ध कराने तथा बनकटा वृद्धाश्रम में वृक्षारोपण जैसे कार्यों ने समाज में सकारात्मक संदेश देने का काम किया।

यह कार्यक्रम केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं था, बल्कि जनसेवा और पर्यावरण संरक्षण के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रतीक भी बना। समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़ते हुए आयोजित इस पहल ने यह संदेश दिया कि सेवा और प्रकृति संरक्षण के माध्यम से ही एक स्वस्थ, समृद्ध और बेहतर समाज का निर्माण संभव है।

विश्व पर्यावरण दिवस पर बस्ती में हुआ भव्य वृक्षारोपण कार्यक्रम, डीआईजी संजीव त्यागी ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

रिपोर्ट: शमशाद आलम, ब्यूरो

पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास की मिसाल बना कार्यक्रम

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जनपद बस्ती में पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य के संकल्प को मजबूत करने के उद्देश्य से एक भव्य वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। थाना गौर क्षेत्र के बारा छत्तर में आयोजित इस कार्यक्रम में पुलिस प्रशासन, सामाजिक संगठनों और ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि इसमें पुलिस उपमहानिरीक्षक परिक्षेत्र बस्ती संजीव त्यागी स्वयं उपस्थित रहे और उन्होंने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए वृक्षारोपण अभियान की शुरुआत की।

इस अवसर पर मानव सेवा चैरिटेबल ट्रस्ट, पुलिस टीम तथा स्थानीय ग्रामीणों ने मिलकर बड़ी संख्या में पौधे लगाए और पर्यावरण को बचाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल पौधारोपण तक सीमित नहीं था, बल्कि लोगों को प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करना भी था।

डीआईजी ने किया औषधीय एवं फलदार पौधों का रोपण

कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि डीआईजी संजीव त्यागी द्वारा औषधीय एवं फलदार पौधों का रोपण कर की गई। उन्होंने स्वयं पौधे लगाकर उपस्थित लोगों को पर्यावरण संरक्षण के महत्व का संदेश दिया। उनके साथ पुलिस अधिकारियों, ट्रस्ट के पदाधिकारियों और ग्रामीणों ने भी पौधारोपण में भाग लिया।

वृक्षारोपण के दौरान विभिन्न प्रकार के फलदार, छायादार और औषधीय पौधे लगाए गए, ताकि भविष्य में यह क्षेत्र हरियाली से आच्छादित हो सके और स्थानीय लोगों को भी इसका लाभ मिल सके। कार्यक्रम में बच्चों और युवाओं ने भी उत्साहपूर्वक भागीदारी की, जिससे पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता का सकारात्मक संदेश समाज तक पहुंचा।

पर्यावरण बचाना हर नागरिक का कर्तव्य

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डीआईजी संजीव त्यागी ने कहा कि पर्यावरण का संरक्षण केवल सरकार या प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक और सामाजिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि आज लगाया गया एक छोटा सा पौधा आने वाले वर्षों में एक विशाल वृक्ष बनकर न केवल पर्यावरण को शुद्ध करेगा बल्कि आने वाली पीढ़ियों को जीवनदायिनी स्वच्छ हवा भी प्रदान करेगा।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ते प्रदूषण, ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए वृक्षारोपण सबसे प्रभावी उपायों में से एक है। यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन में कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करे तो पर्यावरणीय समस्याओं को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

पेड़-पौधे मानव जीवन के लिए हैं अनिवार्य

अपने संबोधन में डीआईजी ने कहा कि पेड़-पौधे मानव जीवन की आधारशिला हैं। वे न केवल ऑक्सीजन प्रदान करते हैं बल्कि पर्यावरण संतुलन बनाए रखने, जल संरक्षण, तापमान नियंत्रण और जैव विविधता को सुरक्षित रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

उन्होंने कहा कि तेजी से हो रहे शहरीकरण और विकास कार्यों के कारण बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई हो रही है, जिसका प्रतिकूल प्रभाव पर्यावरण पर पड़ रहा है। ऐसे में प्रत्येक व्यक्ति को पौधारोपण के लिए आगे आना चाहिए और वृक्षों के संरक्षण को अपनी प्राथमिकता बनाना चाहिए।

