रिपोर्ट – कबीर
मुजफ्फरनगर। शेरपुर गांव में पुराना विवाद अब आरोप-प्रत्यारोप से आगे बढ़कर सुरक्षा और निष्पक्ष जांच की मांग तक पहुंच गया है। शनिवार को हमीदुल्लाह की ओर से की गई प्रेस वार्ता के अगले दिन रविवार को ग्राम प्रधान सुऐब लम्बरदार ने मीडिया सेंटर पर प्रेस वार्ता कर अपना पक्ष रखा। प्रधान ने हमीदुल्लाह और उसके सहयोगियों पर मुकदमे में समझौते का दबाव बनाने, धमकियां देने और परिवार को परेशान करने के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने शनिवार को लगाए गए आरोपों को निराधार बताते हुए पुलिस-प्रशासन से निष्पक्ष जांच और सुरक्षा की मांग की।
प्रधान सुऐब लम्बरदार ने बताया कि 21 अगस्त 2026 को दोपहर करीब तीन बजे गांव में उनके चाचा हमीदुल्लाह पुत्र याहिया और उनके परिजनों के साथ विवाद हुआ था। प्रधान का आरोप है कि उनके साथ मारपीट की गई और जान से मारने की नीयत से हमला किया गया। घटना के बाद पुलिस ने उनकी चिकित्सकीय जांच कराई। प्रधान के मुताबिक, मामले में थाना कोतवाली नगर में मुकदमा संख्या 369/2026, सरकार बनाम हमीदुल्लाह आदि, धारा 115(2), 352 और 351(3) बीएनएस के तहत दर्ज है और इसकी विवेचना चल रही है।
प्रधान का आरोप है कि मुकदमा दर्ज होने के बाद से उन पर समझौते का दबाव बनाया जा रहा है। समझौते से इनकार करने पर उन्हें और उनके परिवार को झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकियां दी जा रही हैं। उन्होंने दावा किया कि गांव के कुछ लोगों को भी उनके खिलाफ सक्रिय किया गया है।
प्रेस वार्ता में प्रधान ने अहसानुलहक पुत्र जिकरिया, अखलाक उर्फ नाक्कू पुत्र अजमत अली और हुसैन पुत्र उबैदुल्ला समेत कुछ अन्य लोगों पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने पुलिस से इन आरोपों की जांच कराने की मांग की। हालांकि, लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और इनकी वास्तविकता पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
सुऐब लम्बरदार ने आरोप लगाया कि तीन अक्टूबर की सुबह करीब छह बजे उनके साथ गाली-गलौज कर धमकी दी गई। उन्होंने कहा कि घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज निकलवाने से पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सकती है। प्रधान ने यह भी कहा कि लगातार मिल रही कथित धमकियों के कारण वह खुद को और अपने परिवार को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं और इसी वजह से अपनी परचून की दुकान भी नियमित रूप से नहीं खोल पा रहे हैं।
प्रधान ने शनिवार को हमीदुल्लाह की ओर से की गई प्रेस वार्ता में लगाए गए आरोपों को भी खारिज किया। उन्होंने कहा कि उनके और उनके साथ मौजूद लोगों पर लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं। इसी दौरान प्रधान ने हमीदुल्लाह पर बाइक और कार चोरी जैसी आपराधिक गतिविधियों से जुड़े आरोप भी लगाए और दावा किया कि उसके आवास पर चार-पांच बाइक खड़ी हैं, जिनके चोरी की होने की आशंका है। इन आरोपों की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
ग्राम प्रधान ने पुलिस और प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि जांच में आरोप सही पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही उन्होंने खुद, अपने परिवार और सहयोगियों की सुरक्षा सुनिश्चित कराने की मांग की।
प्रेस वार्ता में जाबिर, वाकिब, शहजाद शमी, जाकिर, मौ. शावेज, सद्दाम और सलाउद्दीन समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
