रिपोर्ट: संदीप वर्मा
स्थान: बाराबंकी
चर्चित मामले में पुलिस की बड़ी कार्रवाई
बाराबंकी के फतेहपुर कोतवाली क्षेत्र में नाबालिग किशोरी के कथित जबरन धर्मांतरण, यौन शोषण और जबरन निकाह के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक सिपाही समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। शनिवार को तीनों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
तीन मोबाइल और कार बरामद
पुलिस के अनुसार कार्रवाई के दौरान आरोपियों के कब्जे से तीन मोबाइल फोन और कथित निकाह में प्रयुक्त एक वैगनआर कार बरामद की गई है। वहीं, मामले के मुख्य आरोपी सहित अन्य वांछित आरोपियों की तलाश में पुलिस की टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।
पीड़िता की मां की शिकायत पर दर्ज हुआ मुकदमा
पुलिस के मुताबिक 23 जुलाई को पीड़िता की मां की शिकायत पर पुलिस अधीक्षक के निर्देश के बाद फतेहपुर कोतवाली में सिपाही मोहम्मद आसिफ, जावेद, रेहान तथा अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था।
शिकायत में आरोप लगाया गया कि नाबालिग किशोरी का जबरन धर्मांतरण कर निकाह कराया गया और उसका यौन शोषण किया गया। साथ ही यह भी आरोप लगाया गया कि किशोरी का दो बार गर्भपात कराया गया। इन आरोपों की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है।
विवेचना के दौरान तीन आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने विवेचना के दौरान मोहम्मद आसिफ, मोहम्मद तासिम उर्फ सिराज तथा अवधेश कुमार गौतम को गिरफ्तार किया। न्यायालय में पेश किए जाने के बाद तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
पहली तैनाती वाले थाने से ही पहुंचा जेल
इस मामले में सबसे अधिक चर्चा सिपाही मोहम्मद आसिफ की गिरफ्तारी को लेकर हो रही है। पुलिस के अनुसार वर्ष 2020 बैच के इस सिपाही की प्रशिक्षण के बाद पहली तैनाती फतेहपुर कोतवाली में हुई थी। अब उसी थाने में दर्ज मामले में उसकी गिरफ्तारी हुई और न्यायिक अभिरक्षा में उसे जेल भेजा गया।
फरार आरोपियों की तलाश जारी
कोतवाली प्रभारी ने बताया कि मामले की विवेचना जारी है। मुख्य आरोपी जावेद सहित अन्य वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। पुलिस का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
नोट: यह समाचार पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर और प्रारंभिक जांच के आधार पर तैयार किया गया है। मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया और जांच पूरी होने के बाद ही होगी।
