राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष ने छात्राओं को जागरूक और आत्मनिर्भर बनने का किया आह्वान
मोबाइल फोन से दूरी बनाकर किताबों से दोस्ती करना ही सफलता की कुंजी -डाo बबीता सिंह चौहान
रिपोर्ट – शारिक खान

रामपुर। मिशन शक्ति के पांचवें चरण के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम का मा० राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबीता सिंह चौहान ने पीएमश्री राजकीय खुर्शीद कन्या इंटर कॉलेज में दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारम्भ किया और छात्राओं से संवाद किया।
उन्होंने बालिकाओं की शिक्षा, आत्मनिर्भरता और भविष्य निर्माण पर विस्तार से चर्चा की तथा महिला अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं के सर्वांगीण विकास के लिए अनेक योजनाएं संचालित कर रही है, परंतु इन योजनाओं का वास्तविक लाभ तभी मिलेगा जब महिलाएं और छात्राएं पूरी तरह जागरूक होंगी। उन्होंने छात्राओं से कहा कि उनका भविष्य उनकी मुट्ठी में है इसलिए मोबाइल फोन से दूरी बनाकर किताबों से दोस्ती करना ही सफलता की कुंजी है। उन्होंने कहा कि लाइब्रेरी जाकर ज्ञानवर्धक पुस्तकों का अध्ययन करें क्योंकि जो ज्ञान आज प्राप्त होगा, वही आने वाले जीवन में मार्ग प्रशस्त करेगा। उन्होंने बताया कि बेटियां दो घरों को रौशन करती हैं और उनकी कलम और इच्छाशक्ति उनके भाग्य को बदल सकती है। अच्छे संस्कार और संस्कृति को आगे बढ़ाना हमारी जिम्मेदारी है उन्होंने कहा कि कक्षा 12वीं के बाद छात्राओं के लिए हर क्षेत्र में शिक्षा के अवसर उपलब्ध होते हैं, इसलिए प्रत्येक बालिका को अपना लक्ष्य और विजन स्पष्ट करते हुए आगे की शिक्षा अवश्य जारी रखनी चाहिए आज समय बदल रहा है और महिला सुरक्षा एवं संरक्षण को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जा रही है उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि ऑपरेशन सिंदूर” में भी बेटियों ने सक्रिय भूमिका निभाकर अपनी क्षमता और साहस को सिद्ध किया है उन्होंने छात्राओं से संवाद करते हुए कहा कि कई बार 12वीं कक्षा के बाद कुछ छात्राएं पारिवारिक कारणों से आगे पढ़ाई जारी नहीं रख पाती हैं। ऐसे मामलों में विद्यालय प्रशासन को अभिभावकों के साथ काउंसिलिंग कर छात्राओं की शिक्षा को निरंतर बनाए रखने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने मिशन शक्ति की हेल्पलाइन सहित सुरक्षा सेवाओं और सहायता स्रोतों के बारे में विस्तृत जानकारी भी प्रदान की कार्यक्रम में मा० राज्य महिला आयोग की सदस्य श्रीमती सुनीता सैनी, जिला विद्यालय निरीक्षक श्रीमती अंजलि अग्रवाल, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सुश्री कल्पना देवी तथा प्रधानाचार्य शिवशंकर उपस्थित रहे।
