रिपोर्ट – कबीर

मुज़फ़्फ़रनगर। सर्राफा बाजार में ज्वैलर्स की दुकान से हुई चोरी की घटना का कोतवाली नगर पुलिस ने बेहद कम समय में पर्दाफाश कर यह साफ कर दिया कि अपराधी चाहे कितना भी शातिर क्यों न हो, कानून की पकड़ से बच नहीं सकता। इस पूरी कार्रवाई की कमान संभाल रहे आबकारी चौकी इंचार्ज एवं उप निरीक्षक शशि कपूर की सूझबूझ, सतर्क निगरानी और तेज़ कार्रवाई ने पुलिसिंग का प्रभावी उदाहरण पेश किया है।
2 फरवरी 2026 को सर्राफा बाजार स्थित ज्वैलर्स की दुकान से 5 सोने की अंगूठियां चोरी होने के बाद बाजार में दहशत का माहौल था। व्यापारी वर्ग में रोष के साथ असुरक्षा की भावना पनपने लगी थी। मामले की गंभीरता को भांपते हुए उ0नि0 शशि कपूर ने न सिर्फ घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया, बल्कि आसपास के रास्तों, संदिग्ध गतिविधियों और मुखबिर तंत्र को सक्रिय कर एक सटीक रणनीति तैयार की।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन और पुलिस अधीक्षक नगर के निकट पर्यवेक्षण में गठित पुलिस टीम ने सहायक पुलिस अधीक्षक नगर एवं प्रभारी निरीक्षक कोतवाली नगर के नेतृत्व में लगातार दबिश और चेकिंग अभियान चलाया। इसी दौरान शशि कपूर की मजबूत मुखबिर नेटवर्किंग रंग लाई और 9 फरवरी 2026 को चरथावल रोड से न्याजुपुरा जाने वाले रास्ते पर अभियुक्त नाहिद हसन पुत्र यूनुस निवासी नगला रियावली, थाना रतनपुरी को धर दबोचा गया।
पुलिस ने अभियुक्त के कब्जे से चोरी गई 5 अदद पीली धातु की अंगूठियां (03 लेडीज, 02 जेंट्स) बरामद कर लीं। पूछताछ में अभियुक्त चोरी की वारदात को अंजाम देने की बात स्वीकार करता पाया गया।
पुलिस सूत्रों की मानें तो यह पूरी कार्रवाई उ0नि0 शशि कपूर की फील्ड पर मजबूत पकड़, अपराधियों की मनोवृत्ति को समझने की क्षमता और तेज़ निर्णय क्षमता का नतीजा है। उनकी सक्रियता के चलते न सिर्फ चोरी का खुलासा हुआ, बल्कि सर्राफा बाजार में पुलिस के प्रति भरोसा भी और मजबूत हुआ है।
फिलहाल अभियुक्त के खिलाफ संबंधित धाराओं में विधिक कार्रवाई जारी है। विवेचना का दायित्व भी उ0नि0 शशि कपूर के पास है, जो मामले की हर कड़ी को मजबूती से जोड़ने में जुटे हैं।
गिरफ्तारी टीम में थाना प्रभारी बबलू सिंह वर्मा, उ0नि0 शशि कपूर, कांस्टेबल कप्तान सिंह, हेमंत चौधरी और रवि कुमार शामिल रहे।
सर्राफा कारोबारियों का कहना है कि यदि इसी तरह पुलिस की सक्रियता बनी रही, तो बाजार में अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं बचेगी।
