रिपोर्ट – कबीर
मुजफ्फरनगर। सिविल लाइन पुलिस ने बिना लाइसेंस कथित तौर पर आयुर्वेदिक कामोत्तेजक दवाओं का निर्माण और बिक्री करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी घर पर कच्चे माल से दवाएं और माजून तैयार कर उन पर फर्जी लेबल लगाकर आयुर्वेदिक कंपनी का उत्पाद बताकर बेचते थे। ऑनलाइन माध्यम से भी प्रचार-प्रसार कर ऑर्डर लिए जाते थे।
पुलिस ने इमरान कॉलोनी में पुराने निजामुद्दीन अस्पताल वाली गली में कार्रवाई करते हुए मोहम्मद फुरकान निवासी रामपुरी लद्धावाला, हाल इमरान कॉलोनी और शाहिद निवासी लोनी, गाजियाबाद, हाल इमरान कॉलोनी को गिरफ्तार किया। दोनों की उम्र करीब 45 और 40 वर्ष बताई गई है।
भारी मात्रा में सामान बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 50 माजून की डिब्बियां, आरएमडी हर्बल कंपनी के 12 बंडल रैपर टेप, एक कार्टन वॉरेक्स वर्जिन पॉड कैप्सूल, 473 डिल्डो बेल्ट, 1525 सिलिकन कंडोम, 1820 ड्रैगन कंडोम, पीले रंग के तरल पदार्थ से भरी 270 शीशियां, विभिन्न रंगों की गोलियों की डिब्बियां और पैकेट, 13 दवाई किट तथा एक लैपटॉप और कंप्यूटर सिस्टम बरामद किया।
घर से चलता था कथित कारोबार
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि वे बाजार से कच्चा माल लाकर घर पर कामोत्तेजक दवाएं और माजून तैयार करते थे। तैयार सामान पर फर्जी लेबल लगाकर बड़े आयुर्वेदिक ब्रांड का उत्पाद बताकर ऊंचे दाम पर बेचने की बात भी सामने आई है। पुलिस के अनुसार दोनों के पास दवाएं बनाने और बेचने का कोई लाइसेंस या डिग्री नहीं थी।
पुलिस के मुताबिक आरोपी ऑनलाइन बिक्री के लिए यूट्यूब और व्हाट्सएप का इस्तेमाल करते थे। बरामद लैपटॉप और कंप्यूटर के जरिए प्रचार-प्रसार और व्हाट्सएप पर ऑर्डर लेने की बात भी पूछताछ में सामने आई।
सिविल लाइन पुलिस आरोपियों की फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंक की जांच कर रही है। दोनों आरोपियों का पूर्व में भी इसी मुकदमे से संबंधित आपराधिक इतिहास दर्ज बताया गया है। कार्रवाई प्रभारी निरीक्षक रघुराज सिंह के नेतृत्व में उपनिरीक्षक गजेंद्र सिंह, कांस्टेबल सुधीर, अंकित, ब्रह्मदेव और मोहित की टीम ने की।
