ब्यूरो रिपोर्ट –

फतेहपुर। समाज और सच्चाई की आवाज़ उठाने वाले दिवंगत पत्रकार साथी दिलीप सैनी को आज प्रेस वेलफेयर एसोसिएशन के सदस्यों ने अत्यंत श्रद्धा और आदर के साथ याद किया। उनकी पहली पुण्यतिथि (या दिवंगत होने की तिथि के आस-पास) पर, पत्रकारों ने एकजुट होकर यह साबित कर दिया कि एक सच्चा कलमकार कभी मरता नहीं, वह हमेशा अपने काम और यादों में ज़िंदा रहता है।

दोपहर में याद मे श्रद्धा सुमन किये अर्पित!!
एसोसिएशन के सभी पत्रकार दोपहर में एक स्थान पर एकत्रित हुए, जहाँ दिवंगत दिलीप सैनी की प्रतिमा पर माला और फूल चढ़ाकर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि दी गई। यह क्षण न केवल उन्हें याद करने का था, बल्कि पत्रकारिता के मूल्यों को मज़बूती से थामे रखने के उनके संकल्प को दोहराने का भी था। इस दौरान पत्रकारों ने दो मिनट का मौन रखकर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
शाम को पत्रकारिता के ‘जागरूकता की लौ’ जलाई

शाम होते ही, पत्रकार साथी विद्यार्थी चौराहे पर जमा हुए और दिवंगत साथी की याद में मोमबत्तियां जलाईं। मोमबत्तियां जलाना केवल श्रद्धांजलि नहीं थी, बल्कि यह अंधेरे पर सच्चाई की जीत और पत्रकारिता की ज़िम्मेदारी का प्रतीक थी। इस दौरान पत्रकारों ने शपथ ली कि वे दिलीप सैनी के साहस और निडर पत्रकारिता के आदर्शों को हमेशा कायम रखेंगे, ताकि समाज में कोई भी आवाज़ दबाई न जा सके।
यह भावभीनी श्रद्धांजलि पत्रकार बिरादरी की एकजुटता, साहस और अपने साथियों के प्रति गहरे सम्मान को दर्शाती है। दिलीप सैनी की यादें और उनका काम आज भी सभी को प्रेरणा दे रहा है कि वे बिना डरे, पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ते रहें।
