रिपोर्ट – कबीर

मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश के जनपद मुज़फ़्फ़रनगर में अपराधियों और अवैध धंधों के खिलाफ चलाए जा रहे सख़्त अभियान के तहत तितावी थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुर्गों की लड़ाई की आड़ में संचालित हो रहे एक संगठित सट्टा रैकेट का भंडाफोड़ किया है। यह रैकेट लंबे समय से इलाके में सक्रिय था और हर मुकाबले पर हजारों नहीं, बल्कि लाखों की बाजी लगाई जा रही थी। पुलिस की इस कार्रवाई से सट्टेबाजों में हड़कंप मच गया है।
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि गांव अलीपुर खुर्द के पास तीरपड़ी मार्ग पर सुनसान इलाके में खुलेआम मुर्गों की लड़ाई कराई जा रही है और इन लड़ाइयों पर हार-जीत की मोटी रकम का सट्टा लगाया जा रहा है। बताया जा रहा है कि इस अवैध खेल में आसपास के कई गांवों के लोग शामिल रहते थे और दूर-दराज से भी सट्टेबाज मौके पर पहुंचते थे।
सूचना की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी पवन चौधरी ने बिना देरी किए सब-इंस्पेक्टर अनुभव चौधरी और पुलिस टीम के साथ रणनीति तैयार की। पूरी प्लानिंग के साथ पुलिस टीम ने देर शाम मौके पर दबिश दी और चारों ओर से घेराबंदी शुरू कर दी।
जैसे ही पुलिस की टीम ने इलाके को घेरा, वहां मौजूद सट्टेबाजों में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस को देख आरोपी अपने वाहन मौके पर छोड़कर अंधेरे और खेतों का फायदा उठाते हुए फरार हो गए। हालांकि, पुलिस ने मौके से 11 मोटरसाइकिलें (विभिन्न कंपनियों की) और एक ई-रिक्शा बरामद कर लिया, जिन्हें सट्टेबाज इस्तेमाल कर रहे थे।
पुलिस के अनुसार, मौके पर सट्टा संचालन से जुड़े कई अहम सुराग भी मिले हैं। फरार आरोपियों की पहचान की जा रही है और उनके खिलाफ सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जल्द गिरफ्तारी की जाएगी। पुलिस का कहना है कि यह केवल शुरुआत है और जिले में चल रहे इस तरह के सभी अवैध सट्टा अड्डों को चिन्हित कर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई के बाद इलाके में अवैध गतिविधियों में लिप्त लोगों में दहशत का माहौल है, जबकि स्थानीय ग्रामीणों ने तितावी पुलिस की इस कार्रवाई को सराहनीय बताया है। लोगों का कहना है कि इस तरह के सट्टा अड्डों से क्षेत्र का माहौल खराब हो रहा था और पुलिस की कार्रवाई से अब राहत मिली है।
