रिपोर्ट – कबीर

मुजफ्फरनगर। जनपद में एलपीजी आपूर्ति को लेकर जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने सख्त रुख अपनाते हुए गैस एजेंसियों और विक्रय अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित अहम बैठक में डीएम ने कहा कि आम जनता को किसी भी हालत में परेशानी नहीं होनी चाहिए और आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह सुचारू रखी जाए।
बैठक में बीपीसीएल के जिला समन्वयक/विक्रय अधिकारी ने जानकारी दी कि जनपद में घरेलू एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता है, लेकिन कॉमर्शियल सिलेंडरों की कमी सामने आ रही है। इस पर डीएम ने निर्देश दिए कि जैसे ही आपूर्ति आए, पहले आवश्यक सेवाओं वाले चार क्षेत्रों को प्राथमिकता के आधार पर सिलेंडर दिए जाएं, उसके बाद अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को उपलब्धता के अनुसार आपूर्ति की जाए।
डीएम उमेश मिश्रा ने गैस वितरकों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि बुकिंग के बाद बैकलॉग के आधार पर ही सिलेंडर वितरण किया जाए और अधिक से अधिक उपभोक्ताओं तक होम डिलीवरी सुनिश्चित की जाए, ताकि गोदामों पर भीड़ और अफरातफरी की स्थिति न बने। उन्होंने साफ कहा कि अव्यवस्था फैलाने वाले असामाजिक तत्वों पर नजर रखने के लिए सभी एजेंसियां अपने प्रतिष्ठानों और गोदामों पर सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य रूप से लगाएं और उन्हें चालू रखें।
शिक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए डीएम ने मिड-डे मील के लिए गैस सिलेंडरों की आपूर्ति को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। जिन स्कूलों में अब तक गैस कनेक्शन नहीं है, वहां तत्काल कनेक्शन जारी कर आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा गया।
बैठक में एक बड़ा फैसला लेते हुए डीएम ने स्पष्ट किया कि जिन उपभोक्ताओं के पास पाइप्ड नैचुरल गैस (पीएनजी) और घरेलू एलपीजी दोनों कनेक्शन हैं, उन्हें एक कनेक्शन तुरंत वापस करना होगा। ऐसे उपभोक्ता एलपीजी की बुकिंग भी नहीं करा सकेंगे। यह प्रावधान “तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (आपूर्ति और वितरण का विनियमन) संशोधन आदेश-2026” के तहत लागू किया गया है।
इसके अलावा उपभोक्ताओं को भी निर्देश दिए गए कि ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन और शहरी क्षेत्रों में 25 दिन के अंतराल के बाद ही रिफिल बुकिंग करें। डीएम ने अपील की कि लोग अनावश्यक रूप से गैस एजेंसियों पर भीड़ न लगाएं और मोबाइल एप व फोन के माध्यम से घर बैठे ही बुकिंग और ई-केवाईसी कराएं।
डीएम ने सख्त लहजे में कहा कि यदि किसी भी गैस वितरक की मिलीभगत से घरेलू सिलेंडरों का व्यावसायिक उपयोग होटल, ढाबों या ठेलों पर पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही विक्रय अधिकारियों को लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।

