रिपोर्ट – कबीर

मुजफ्फरनगर। जनगणना 2027 को लेकर प्रशासन ने तैयारियों को रफ्तार दे दी है। गुरुवार को कलेक्ट्रेट स्थित जिला पंचायत सभागार में आयोजित अहम बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) गजेन्द्र कुमार ने साफ शब्दों में कहा कि प्रशिक्षण व्यवस्था में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए कि जनगणना जैसे राष्ट्रीय कार्य को पूरी निष्ठा, पारदर्शिता और सटीकता के साथ अंजाम दिया जाए।
बैठक के दौरान जनगणना 2027 के सफल संचालन के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा पर मंथन किया गया। अधिकारियों को एचएलबी कटिंग समेत विभिन्न तकनीकी प्रक्रियाओं की बारीक जानकारी दी गई, ताकि जमीनी स्तर पर कार्य के दौरान किसी प्रकार की त्रुटि न हो। अपर जिलाधिकारी ने दो टूक कहा कि समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण ही जनगणना की सफलता की कुंजी है।
उन्होंने कहा कि जनगणना केवल आंकड़ों का संग्रह नहीं, बल्कि देश की सामाजिक, आर्थिक और जनसांख्यिकीय संरचना को समझने का आधार है। इसी डेटा के आधार पर सरकारें योजनाएं बनाती हैं और विकास की दिशा तय होती है। ऐसे में एक छोटी सी चूक भी बड़े स्तर पर असर डाल सकती है।
बैठक में प्रशिक्षण मॉड्यूल, प्रशिक्षण स्थलों के चयन, मास्टर ट्रेनरों की नियुक्ति और संसाधनों की उपलब्धता जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। संबंधित विभागों को स्पष्ट दिशा-निर्देश देते हुए कहा गया कि सभी व्यवस्थाएं समय से पहले दुरुस्त कर ली जाएं, ताकि जनगणना कार्य बिना किसी बाधा के संपन्न हो सके।
अधिकारियों ने भी माना कि जनगणना एक बेहद जिम्मेदारी भरा राष्ट्रीय दायित्व है और इसमें लगे हर कर्मचारी की भूमिका अहम है। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारी और जनगणना कार्य से जुड़े कर्मचारी मौजूद रहे।