प्लास्टिक और पर्यावरण प्रदूषण पर जताई चिंता

कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण के लिए हानिकारक पदार्थों के बढ़ते उपयोग पर भी चिंता व्यक्त की गई। डीआईजी संजीव त्यागी ने लोगों से प्लास्टिक, कांच और अन्य प्रदूषण फैलाने वाली वस्तुओं के उपयोग को कम करने की अपील की।

उन्होंने कहा कि एकल उपयोग वाले प्लास्टिक उत्पाद पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा बन चुके हैं। यह न केवल मिट्टी और जल स्रोतों को प्रदूषित करते हैं बल्कि पशु-पक्षियों के लिए भी घातक साबित होते हैं। इसलिए सभी नागरिकों को पर्यावरण हितैषी विकल्पों को अपनाना चाहिए और स्वच्छ एवं हरित वातावरण के निर्माण में योगदान देना चाहिए।

ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों की रही सक्रिय भागीदारी

इस अवसर पर मानव सेवा चैरिटेबल ट्रस्ट के सदस्यों ने भी पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला। ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने कहा कि वृक्षारोपण केवल एक दिन का अभियान नहीं होना चाहिए बल्कि इसे जनआंदोलन का रूप दिया जाना चाहिए।

स्थानीय ग्रामीणों ने भी कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर भाग लिया और पौधों की देखभाल का संकल्प लिया। ग्रामीणों ने कहा कि यदि लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल की जाए तो आने वाले वर्षों में यह क्षेत्र हरियाली से भर जाएगा और पर्यावरण संरक्षण का उत्कृष्ट उदाहरण बनेगा।

युवाओं को दिया गया विशेष संदेश

कार्यक्रम के दौरान युवाओं और विद्यार्थियों को विशेष रूप से पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया। उन्हें बताया गया कि भविष्य की पर्यावरणीय चुनौतियों का समाधान केवल जागरूकता और सामूहिक प्रयासों से ही संभव है।

विशेषज्ञों ने कहा कि युवा पीढ़ी यदि अभी से प्रकृति संरक्षण की दिशा में कार्य करेगी तो आने वाले समय में पर्यावरण संबंधी समस्याओं का प्रभाव काफी कम किया जा सकेगा। इस दौरान युवाओं ने अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का संकल्प लिया।

हरित भविष्य के लिए लिया गया संकल्प

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं था, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति सामूहिक संकल्प का प्रतीक बनकर सामने आया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने अधिक से अधिक पौधे लगाने, पर्यावरण को स्वच्छ रखने और प्रकृति के संरक्षण के लिए निरंतर प्रयास करने का संकल्प लिया।

निष्कर्ष

जनपद बस्ती के थाना गौर क्षेत्र के बारा छत्तर में आयोजित विश्व पर्यावरण दिवस का यह भव्य वृक्षारोपण कार्यक्रम पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल साबित हुआ। डीआईजी संजीव त्यागी के नेतृत्व में पुलिस विभाग, मानव सेवा चैरिटेबल ट्रस्ट और ग्रामीणों द्वारा किया गया सामूहिक वृक्षारोपण यह संदेश देता है कि यदि समाज और प्रशासन मिलकर कार्य करें तो पर्यावरण संरक्षण का लक्ष्य आसानी से प्राप्त किया जा सकता है।

आज लगाए गए पौधे आने वाले वर्षों में न केवल हरियाली बढ़ाएंगे बल्कि स्वच्छ वातावरण, बेहतर जलवायु और स्वस्थ जीवन के निर्माण में भी महत्वपूर्ण योगदान देंगे। यही विश्व पर्यावरण दिवस का वास्तविक उद्देश्य और संदेश है।

चार दिन से लापता 46 वर्षीय महिला का नहीं लगा सुराग, बेटे ने थाने में दी तहरीर, पुलिस जांच में जुटी

सीतापुर। जिले के महमूदाबाद थाना क्षेत्र में एक 46 वर्षीय महिला के रहस्यमय ढंग से लापता होने का मामला सामने आया है। महिला के परिजनों ने काफी तलाश के बाद जब उसका कोई पता नहीं लगाया तो पुलिस से मदद की गुहार लगाई। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने सामान्य डायरी (जीडी) दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। परिवार का कहना है कि महिला घर से निकली थीं, लेकिन उसके बाद से उनका कोई सुराग नहीं मिल सका है। घटना ने परिजनों की चिंता बढ़ा दी है और पूरा परिवार महिला की सुरक्षित वापसी की उम्मीद लगाए बैठा है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार महमूदाबाद थाना क्षेत्र के बेहटा गांव स्थित नैपुरवा टोला निवासी अलीमा अंसारी (46) बीते 14 अप्रैल 2026 को अचानक घर से निकल गई थीं। परिवार के लोगों का कहना है कि उस दिन शाम करीब चार बजे वह घर पर मौजूद थीं, लेकिन कुछ देर बाद बिना किसी को जानकारी दिए कहीं चली गईं। जब काफी समय तक वह वापस नहीं लौटीं तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की।

