सोशल मीडिया पर लगाए गए आरोप निराधार, मानहानि का मामला दर्ज कराऊँगा- डॉ. संतोष कुमार सिंह यादव

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रिपोर्ट – एकरार खान

गाजीपुर। पूर्व ब्लॉक प्रमुख एवं वर्तमान प्रतिनिधि सादात, डॉ. संतोष कुमार सिंह यादव ने सोशल मीडिया के माध्यम से उनके विरुद्ध लगाए गए आरोपों को पूरी तरह निराधार,मिथ्या एवं छवि धूमिल करने वाला बताया है।उन्होंने कहा कि अश्विनी राय द्वारा सोशल मीडिया पर उनके ऊपर अनर्गल आरोप लगाकर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया है।डॉ.यादव ने पत्रकारों को जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि जिन जमीनों को लेकर जबरन कब्जे का आरोप लगाया गया है,उस मामले में उन्होंने सभी मूल काश्तकारों को बुलाकर उनके मौखिक बयान दर्ज कराए,जिनमें यह स्पष्ट हुआ कि उनके द्वारा लगाए गए आरोप तथ्यहीन हैं।उन्होंने आरोप लगाया कि अश्विनी राय एक फ्रॉड एवं जालसाज प्रवृत्ति का व्यक्ति है, जिसका पेशा किसानों की जमीनों पर अवैध कब्जा करना एवं फर्जी कागजात बनाकर जमीन हड़पना है। डॉ. यादव के अनुसार रौजा स्थित आराजी संख्या 181/181 की जमीन उन्हें मूल काश्तकारों द्वारा एग्रीमेंट के माध्यम से दी गई है तथा न्यायालय के आदेश के तहत काश्तकारों की उपस्थिति में बाउंड्रीवाल एवं मिट्टी पाटने का कार्य कराया जा रहा है।डॉ.यादव ने बताया कि अश्विनी राय के भाई रोहित राय से उनका पूर्व परिचय रहा है,उसी कारण उनके बीच पारिवारिक स्तर पर आना-जाना रहा।किंतु इसी बीच अश्विनी एवं रोहित राय ने कुछ काश्तकारों से एग्रीमेंट करा लिया,जबकि निर्धारित धनराशि का भुगतान नहीं किया गया।उन्होंने बताया कि जब काश्तकारों द्वारा जमीन पर कार्य प्रारंभ कराया गया तो मौके पर मौजूद कई काश्तकारों—शफीकुर्रहमान खान, परवेज खान उर्फ सोनू, अहमद बारी,अलि अहमद उर्फ पप्पू,मुश्ताक अहमद उर्फ राजू,एजाज अहमद सहित अन्य—ने बताया कि अश्विनी राय और रोहित राय ने विश्वास में लेकर उनसे एग्रीमेंट तो करा लिया, लेकिन आठ महीने बीत जाने के बाद भी भुगतान नहीं किया।काश्तकारों ने आरोप लगाया कि उनसे कहा जाता रहा कि “हमारे बड़े-बड़े अधिकारियों और नेताओं से संबंध हैं, जब पैसा होगा तब देंगे।” चेक देने के बाद भी बैंक में लगाने से मना किया जाता रहा, जिससे वे मानसिक रूप से प्रताड़ित हो चुके हैं। काश्तकारों ने रोते हुए अपनी जमीन आगे न देने की बात कही और डॉ. यादव से मदद की गुहार लगाई।डॉ.यादव ने बताया कि उन्होंने काश्तकारों को सलाह दी कि वे न्यायालयी आदेश के अनुसार अपनी जमीन पर कार्य कराएं और यदि तय समय पर भुगतान नहीं होता है तो वे अपनी जमीन किसी को भी बेचने के लिए स्वतंत्र हैं। वर्तमान में सभी काश्तकार अपनी-अपनी जमीन पर कार्य करा रहे हैं तथा वे स्वयं भी केवल अपनी निर्धारित जमीन पर ही निर्माण कार्य करवा रहे हैं।उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका किसी से कोई विवाद या झगड़ा नहीं है,लेकिन जानबूझकर उनकी सामाजिक, नैतिक एवं आध्यात्मिक छवि को बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है।जो पूरी तरह से असत्य है।डॉ.संतोष कुमार सिंह यादव ने चेतावनी दी कि यदि आवश्यकता पड़ी तो वे अपने अधिवक्ता के माध्यम से मानहानि सहित अन्य विधिक कार्यवाही करने से पीछे नहीं हटेंगे।

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