रन 4 यूनिटी में दौड़े मंत्री, नेता, अधिकारी व बच्चे

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ब्यूरो रिपोर्ट –

शामली । सरदार पटेल जी की 150 भी जयंती पर रन फॉर यूनिटी कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इस रेस में कैबिनेट मंत्री सुनील शर्मा, एमएलसी वीरेंद्र सिंह, जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान, एसपी एनपी सिंह समेत बड़ी संख्या में छात्र छात्राओं ने इस दौड़ में हिस्सा लिया। यह कार्यक्रम बड़े ही भव्य तरीके से मनाया गया। कार्यक्रम में पहुंचे उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री सुनील शर्मा ने सभी को संबोधित किया और कहा कि सरदार पटेल जी की वजह से ही देश में रियासतें एक हुई थी और जो पूरा देश संगठित रूप से खड़ा है, वह सरदार पटेल जी की ही देन है।

दरअसल आपको बता दे कि आज पूरा देश सरदार पटेल जी की डेढ़ सौ दिन जयंती बना रहा है। इस दौरान अनेको कार्यक्रम का आयोजन हुआ है। शामली में भी रन फॉर यूनिटी नाम से एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें उत्तर प्रदेश सरकार के सुनील शर्मा ( कैबिनेट मंत्री इलेक्ट्रानिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी) पहुंचे और कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम में भाजपा एमएलसी वीरेंद्र सिंह, जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान, एसपी एनपी सिंह समेत बड़ी संख्या में छात्र-छात्र और पुलिस कर्मियों ने भी हिस्सा लिया। यह दौड़ शामली के वीवी डिग्री कॉलेज से शुरू होकर शहर के मुख्य मार्ग से गुजरी और आर इंटर कॉलेज में जाकर समाप्त हुई।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री सुनील शर्मा ने कहा कि आज जो देश एकता के सूत्र में पिरोया हुआ दिखता है, वह दिन केवल और केवल सरदार वल्लभ भाई पटेल जी की वजह से है। उन्होंने ही हैदराबाद और जूनागढ़ जैसी कठिन रियासतों को भारत से जोड़ा था। वह तो केवल जम्मू कश्मीर से उनको अलग रखा गया, वरना जो समस्याएं लंबे समय तक जम्मू कश्मीर की रही उसका निदान इस समय हो जाता। लेकिन आज देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने उसे समस्या का भी समाधान कर दिया है। उन्होंने सरदार वल्लभभाई पटेल से जुड़े स्मरण भी वहां मौजूद नागरिकों को सुनाएं। उन्होंने कहा कि वह अपने कार्य के प्रति पूर्णतया समर्पित रहते थे। एक बार जब किसी केस के मध्य में कोर्ट में बहस कर रहे थे तो तो उनका मुंशी एक पर्ची लेकर पहुंचा, उन्होंने वो पर्ची पढ़ी और अपनी जेब में रख ली। उन्होंने बसह पूरी करने के बाद सीधे अपने घर के लिए निकले। उस पर्ची में लिखा था कि आपकी पत्नी का देहांत हो गया है। यानी कार्य के प्रति उनकी सजकता, निष्ठा कितनी थी यह इस बात का परिणाम है।

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