रिपोर्ट: संदीप वर्मा
बाराबंकी
बाराबंकी जनपद के विकासखंड बंकी स्थित किसान कल्याण केंद्र में शनिवार को विकासखंड स्तरीय खरीफ गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, खरीफ फसलों की उन्नत खेती तथा कृषि विभाग द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराना था। गोष्ठी में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया और कृषि विशेषज्ञों से खेती से जुड़े विभिन्न विषयों पर जानकारी प्राप्त की।
कार्यक्रम में प्रशासक, जिला पंचायत बाराबंकी राजरानी रावत मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। उन्होंने किसानों से वैज्ञानिक खेती अपनाने और सरकार की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने की अपील की।
पुष्पगुच्छ भेंट कर अतिथियों का किया स्वागत
कार्यक्रम का शुभारंभ उप कृषि निदेशक उमेश कुमार द्वारा मुख्य अतिथि राजरानी रावत एवं विशिष्ट अतिथि डॉ. अवधेश वर्मा का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत एवं अभिनंदन के साथ किया गया। इसके बाद गोष्ठी की औपचारिक शुरुआत हुई, जिसमें कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों को विभिन्न योजनाओं और तकनीकों की जानकारी दी।
कृषि विभाग की योजनाओं पर विस्तार से हुई चर्चा
उप कृषि निदेशक उमेश कुमार ने अपने संबोधन में कृषि विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं, किसानों को दिए जाने वाले अनुदान तथा खरीफ फसलों की उन्नत खेती की वैज्ञानिक तकनीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने किसानों से कहा कि विभाग द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ उठाकर वे अपनी खेती को अधिक लाभकारी बना सकते हैं। साथ ही आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर उत्पादन बढ़ाने और लागत कम करने की दिशा में प्रयास करने की भी सलाह दी।
गुणवत्तायुक्त बीज और संतुलित उर्वरक उपयोग पर दिया जोर
जिला कृषि अधिकारी राजित राम ने किसानों को गुणवत्तायुक्त बीजों के चयन, उर्वरकों के संतुलित एवं वैज्ञानिक उपयोग तथा फसलों के बेहतर प्रबंधन के बारे में जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि संतुलित मात्रा में उर्वरकों का प्रयोग करने से मिट्टी की उर्वरता बनी रहती है और फसल की गुणवत्ता एवं उत्पादन में सुधार होता है। उन्होंने किसानों से प्रमाणित बीजों का उपयोग करने की भी अपील की।
श्री अन्न (मोटे अनाज) की खेती को बताया लाभदायक
गोष्ठी के दौरान जिला कृषि अधिकारी ने श्री अन्न (मोटे अनाज) की खेती के महत्व पर विशेष प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि मोटे अनाज की खेती किसानों के लिए आर्थिक रूप से लाभकारी होने के साथ-साथ पोषण सुरक्षा और जल संरक्षण की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है।
उन्होंने किसानों को अधिक से अधिक क्षेत्र में श्री अन्न की खेती करने के लिए प्रेरित किया और बताया कि सरकार भी इस दिशा में विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किसानों को प्रोत्साहित कर रही है।
वैज्ञानिक खेती अपनाने की अपील
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए राजरानी रावत ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार किसानों के हित में अनेक कल्याणकारी योजनाएं संचालित कर रही हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना और खेती को अधिक आधुनिक एवं लाभकारी बनाना है।
उन्होंने किसानों से आधुनिक कृषि तकनीकों, वैज्ञानिक पद्धतियों और नई कृषि योजनाओं का लाभ उठाने का आग्रह किया, ताकि खेती की लागत कम हो और उत्पादन में वृद्धि हो सके।
कृषि विभाग ने लगाए जानकारीपूर्ण स्टॉल
कार्यक्रम के दौरान कृषि एवं संबंधित विभागों की ओर से कृषकों के लिए विभिन्न जानकारीपूर्ण स्टॉल भी लगाए गए। इन स्टॉलों पर किसानों को कृषि यंत्रों, उन्नत बीजों, सरकारी योजनाओं, फसल सुरक्षा, मृदा स्वास्थ्य और अन्य कृषि संबंधी विषयों की जानकारी दी गई।
किसानों ने विशेषज्ञों से सीधे संवाद कर अपनी खेती से जुड़ी समस्याओं पर सुझाव भी प्राप्त किए।
किसानों ने लिया सक्रिय भाग
गोष्ठी में विकासखंड क्षेत्र के बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान किसानों ने आधुनिक खेती, सरकारी योजनाओं और नई कृषि तकनीकों के बारे में जानकारी प्राप्त की तथा विशेषज्ञों से अपने प्रश्नों के उत्तर भी लिए।
निष्कर्ष
विकासखंड बंकी में आयोजित खरीफ गोष्ठी किसानों के लिए उपयोगी साबित हुई। कार्यक्रम के माध्यम से किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, गुणवत्तापूर्ण बीजों, संतुलित उर्वरक उपयोग, श्री अन्न की खेती और सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। कृषि विभाग का उद्देश्य है कि किसान वैज्ञानिक खेती अपनाकर उत्पादन बढ़ाएं, लागत कम करें और अपनी आय में वृद्धि कर आत्मनिर्भर कृषि की दिशा में आगे बढ़ें।
