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वीरांगनाओं के संघर्ष की गूंज संसद तक, सांसद अरुण गोविल ने ‘आशिवी’ उपन्यास की सराहना कर सहयोग का दिया भरोसा

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रिपोर्ट – कबीर

मुजफ्फरनगर। समाज में वीरांगनाओं के संघर्ष, सम्मान और उनके अधिकारों की आवाज अब जनप्रतिनिधियों तक मजबूती से पहुंचने लगी है। इसी कड़ी में आज मेरठ के माननीय सांसद एवं प्रसिद्ध अभिनेता अरुण गोविल से “आशिवी – शहीद से एक पत्नी की शिकायत” उपन्यास की लेखिका शिवी आशीष स्वामी ने उनके कार्यालय में आत्मीय भेंट की।
इस मुलाकात के दौरान वीरांगनाओं के रोजगार, उनके जीवन संघर्ष और समाज में उनकी स्थिति जैसे संवेदनशील मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। लेखिका शिवी ने अपने उपन्यास के माध्यम से उठाए गए सवालों और वास्तविक जीवन के अनुभवों को साझा किया, जिन्हें सांसद ने गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुना।
सांसद गोविल ने आश्वस्त किया कि वीरांगनाओं से जुड़े इन महत्वपूर्ण विषयों पर वे विशेष ध्यान देंगे और यथासंभव सहयोग प्रदान करने का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि देश के लिए अपने प्राण न्यौछावर करने वाले सैनिकों के परिवारों की चिंता करना समाज और सरकार दोनों की जिम्मेदारी है।
इस अवसर पर उन्होंने “आशिवी” उपन्यास की मुक्त कंठ से सराहना करते हुए इसे एक अत्यंत प्रेरणादायक कृति बताया। उन्होंने कहा कि साहित्य की दुनिया में कुछ रचनाएं ऐसी होती हैं जो समाज को झकझोर देती हैं और सोचने पर मजबूर करती हैं, और “आशिवी” उन्हीं में से एक है। यह पुस्तक न केवल सैनिकों, बल्कि उनके परिवारों, विशेष रूप से वीरांगनाओं के साहस और त्याग को सशक्त रूप में सामने लाती है।
सांसद ने हाल ही में हुई लेखिका की रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात का भी उल्लेख करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए आशीर्वाद प्रदान किया।
उधर, “आशिवी – शहीद से एक पत्नी की शिकायत” उपन्यास लगातार चर्चा में बना हुआ है। देश के अलग-अलग राज्यों और जिलों में पाठकों के बीच यह पुस्तक तेजी से पढ़ी और सराही जा रही है। समाज के संवेदनशील मुद्दों को उठाने वाली यह कृति अब पाठकों के बीच एक प्रेरणादायक पुस्तक के रूप में पहचान बना रही है।
अंत में यह भी उल्लेखनीय है कि “आशिवी” उपन्यास ऑनलाइन प्लेटफॉर्म Amazon पर भी उपलब्ध है, जहां से पाठक इसे आसानी से प्राप्त कर सकते हैं।

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