परिवार के सदस्यों ने पहले आसपास के इलाकों में खोजबीन की। रिश्तेदारों, परिचितों और जान-पहचान के लोगों से संपर्क किया गया, लेकिन महिला के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल सकी। कई दिनों तक लगातार तलाश करने के बावजूद जब कोई सफलता नहीं मिली तो परिजन पुलिस के पास पहुंचे और मामले की जानकारी दी।

शिकायतकर्ता ने पुलिस को दिए गए प्रार्थना पत्र में बताया कि उनकी मां अलीमा अंसारी पिछले कई दिनों से लापता हैं और परिवार को उनकी सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता है। उन्होंने बताया कि महिला के पास कोई मोबाइल फोन नहीं है, जिसके कारण उनसे संपर्क करना भी संभव नहीं हो पा रहा है। यही वजह है कि परिवार के लोग बेहद परेशान हैं और हर संभावित स्थान पर उनकी तलाश कर रहे हैं।

पुलिस अभिलेखों के अनुसार 18 अप्रैल 2026 को थाना महमूदाबाद में जनसुनवाई के दौरान प्राप्त प्रार्थना पत्र के आधार पर जीडी संख्या 037 दर्ज की गई। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने महिला की गुमशुदगी से संबंधित आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उपलब्ध जानकारी के आधार पर महिला की तलाश की जा रही है और आसपास के थानों को भी सूचना दी गई है।

परिजनों के मुताबिक अलीमा अंसारी के घर से निकलने के पीछे कोई स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है। परिवार का कहना है कि घर में किसी प्रकार का विवाद या ऐसी कोई स्थिति नहीं थी, जिसके चलते उनके अचानक चले जाने की आशंका जताई जा सके। ऐसे में महिला के अचानक लापता होने की घटना कई सवाल खड़े कर रही है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि महिला सामान्य रूप से अपने दैनिक कार्य करती थीं और गांव में भी उनका व्यवहार सामान्य माना जाता था। इसलिए उनके अचानक गायब होने की खबर से गांव के लोग भी हैरान हैं। ग्रामीणों का कहना है कि परिवार काफी परेशान है और सभी लोग महिला के जल्द मिलने की प्रार्थना कर रहे हैं।

गुमशुदगी के मामलों में शुरुआती घंटे और दिन बेहद महत्वपूर्ण माने जाते हैं। ऐसे मामलों में पुलिस द्वारा आसपास के क्षेत्रों में पूछताछ, सीसीटीवी फुटेज की जांच और अन्य तकनीकी माध्यमों का सहारा लिया जाता है। हालांकि इस मामले में अब तक कोई ऐसा सुराग सामने नहीं आया है, जिससे महिला की मौजूदगी का पता चल सके।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है और सभी संभावित पहलुओं पर नजर रखी जा रही है। यदि किसी व्यक्ति को महिला के संबंध में कोई जानकारी मिलती है तो वह तत्काल स्थानीय पुलिस को सूचित कर सकता है। पुलिस का मानना है कि आम लोगों के सहयोग से ऐसे मामलों में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है, जिससे लापता व्यक्ति तक पहुंचने में मदद मिलती है।

इधर, महिला के परिजन लगातार उनकी सुरक्षित वापसी की दुआ कर रहे हैं। परिवार का कहना है कि जब तक महिला का पता नहीं चल जाता, तब तक उनकी चिंता कम नहीं हो सकती। परिजनों ने प्रशासन से भी मामले में तेजी से कार्रवाई करने और महिला को जल्द खोज निकालने की मांग की है।

फिलहाल महमूदाबाद पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध तथ्यों और परिजनों से मिली जानकारी के आधार पर महिला की तलाश जारी है। अब सभी की निगाहें जांच के नतीजों पर टिकी हैं और उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही महिला के बारे में कोई महत्वपूर्ण जानकारी सामने आएगी।

