रिपोर्ट – कबीर

मुजफ्फरनगर/शामली। अवैध निर्माण और प्लॉटिंग के खिलाफ मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण (एमडीए) ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए शामली क्षेत्र में जमीन के खेल पर करारा प्रहार किया। मंडलायुक्त सहारनपुर की सख्ती और उपाध्यक्ष कविता मीना के निर्देशों पर प्राधिकरण की टीम ने बुलडोजर चलाकर करीब 15 बीघा में फैली अवैध प्लॉटिंग को जमींदोज कर दिया, वहीं 12 दुकानों और एक बैंकट हॉल पर सील जड़ दी गई।
प्राधिकरण की टीम ने ग्राम बनत में महिला डिग्री कॉलेज के पास सुमित कुमार पुत्र नरेशपाल द्वारा करीब 8 बीघा भूमि में बिना स्वीकृत मानचित्र के विकसित की जा रही अवैध कॉलोनी को ध्वस्त कर दिया। इसी तरह ग्राम गोहरनी में बुद्धू उर्फ प्रदीप पुत्र वीरसैन द्वारा करीब 7 बीघा में की जा रही प्लॉटिंग को भी पूरी तरह तोड़ दिया गया।
कार्रवाई यहीं नहीं रुकी। ग्राम बनत में खसरा नंबर 1740, 1170/2 और 1168 पर अनिल जैन द्वारा बनाए गए लगभग 160 वर्गमीटर क्षेत्र में खड़ी 12 अवैध व्यावसायिक दुकानों को सील कर दिया गया। इसके अलावा गोहरनी बाईपास क्रॉसिंग के आगे सुखपाल सिंह पुत्र भिक्कू द्वारा निर्मित करीब 9 बीघा में फैले बैंकट हॉल पर भी प्राधिकरण ने ताला जड़ दिया।
बताया गया कि इन सभी निर्माणों के खिलाफ पहले ही नोटिस जारी किए जा चुके थे और चालानी कार्रवाई के बाद ध्वस्तीकरण व सीलिंग के आदेश भी दिए गए थे, लेकिन भू-स्वामियों ने आदेशों की अनदेखी करते हुए अवैध निर्माण नहीं हटाए। इसके बाद प्राधिकरण ने सख्त रुख अपनाते हुए मौके पर पहुंचकर बुलडोजर कार्रवाई को अंजाम दिया।
पूरे अभियान के दौरान अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता, अवर अभियंता सहित प्राधिकरण की टीम और स्थानीय पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा। अधिकारियों ने साफ चेतावनी दी कि बिना मानचित्र स्वीकृति के किसी भी प्रकार का निर्माण या प्लॉटिंग बर्दाश्त नहीं की जाएगी और आगे भी ऐसे अवैध निर्माणों के खिलाफ लगातार अभियान जारी रहेगा।

