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समाधान दिवस में डीएम-एसएसपी का सख्त संदेश: एक सप्ताह में शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करें अधिकारी, जलभराव और अतिक्रमण पर जीरो टॉलरेंस

रिपोर्ट: कबीर

मुजफ्फरनगर

जनसुनवाई व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से शनिवार को तहसील खतौली में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी उमेश मिश्रा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने आम नागरिकों की शिकायतें सुनीं। इस दौरान दोनों अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और प्रत्येक शिकायत का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान केवल औपचारिकता न बने, बल्कि ऐसा हो जिससे शिकायतकर्ता पूरी तरह संतुष्ट हो। उन्होंने सभी विभागों को एक सप्ताह के भीतर लंबित शिकायतों का निस्तारण करने के निर्देश दिए।

69 शिकायतें हुईं दर्ज, सात का मौके पर समाधान

तहसील सभागार में आयोजित समाधान दिवस के दौरान विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 69 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें बिजली, समाज कल्याण, राशन कार्ड, भूमि विवाद, नगर पालिका, नगर पंचायत, राजस्व, श्रम, पेंशन, सड़क और पुलिस प्रशासन से जुड़े मामले प्रमुख रहे।

प्रशासनिक अधिकारियों ने इनमें से 7 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर संबंधित लोगों को राहत प्रदान की। शेष मामलों को जांच एवं आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित विभागों को भेज दिया गया।

मौके पर पहुंचकर करें शिकायतों का निस्तारण

जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक शिकायत का समाधान केवल कार्यालय स्तर पर न किया जाए, बल्कि आवश्यकता होने पर स्वयं मौके पर जाकर वास्तविक स्थिति का निरीक्षण किया जाए।

उन्होंने कहा कि कार्रवाई पूरी होने के बाद शिकायतकर्ता से फीडबैक भी लिया जाए ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि समस्या का संतोषजनक समाधान हुआ है। इसके साथ ही निस्तारण के दौरान मौके के फोटो लेना भी अनिवार्य किया गया, जिससे कार्यवाही का रिकॉर्ड पारदर्शी तरीके से उपलब्ध रहे।

आईजीआरएस शिकायतों पर भी विशेष निगरानी

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आईजीआरएस (इंटीग्रेटेड ग्रीवांस रिड्रेसल सिस्टम) पर दर्ज होने वाली शिकायतों का भी निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने कहा कि शिकायतों को केवल निपटाने के उद्देश्य से बंद न किया जाए, बल्कि उनका स्थायी और प्रभावी समाधान किया जाए। यदि किसी अधिकारी की ओर से लापरवाही सामने आती है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

मानसून को देखते हुए जलभराव पर विशेष सतर्कता

मानसून के मौसम को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी ने नगर पालिका, नगर पंचायत और संबंधित विभागों को जलभराव की समस्या को लेकर विशेष निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि जिले के किसी भी क्षेत्र में जलभराव की स्थिति नहीं बननी चाहिए। यदि कहीं पानी जमा होने की सूचना मिलती है तो संबंधित विभाग तत्काल मौके पर पहुंचकर जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करें।

उन्होंने स्पष्ट किया कि इस कार्य में किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

अवैध अतिक्रमण पर सख्त कार्रवाई के निर्देश

जिलाधिकारी ने सरकारी भूमि पर हो रहे अवैध कब्जों को लेकर भी अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहां भी सरकारी भूमि पर अतिक्रमण पाया जाए, वहां तत्काल नियमानुसार कार्रवाई करते हुए भूमि को कब्जामुक्त कराया जाए।

उन्होंने राजस्व और संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि नियमित निरीक्षण कर ऐसे मामलों पर नजर रखें और अवैध कब्जों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें।

अधिकारियों की रही मौजूदगी

संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान उप जिलाधिकारी खतौली डॉ. ललित कुमार मिश्रा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील तेवतिया, तहसीलदार अरविंद कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

सभी विभागों के अधिकारियों ने संबंधित शिकायतकर्ताओं से जानकारी लेकर मामलों के शीघ्र समाधान का भरोसा दिया और विभागीय स्तर पर आवश्यक कार्रवाई शुरू करने की बात कही।

जनता की समस्याओं के समाधान पर प्रशासन का जोर

जिलाधिकारी ने कहा कि समाधान दिवस का उद्देश्य केवल शिकायतें प्राप्त करना नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की समस्या का निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने अधिकारियों से जनसुनवाई के दौरान संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने की अपेक्षा जताई।

उन्होंने यह भी कहा कि शासन की प्राथमिकता है कि आम नागरिकों को सरकारी कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें और उनकी समस्याओं का समाधान निर्धारित समय सीमा में किया जाए।

निष्कर्ष

तहसील खतौली में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया कि शिकायतों के निस्तारण में अब किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। एक सप्ताह के भीतर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण, शिकायतकर्ता से फीडबैक, जलभराव की समस्या पर त्वरित कार्रवाई और सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने जैसे निर्देश प्रशासन की जनहित के प्रति गंभीरता को दर्शाते हैं।

जिला प्रशासन का उद्देश्य है कि जनसुनवाई व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाया जाए, जिससे नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान हो और प्रशासन के प्रति जनता का विश्वास और मजबूत हो।

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