रिपोर्ट: बलरामपुर
जानलेवा हमले के मामले में न्याय की गुहार
बलरामपुर जिले के थाना कोतवाली देहात क्षेत्र की जुआथान चौकी अंतर्गत जयनगरा नरायनपुर गांव में पुरानी जमीनी रंजिश को लेकर हुए कथित जानलेवा हमले का मामला अब नया मोड़ लेता दिखाई दे रहा है। पीड़ित परिवार ने पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर विवेचना और पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं।
धारदार हथियारों से हमला करने का आरोप
शिकायत के अनुसार, 2 जून की शाम करीब 7 बजे मुन्ना लाल और उनके भाई संतराम खेत की ओर जा रहे थे। आरोप है कि गांव के कुछ लोगों ने पुरानी रंजिश के चलते उन पर फरसा, कुल्हाड़ी और लाठी-डंडों से हमला कर दिया। हमले में मुन्ना लाल गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि बीच-बचाव करने पहुंचे संतराम और उनकी पत्नी मीना देवी को भी चोटें आईं।
घायलों को पहले संयुक्त अस्पताल बनकटा ले जाया गया, जहां से उनकी गंभीर हालत को देखते हुए लखनऊ के केजीएमयू रेफर किया गया। परिजनों का दावा है कि मुन्ना लाल के सिर की हड्डी टूट गई और उनके हाथ का ऑपरेशन भी करना पड़ा।
मुकदमा दर्ज, दो आरोपी गिरफ्तार
पीड़ित पक्ष के अनुसार, मामले में हत्या के प्रयास सहित अन्य गंभीर धाराओं में नामजद मुकदमा दर्ज किया गया। उनका कहना है कि अब तक पुलिस ने केवल दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि अन्य नामजद आरोपी अभी भी फरार हैं।
विवेचक पर रिश्वत मांगने का आरोप
पीड़ित परिवार ने पुलिस अधीक्षक को दिए गए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया है कि मामले के विवेचना अधिकारी एवं जुआथान चौकी प्रभारी संतोष कुमार निष्पक्ष कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि आरोपियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है तथा पीड़ित पक्ष से ₹25,000 की रिश्वत की मांग की गई।
जान से मारने की धमकी का भी आरोप
पीड़ित परिवार का कहना है कि फरार आरोपी मुकदमा वापस लेने का दबाव बना रहे हैं और ऐसा न करने पर जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। उन्होंने एसपी से विवेचना किसी अन्य अधिकारी को सौंपने और शेष आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है।
चौकी प्रभारी का पक्ष नहीं आया सामने
समाचार के संबंध में जब जुआथान चौकी प्रभारी संतोष कुमार से उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया, तो उनका जवाब नहीं मिल सका। शिकायत के अनुसार, उन्होंने फोन कॉल का उत्तर दिए बिना कॉल समाप्त कर दी।