(नोट: यह खबर पुलिस जीडी में दर्ज शिकायत के आधार पर तैयार की गई है। महिला के लापता होने की सूचना शिकायतकर्ता द्वारा दी गई है। मामले की जांच जारी है और अंतिम निष्कर्ष पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।)

दलित बस्ती के विकास पर भ्रष्टाचार का ग्रहण! कोर्रा कनक में निर्माण कार्यों में धांधली के आरोप, ग्रामीणों ने खोला मोर्चा

नाले की जगह डाले जा रहे पाइप, घटिया सामग्री के इस्तेमाल का आरोप; प्रधान, सचिव और ठेकेदार की मिलीभगत से सरकारी धन के दुरुपयोग की शिकायत

असोथर (फतेहपुर)। सरकार जहां गांवों के विकास और मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, वहीं विकास खंड असोथर की ग्राम पंचायत कोर्रा कनक में विकास कार्यों पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप सामने आए हैं। दलित बस्ती में कराए जा रहे निर्माण कार्यों को लेकर ग्रामीणों ने खुलकर मोर्चा खोल दिया है। उनका आरोप है कि निर्माण कार्यों में निर्धारित मानकों की अनदेखी कर सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है और जिम्मेदार अधिकारी तथा जनप्रतिनिधि पूरे मामले पर आंखें मूंदे हुए हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि दलित बस्ती में जल निकासी की समस्या को दूर करने के लिए पक्के नाले का निर्माण प्रस्तावित था, लेकिन मौके पर नाले के स्थान पर ह्यूम पाइप डालकर काम पूरा दिखाने का प्रयास किया जा रहा है। इतना ही नहीं, निर्माण कार्य में घटिया गुणवत्ता की सामग्री इस्तेमाल किए जाने का भी आरोप लगाया गया है। स्थानीय लोगों का दावा है कि निर्माण में मानक के अनुरूप सामग्री का प्रयोग नहीं किया जा रहा और गुणवत्ता से समझौता कर सरकारी धन को ठिकाने लगाने की कोशिश की जा रही है।

नियमों को ताक पर रखकर कराया जा रहा निर्माण

ग्रामीणों के मुताबिक निर्माण कार्य में तीसरे दर्जे की ईंटों और निम्न गुणवत्ता वाले मसाले का इस्तेमाल किया जा रहा है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते जांच नहीं कराई गई तो कुछ ही समय में यह निर्माण कार्य क्षतिग्रस्त हो जाएगा और सरकारी धन व्यर्थ चला जाएगा।

स्थानीय निवासियों ने बताया कि दलित बस्ती में लंबे समय से जलभराव की समस्या बनी हुई है। लोगों को उम्मीद थी कि नाला बनने से समस्या का स्थायी समाधान होगा, लेकिन जिस प्रकार का कार्य कराया जा रहा है, उससे समस्या खत्म होने के बजाय और बढ़ सकती है।

विरोध करने पर ग्रामीणों से अभद्रता का आरोप

मामले को लेकर ग्रामीणों में तब और अधिक आक्रोश फैल गया जब उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाए। ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायत करने और काम की जांच कराने की मांग उठाने पर उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया।

ग्रामीणों का कहना है कि जब उन्होंने निर्माण कार्य में अनियमितताओं की बात कही तो उन्हें चुप रहने की नसीहत दी गई और उनकी बातों को गंभीरता से लेने के बजाय दबाने का प्रयास किया गया। इससे लोगों में नाराजगी और बढ़ गई है।

प्रधान, सचिव और ठेकेदार पर मिलीभगत के आरोप

स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि ग्राम पंचायत स्तर पर प्रधान, सचिव और ठेकेदार की मिलीभगत से पूरे मामले को अंजाम दिया जा रहा है। ग्रामीणों का दावा है कि विकास कार्यों के नाम पर आने वाले सरकारी बजट का सही उपयोग नहीं हो रहा और कागजों में विकास दिखाकर धन का दुरुपयोग किया जा रहा है।

हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि यदि निष्पक्ष जांच कराई जाए तो पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सकती है।

‘सफेदपोशों के संरक्षण’ का भी आरोप

ग्रामीणों ने कुछ प्रभावशाली लोगों और कथित राजनीतिक संरक्षण का भी मुद्दा उठाया है। उनका आरोप है कि हर बार शिकायतें होने के बावजूद कार्रवाई नहीं होती क्योंकि कुछ प्रभावशाली लोगों का संरक्षण मिलने के कारण जांच आगे नहीं बढ़ पाती।

