रिपोर्ट – कबीर

मुज़फ़्फ़रनगर। चिकित्सा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करते हुए हिंदू संघर्ष समिति ने एक सनसनीखेज मामला सामने रखा है। समिति की ओर से मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, मुज़फ़्फ़रनगर को सौंपे गए ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि उत्तराखंड मेडिकल काउंसिल द्वारा जिन डॉक्टर राकेश नाथ आवटे का पंजीकरण रोककर अमान्य घोषित किया जा चुका है, वही डॉक्टर उत्तर प्रदेश के मुज़फ़्फ़रनगर जनपद में स्वयं को योग्य दर्शाकर कई अस्पतालों में सेवाएं दे रहे हैं।
ज्ञापन में कहा गया है कि चिकित्सा सेवा को सबसे पवित्र और संवेदनशील सेवा माना जाता है, जहां योग्य चिकित्सक मानव जीवन की रक्षा करते हैं। ऐसे में जिस डॉक्टर को उत्तराखंड सरकार ने अयोग्य ठहराया हो, उसका मुज़फ़्फ़रनगर जैसे जनपद में विभिन्न अस्पतालों में कार्यरत होना बेहद गंभीर और चिंताजनक है।
हिंदू संघर्ष समिति के अनुसार, डॉक्टर राकेश नाथ आवटे भारत मेडिकेयर अल्ट्रासाउंड सेंटर (अंसारी रोड), वरदान हॉस्पिटल (लक्सर रोड, पुरकाजी) और नवयुग हॉस्पिटल (जानसठ रोड, शेरनगर) सहित कई संस्थानों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। यह स्थिति न सिर्फ नियमों के खिलाफ है, बल्कि आम जनता के स्वास्थ्य के साथ खुला खिलवाड़ भी है।
ज्ञापन में सवाल उठाया गया है कि जब उत्तराखंड मेडिकल काउंसिल ने संबंधित डॉक्टर को अयोग्य घोषित कर दिया, तो उत्तर प्रदेश में उन्हें किस आधार पर योग्य मानकर सेवाएं लेने की अनुमति दी जा रही है। समिति ने इसे चिकित्सा विभाग की घोर लापरवाही करार दिया है।
संयोजक नरेंद्र पवार साधु ने मांग की है कि पूरे मामले की तत्काल जांच कर संबंधित डॉक्टर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही अन्य चिकित्सकों की भी जांच हो, कहीं ऐसा तो नहीं कि एक ही डॉक्टर कई अस्पतालों में नियमों के विरुद्ध सेवाएं दे रहे हों या अयोग्य डॉक्टर मरीजों का इलाज कर रहे हों।
हिंदू संघर्ष समिति ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो समिति से जुड़े सभी 36 संगठन चिकित्सा विभाग के खिलाफ आंदोलन करने को मजबूर होंगे। यह मामला अब प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की साख से सीधे जुड़ गया।
