ओवरलोड वाहन रफ्तार से दौड़ रहे, ग्रामीणों में बढ़ा आक्रोश
रिपोर्ट – अनिल कुमार

फतेहपुर। किशनपुर थाना क्षेत्र के महावतपुर असहट ग्राम से होकर बांदा जनपद को जोड़ने वाले दादों-यमुना पुल के क्षतिग्रस्त होने के बाद खदान संचालकों ने बिना किसी शासनादेश के कच्चा मिट्टी का वैकल्पिक मार्ग तैयार करा लिया है। बांदा के मोरंग खंडों से फतेहपुर की ओर लगातार ओवरलोड वाहनों की आवाजाही इसी अवैध मार्ग से की जा रही है, जिससे हादसों का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है।
असहट गांव के पास बना यह कच्चा रास्ता स्कूली बच्चों, राहगीरों और दोपहिया चालकों के लिए मुसीबत बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि सुबह-शाम स्कूल समय पर ट्रैक्टर व भारी वाहन तेज रफ्तार से गुजरते हैं, जिससे कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है। किशनपुर–असहट मुख्य मार्ग को क्रॉस करके यह वाहन आगे बढ़ते हैं, जिससे जाम और अनियंत्रण की स्थिति आम हो गई है।
ग्रामीण अमित कुमार, रोहन कुमार, सुजीत, धीरज, गुलशन, रामादेवी, निशा देवी, सुधादेवी सहित सैकड़ों लोगों ने ओवरलोड वाहनों के इस अवैध परिवहन पर कड़ा आक्रोश व्यक्त किया है। ग्रामीणों का आरोप है कि खदान संचालकों की मनमानी से गांव का माहौल असुरक्षित हो गया है और प्रशासन की चुप्पी से उनके हौसले और बुलंद हैं।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से वैकल्पिक कच्चे मार्ग को तत्काल बंद कराने, ओवरलोड परिवहन पर रोक लगाने और जिम्मेदारों पर कठोर कार्रवाई की मांग की है।