ग्रामीणों का कहना है कि पहले भी कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन जांच शुरू होने से पहले ही मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।

जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग

दलित बस्ती के लोगों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभागों के उच्च अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने मांग की है कि निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराई जाए और यदि अनियमितता पाई जाए तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।

ग्रामीणों की प्रमुख मांगें हैं—

  • निर्माण कार्य की गुणवत्ता की मौके पर जांच कराई जाए।
  • उपयोग की गई सामग्री और कार्य की तकनीकी जांच कराई जाए।
  • सरकारी धन के दुरुपयोग के आरोपों की निष्पक्ष जांच हो।
  • दोषी पाए जाने पर प्रधान, सचिव, ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
  • ग्रामीणों के साथ अभद्रता करने वालों पर भी कानूनी कार्रवाई हो।

प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी निगाहें

फिलहाल कोर्रा कनक का यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

अब सबकी निगाहें जिला प्रशासन पर टिकी हैं कि वह इन आरोपों को कितनी गंभीरता से लेता है और क्या वास्तव में निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होती है, या फिर यह मामला भी अन्य शिकायतों की तरह फाइलों में दबकर रह जाएगा।

दुष्कर्म के आरोपी पर प्रशासन का बड़ा प्रहार: नाबालिग से दरिंदगी के आरोपित के अवैध आशियाने पर चला बुल्डोजर, पुलिस बोली- किसी कीमत पर नहीं बख्शेंगे अपराधी

अमरोहा। उत्तर प्रदेश में महिला एवं बाल अपराधों के खिलाफ चल रही सख्त कार्रवाई के बीच अमरोहा में प्रशासन ने एक बार फिर बड़ा संदेश दिया है। नाबालिग से दुष्कर्म के गंभीर आरोपों में वांछित चल रहे आरोपी के खिलाफ प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई करते हुए उसके अवैध निर्माण पर बुल्डोजर चला दिया। थाना रहरा क्षेत्र के मदारीपुर गांव में हुई इस कार्रवाई को लेकर पूरे इलाके में चर्चा का माहौल है। प्रशासन और पुलिस अधिकारियों का कहना है कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध करने वालों के प्रति किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी और कानून का उल्लंघन करने वालों पर कठोरतम कार्रवाई जारी रहेगी।

मामला थाना रहरा क्षेत्र के मदारीपुर गांव का है, जहां एक नाबालिग से दुष्कर्म के आरोप में फरमान नामक युवक के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार आरोपी के विरुद्ध पॉक्सो एक्ट, एससी/एसटी एक्ट समेत अन्य संगीन धाराओं में केस दर्ज है। घटना सामने आने के बाद से ही पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है, लेकिन वह फरार चल रहा है।

इसी बीच प्रशासन ने आरोपी की संपत्तियों और निर्माण कार्यों की जांच शुरू कराई। राजस्व विभाग की टीम ने गांव पहुंचकर आरोपी के मकान और भूमि की पैमाइश की। जांच के दौरान संबंधित निर्माण को नियमों के विपरीत और अवैध पाया गया। इसके बाद प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई का निर्णय लेते हुए बुल्डोजर चलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी।

रविवार को भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में मदारीपुर गांव में बुल्डोजर कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए थे ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो। प्रशासनिक टीम ने अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया। बुल्डोजर की कार्रवाई देखने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौके पर एकत्र हो गए।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप महिला सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ अपराध करने वालों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस का यह भी कहना है कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा।

अमरोहा पुलिस ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि महिला अपराधों को लेकर विभाग की नीति पूरी तरह “जीरो टॉलरेंस” की है। ऐसे मामलों में न केवल आपराधिक मुकदमों में सख्त कार्रवाई की जाती है, बल्कि अपराधियों के अवैध आर्थिक और भौतिक संसाधनों पर भी कानूनी कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार अपराधियों में कानून का भय पैदा करना और पीड़ित पक्ष को न्याय दिलाना प्रशासन की प्राथमिकता है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस कार्रवाई से क्षेत्र में एक स्पष्ट संदेश गया है कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध करने वालों के खिलाफ प्रशासन अब पहले से कहीं अधिक सख्त रुख अपना रहा है। ग्रामीणों का मानना है कि ऐसे कदमों से अपराधियों में भय पैदा होगा और समाज में कानून व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

