अमरोहा। उत्तर प्रदेश में महिला एवं बाल अपराधों के खिलाफ चल रही सख्त कार्रवाई के बीच अमरोहा में प्रशासन ने एक बार फिर बड़ा संदेश दिया है। नाबालिग से दुष्कर्म के गंभीर आरोपों में वांछित चल रहे आरोपी के खिलाफ प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई करते हुए उसके अवैध निर्माण पर बुल्डोजर चला दिया। थाना रहरा क्षेत्र के मदारीपुर गांव में हुई इस कार्रवाई को लेकर पूरे इलाके में चर्चा का माहौल है। प्रशासन और पुलिस अधिकारियों का कहना है कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध करने वालों के प्रति किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी और कानून का उल्लंघन करने वालों पर कठोरतम कार्रवाई जारी रहेगी।
मामला थाना रहरा क्षेत्र के मदारीपुर गांव का है, जहां एक नाबालिग से दुष्कर्म के आरोप में फरमान नामक युवक के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार आरोपी के विरुद्ध पॉक्सो एक्ट, एससी/एसटी एक्ट समेत अन्य संगीन धाराओं में केस दर्ज है। घटना सामने आने के बाद से ही पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है, लेकिन वह फरार चल रहा है।
इसी बीच प्रशासन ने आरोपी की संपत्तियों और निर्माण कार्यों की जांच शुरू कराई। राजस्व विभाग की टीम ने गांव पहुंचकर आरोपी के मकान और भूमि की पैमाइश की। जांच के दौरान संबंधित निर्माण को नियमों के विपरीत और अवैध पाया गया। इसके बाद प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई का निर्णय लेते हुए बुल्डोजर चलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी।
रविवार को भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में मदारीपुर गांव में बुल्डोजर कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए थे ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो। प्रशासनिक टीम ने अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया। बुल्डोजर की कार्रवाई देखने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौके पर एकत्र हो गए।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप महिला सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ अपराध करने वालों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस का यह भी कहना है कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा।
अमरोहा पुलिस ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि महिला अपराधों को लेकर विभाग की नीति पूरी तरह “जीरो टॉलरेंस” की है। ऐसे मामलों में न केवल आपराधिक मुकदमों में सख्त कार्रवाई की जाती है, बल्कि अपराधियों के अवैध आर्थिक और भौतिक संसाधनों पर भी कानूनी कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार अपराधियों में कानून का भय पैदा करना और पीड़ित पक्ष को न्याय दिलाना प्रशासन की प्राथमिकता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस कार्रवाई से क्षेत्र में एक स्पष्ट संदेश गया है कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध करने वालों के खिलाफ प्रशासन अब पहले से कहीं अधिक सख्त रुख अपना रहा है। ग्रामीणों का मानना है कि ऐसे कदमों से अपराधियों में भय पैदा होगा और समाज में कानून व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
वहीं, पुलिस मामले की विवेचना को भी तेजी से आगे बढ़ा रही है। अधिकारियों के अनुसार पीड़िता और उसके परिवार को हर संभव कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। साथ ही मामले से जुड़े सभी साक्ष्यों को संकलित कर मजबूत चार्जशीट तैयार करने की प्रक्रिया जारी है, ताकि न्यायालय में आरोपी के खिलाफ प्रभावी पैरवी की जा सके।
प्रदेश में हाल के वर्षों में महिला एवं बाल अपराधों के मामलों में प्रशासनिक और पुलिस कार्रवाई का दायरा लगातार बढ़ा है। अपराधियों की गिरफ्तारी के साथ-साथ उनके अवैध निर्माणों, संपत्तियों और आर्थिक गतिविधियों की भी जांच की जा रही है। अमरोहा में हुई यह कार्रवाई भी उसी कड़ी का हिस्सा मानी जा रही है।
फिलहाल आरोपी फरमान की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। प्रशासन का कहना है कि कानून से बचने की कोशिश करने वाले ऐसे अपराधियों को किसी भी सूरत में छोड़ा नहीं जाएगा। बुल्डोजर कार्रवाई के बाद पूरे क्षेत्र में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है और लोगों की निगाहें अब आरोपी की गिरफ्तारी पर टिकी हैं।
पुलिस और प्रशासन ने दोहराया है कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध करने वालों के लिए प्रदेश में कोई जगह नहीं है। ऐसे मामलों में सख्त कानूनी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी और दोषियों को कानून के दायरे में लाकर कठोर सजा दिलाने का हर संभव प्रयास किया जाएगा।
