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बाढ़ से बचाव की तैयारियों की डीएम ने की समीक्षा, सभी विभागों को दिए सख्त निर्देश

संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में संसाधनों, राहत सामग्री और आपदा प्रबंधन व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने के निर्देश

शाहजहांपुर। आगामी मानसून एवं संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी धर्मेन्द्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में बाढ़ से बचाव की तैयारियों एवं आपदा प्रबंधन व्यवस्थाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों तथा बाढ़ प्रभावित तहसीलों के उपजिलाधिकारियों एवं तहसीलदारों ने प्रतिभाग किया।

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने जनपद में उपलब्ध संसाधनों, बाढ़ राहत सामग्री, राहत कार्यों के लिए टेंडर प्रक्रिया, संभावित जलमग्न होने वाली गौशालाओं तथा विभिन्न विभागों द्वारा की गई बाढ़ पूर्व तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने सभी विभागों को समन्वित रूप से कार्य करते हुए संभावित बाढ़ की स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने बाढ़ प्रभावित तहसीलों सदर, तिलहर, जलालाबाद और कलान के उपजिलाधिकारियों एवं तहसीलदारों को निर्देशित किया कि पूर्व में चिन्हित ट्रैक्टर, जेसीबी, क्रेन सहित अन्य आवश्यक वाहनों का सत्यापन कर उनके स्वामियों से संपर्क स्थापित किया जाए, ताकि आवश्यकता पड़ने पर तत्काल उनका उपयोग किया जा सके। साथ ही लाइफ जैकेट, सर्च लाइट और अन्य आपदा राहत उपकरणों को पूरी तरह क्रियाशील स्थिति में रखने के निर्देश दिए।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि तहसील जलालाबाद और कलान क्षेत्र में बिना लाइफ जैकेट के किसी भी नाव का संचालन नहीं किया जाएगा। यदि किसी प्रकार की दुर्घटना होती है तो संबंधित व्यक्ति की जवाबदेही तय की जाएगी। जिलाधिकारी ने जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को बाढ़ पूर्व 50 लाइफ जैकेट और 10 सर्च लाइट क्रय कर प्रभावित क्षेत्रों में उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।

बैठक में मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को बाढ़ से प्रभावित होने वाली गौशालाओं, जिनमें ककरा, धन्योरा, शहबाजनगर, घुसगवां, मरैना, जैतीपुर और पैलानी उत्तर शामिल हैं, का निरीक्षण कर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा गया। साथ ही संबंधित खंड विकास अधिकारियों को गौशालाओं एवं उनके पहुंच मार्गों का उच्चीकरण कराने के निर्देश दिए गए, जिससे पशुओं के लिए चारा और अन्य आवश्यक सामग्री की आपूर्ति बाधित न हो।

जिलाधिकारी ने तहसील कलान स्थित जलालाबाद-ढ़ाईघाट मार्ग के भरतपुर डिप एवं चौरा डिप सहित अन्य संवेदनशील स्थलों पर बैरीकेटिंग और चेतावनी संकेतक लगाने का कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गत वर्ष की भांति इस वर्ष भी किसी प्रकार की जनहानि नहीं होनी चाहिए तथा जहां सड़कों के ऊपर से जल प्रवाह होता है, वहां पुलिस की अस्थायी चौकियां स्थापित की जाएं।

नगर निगम को मौजमपुर कैनाल के निकट कांशीराम कॉलोनी एवं मनफूल कॉलोनी क्षेत्र में जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए फ्लैप गेट अथवा रेगुलेटर स्थापित कराने के निर्देश दिए गए। वहीं सिंचाई विभाग को राईखेड़ा गांव से नगरिया मोड़ तक स्थित पुलियों पर लोहे के गेट लगाने संबंधी प्रस्ताव तैयार कर बाढ़ से पूर्व कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए।

मौजमपुर पम्प कैनाल से बाईपास रोड तक मिट्टी डलवाने के कार्य की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को कार्य शीघ्र पूर्ण कराने तथा नियमित रूप से प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

बैठक के अंत में जिलाधिकारी धर्मेन्द्र प्रताप सिंह ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ बाढ़ पूर्व तैयारियां समयबद्ध तरीके से पूर्ण करने के निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार रहे।

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