वहीं, पुलिस मामले की विवेचना को भी तेजी से आगे बढ़ा रही है। अधिकारियों के अनुसार पीड़िता और उसके परिवार को हर संभव कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। साथ ही मामले से जुड़े सभी साक्ष्यों को संकलित कर मजबूत चार्जशीट तैयार करने की प्रक्रिया जारी है, ताकि न्यायालय में आरोपी के खिलाफ प्रभावी पैरवी की जा सके।

प्रदेश में हाल के वर्षों में महिला एवं बाल अपराधों के मामलों में प्रशासनिक और पुलिस कार्रवाई का दायरा लगातार बढ़ा है। अपराधियों की गिरफ्तारी के साथ-साथ उनके अवैध निर्माणों, संपत्तियों और आर्थिक गतिविधियों की भी जांच की जा रही है। अमरोहा में हुई यह कार्रवाई भी उसी कड़ी का हिस्सा मानी जा रही है।

फिलहाल आरोपी फरमान की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। प्रशासन का कहना है कि कानून से बचने की कोशिश करने वाले ऐसे अपराधियों को किसी भी सूरत में छोड़ा नहीं जाएगा। बुल्डोजर कार्रवाई के बाद पूरे क्षेत्र में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है और लोगों की निगाहें अब आरोपी की गिरफ्तारी पर टिकी हैं।

पुलिस और प्रशासन ने दोहराया है कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध करने वालों के लिए प्रदेश में कोई जगह नहीं है। ऐसे मामलों में सख्त कानूनी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी और दोषियों को कानून के दायरे में लाकर कठोर सजा दिलाने का हर संभव प्रयास किया जाएगा।

दहेज हत्या मामले में फरार महिला आरोपी गिरफ्तार, खालापार पुलिस की बड़ी कार्रवाई

रिपोर्ट: कबीर

मुजफ्फरनगर। दहेज हत्या के एक चर्चित मामले में थाना खालापार पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए लंबे समय से फरार चल रही महिला आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी महिला को सुजडू क्षेत्र स्थित खालसा पट्टी गेट के पास से गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार जनपद में वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में वांछित एवं शातिर अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत थाना खालापार पुलिस ने दहेज हत्या के मामले में नामजद आरोपी आमलीन पत्नी शौकीन, निवासी जहाँगीरपट्टी सुजडू, थाना खालापार को सोमवार दोपहर करीब 1:30 बजे गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार महिला के विरुद्ध थाना खालापार में दर्ज मुकदमा संख्या 62/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 85, 80(2), 351(3) तथा दहेज प्रतिषेध अधिनियम की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज है। पुलिस का कहना है कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही थी।
यह कार्रवाई चौकी प्रभारी वहलना उपनिरीक्षक विकास सिंघल के नेतृत्व में की गई। टीम में महिला उपनिरीक्षक झिलमिल बंसल, हेड कांस्टेबल अरविन्द कुमार सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे। मामले की विवेचना सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी नगर द्वारा की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि महिलाओं के उत्पीड़न, दहेज उत्पीड़न और दहेज हत्या जैसे गंभीर अपराधों में शामिल आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। ऐसे मामलों में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और अपराधियों के विरुद्ध अभियान आगे भी जारी रहेगा।

शादी में थार की छत पर स्टंट पड़ा भारी, दो युवक गिरफ्तार, गाड़ी सीज

रिपोर्ट: कबीर

मुजफ्फरनगर। शादी समारोह के दौरान चलती थार की छत पर बैठकर स्टंट करना दो युवकों को भारी पड़ गया। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद चरथावल पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों युवकों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि स्टंटबाजी में इस्तेमाल की गई थार गाड़ी को सीज कर दिया गया।

पुलिस के अनुसार सोमवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें कुछ युवक शादी समारोह के दौरान सड़क पर चलती थार वाहन की छत पर बैठकर यातायात नियमों की खुलेआम अनदेखी करते दिखाई दे रहे थे। इस दौरान सड़क पर आवागमन भी प्रभावित हुआ और अन्य वाहन चालकों एवं राहगीरों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई।

वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए चरथावल थाना पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की। जांच के दौरान आरोपियों की पहचान अमजद पुत्र रियाजुद्दीन निवासी सरवट, थाना सिविल लाइन तथा हारिश पुत्र वकील निवासी सरवट के रूप में हुई। पुलिस ने दोनों युवकों को गिरफ्तार कर लिया और स्टंट में प्रयुक्त थार वाहन को सीज कर दिया।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सड़क पर स्टंटबाजी कर आम लोगों की जान जोखिम में डालने वालों के खिलाफ जिले में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। यातायात नियमों का उल्लंघन करने और कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सड़क पर किसी भी प्रकार की स्टंटबाजी या खतरनाक गतिविधियों से बचें और यातायात नियमों का पालन करें। अधिकारियों का कहना है कि स्टंटबाजी, हुड़दंग और सार्वजनिक सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले तत्वों के खिलाफ आगे भी अभियान जारी रहेगा।

शुकतीर्थ में फैली अव्यवस्थाओं पर विधायक पुत्री ने जताई नाराजगी, आज पंचायत करेंगे साधु-संत

रिपोर्ट: कबीर

मुजफ्फरनगर। पौराणिक तीर्थनगरी शुकतीर्थ में गंगा के घटते जल स्तर, गंगा घाटों पर फैली गंदगी और चल रहे विकास कार्यों में अव्यवस्थाओं को लेकर साधु-संतों में रोष बढ़ता जा रहा है। इसी क्रम में मीरापुर विधायक मिथलेश पाल की पुत्री सुप्रिया पाल ने सोमवार को शुकतीर्थ पहुंचकर विभिन्न विकास कार्यों का निरीक्षण किया और संबंधित विभागों के अधिकारियों से बातचीत कर नाराजगी व्यक्त की।

निरीक्षण के दौरान सुप्रिया पाल ने गंगा स्नान घाट पर फैली गंदगी, निर्माणाधीन आरती स्थल से उत्पन्न हो रही समस्याओं तथा कार्यों में बरती जा रही लापरवाही पर चिंता जताई। उन्होंने सीएनडीएस एवं ड्रेनेज विभाग के अधिकारियों को व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश दिए।

महामंडलेश्वर स्वामी गोपालदास ने बताया कि शुकतीर्थ में विकास और सौंदर्यीकरण के नाम पर लगभग डेढ़ सौ करोड़ रुपये खर्च किए जाने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन योजनाबद्ध तरीके से कार्य नहीं होने के कारण अपेक्षित परिणाम नहीं मिल पा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि गंगा का जल स्तर लगातार घट रहा है और इसे बनाए रखने के लिए कोई स्थायी व्यवस्था नहीं की गई है।

उन्होंने कहा कि गंगा घाट पर निर्मित भवन के द्वार एवं आंतरिक निर्माण कार्य क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। वहीं बड़ी लागत से स्थापित की गई एलईडी स्क्रीन, जिस पर शुकतीर्थ का इतिहास और धार्मिक महत्व प्रदर्शित किया जाना था, उपयोग के अभाव में निष्क्रिय पड़ी हुई है। साधु-संतों का यह भी आरोप है कि आरती स्थल सहित अन्य विकास कार्यों में उनकी राय और सुझाव नहीं लिए जा रहे हैं।

कथा व्यास अजय कृष्ण शास्त्री ने कहा कि शुकतीर्थ में गंगा संरक्षण, विकास और सौंदर्यीकरण के कार्य योजनाबद्ध ढंग से नहीं हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद मूलभूत समस्याएं आज भी बनी हुई हैं।

साधु-संतों ने इन मुद्दों को लेकर मंगलवार को पंचायत बुलाने का निर्णय लिया है। पंचायत में तीर्थनगरी की समस्याओं, गंगा के जल स्तर और विकास कार्यों में पारदर्शिता को लेकर आगे की रणनीति तय की जाएगी।

इस दौरान मंडल अध्यक्ष अरुण पाल, विधायक पति अमरनाथ पाल, सीएनडीएस के प्रोजेक्ट मैनेजर रविंद्र कुमार, अवर अभियंता रामवीर सिंह, अमरकांत, ड्रेनेज विभाग के अवर अभियंता संजीव मलिक, विनोद शर्मा, डॉ. महकार सिंह, बिन्नू राठी, वरुण सहरावत, देवेंद्र आर्य, विनोद पाल, विक्रम सिंह सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।