रिपोर्ट – कबीर

मुज़फ्फरनगर,सहारनपुर। पसमांदा मुस्लिम समाज के अधिकार, सम्मान और राजनीतिक भागीदारी को लेकर हिंदुस्तानी पसमांदा मंच मंगलवार को सहारनपुर में बड़ी प्रेस वार्ता करेगा। मंच ने दावा किया है कि वर्षों से मेहनतकश पसमांदा समाज को सामाजिक भेदभाव, राजनीतिक उपेक्षा और वोट बैंक की राजनीति का शिकार बनाया गया, लेकिन अब यह समाज अपने हक और पहचान की लड़ाई निर्णायक रूप से लड़ेगा।
मंच के राष्ट्रीय प्रवक्ता मोहम्मद रिजवान अंसारी ने कहा कि हिंदुस्तानी पसमांदा मंच देश के उस मेहनतकश मुस्लिम वर्ग की आवाज है, जिसने सदियों से देश की सेवा की, लेकिन उसे बराबरी का अधिकार नहीं मिला। उन्होंने कहा कि मंच शिक्षा, रोजगार, राजनीतिक प्रतिनिधित्व और आर्थिक उन्नति में पसमांदा युवाओं को प्राथमिकता दिलाने के लिए लगातार संघर्ष कर रहा है।

प्रवक्ताओं ने स्पष्ट कहा कि वर्षों तक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) को लेकर जो भ्रम फैलाए गए, वे वास्तविकता से परे हैं। मंच का मानना है कि राष्ट्रहित, सामाजिक सद्भाव और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने में सभी समाजों की भागीदारी जरूरी है और पसमांदा समाज भी इसमें अग्रणी भूमिका निभाएगा।
मंच ने वक्फ संपत्तियों के पारदर्शी उपयोग, वक्फ बोर्ड और अल्पसंख्यक संस्थानों में लोकतांत्रिक चुनाव, पसमांदा समाज की भागीदारी, अलग जाति जनगणना, छात्रवृत्ति, छात्रावास और पसमांदा कल्याण मंत्रालय की मांग भी दोहराई।
प्रेस वार्ता में राष्ट्रीय संयोजक मोहम्मद शमशाद मीर, राष्ट्रीय प्रवक्ता मोहम्मद रिजवान अंसारी, राष्ट्रीय सह संयोजक मोहम्मद इदरीस खान, प्रदेश संयोजक शाहनवाज प्रतिक, क्षेत्रीय संयोजक रविश अंसारी, जिला संयोजक सादा भाई, वरिष्ठ कार्यकर्ता अरुण कुमार और अनिल कुमार मौजूद रहेंगे।
मंच नेताओं का कहना है कि अब पसमांदा समाज केवल वोट बैंक नहीं, बल्कि अपने अधिकारों के लिए संगठित ताकत बनकर उभरेगा। सहारनपुर की यह प्रेस वार्ता प्रदेश की राजनीति में नए संदेश के तौर पर देखी जा रही है।

