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वाराणसी-गोरखपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित मिर्जापुर उर्फ क्यामपुर बिरनो टोल प्लाज़ा पर खुला “ओवरलोड वाहनों का खेल”

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रिपोर्ट – एकरार खान

गाजीपुर, बिरनो। वाराणसी-गोरखपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित मिर्जापुर उर्फ क्यामपुर बिरनो टोल प्लाजा एक बार फिर सुर्खियों में है। यहां खुलेआम ओवरलोड वाहनों का खेल धड़ल्ले से चल रहा है। बताया जा रहा है कि इस टोल प्लाजा के पास ओवरलोड वाहनों को पास करने की कोई वैध अनुमति नहीं है, बावजूद इसके रोजाना बड़ी संख्या में भारी वाहन बिना जांच के टोल पार कर रहे हैं।

सूत्रों के अनुसार, ओवरलोड वाहनों से टोल कर्मियों द्वारा लाखों रुपये की अवैध वसूली की जा रही है। हैरानी की बात यह है कि इन वाहनों का भुगतान सिस्टम से किया जाता है, लेकिन उनका कोई रिकॉर्ड सिस्टम में सुरक्षित नहीं रहता। पर्चियां (रसीदें) जारी होते ही तत्काल रद्द कर दी जाती हैं ताकि किसी जांच या ऑडिट में यह गड़बड़ी पकड़ी न जा सके। यह संपूर्ण प्रक्रिया टोल कर्मियों और प्रबंधन की मिलीभगत से संचालित की जा रही है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि टोल पर तैनात कर्मचारियों ने ओवरलोड वाहनों को पास करने के लिए नियमों को पूरी तरह ताक पर रख दिया है। बताया जा रहा है कि टोल पर स्थित धर्मकांटा (वजन मापने की मशीन) काफी समय से खराब है और अभी तक चालू नहीं हुआ है। वहीं, टोल के पास मौजूद “लाइन ब्रिज” भी वर्षों से निर्माणाधीन या निष्क्रिय अवस्था में पड़ा है, जिससे वाहनों का वास्तविक वजन जांचना असंभव हो गया है।

यह टोल प्लाजा हाशमी टोल करियर प्राइवेट लिमिटेड नागपुर के अधीन संचालित है, जिसके मालिक प्यारेजिया खान बताए जाते हैं। स्थानीय सूत्रों का दावा है कि उनके राजनीतिक रसूख के चलते अब तक किसी भी विभागीय अधिकारी ने इस टोल प्लाजा पर कार्रवाई करने की हिम्मत नहीं दिखाई। बार-बार की गई शिकायतों के बाद भी मामला दबा दिया जाता है और ओवरलोडिंग का यह खेल यूं ही जारी है।

ओवरलोड वाहनों की आवाजाही से न केवल सड़कों की हालत खराब हो रही है बल्कि सड़क दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ती जा रही है। क्षेत्रीय जनता का कहना है कि ओवरलोड ट्रकों के कारण राजमार्ग पर जगह-जगह गड्ढे बन गए हैं और छोटे वाहनों को गुजरने में भारी दिक्कत होती है।

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन व एनएचएआई (NHAI) से तत्काल जांच कर टोल प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि शीघ्र ही टोल पर धर्मकांटा चालू नहीं किया गया और ओवरलोड वाहनों की जांच व्यवस्था लागू नहीं हुई, तो वे सामूहिक रूप से आंदोलन करने को बाध्य होंगे।

फिलहाल, मिर्जापुर-क्यामपुर बिरनो टोल प्लाजा एक बार फिर चर्चाओं के केंद्र में है, जहां ओवरलोडिंग का खेल प्रशासनिक आंखों के सामने बेरोकटोक जारी है और सरकारी राजस्व को भारी नुकसान पहुंचाया जा रहा है।

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