रिपोर्ट: कबीर
मुजफ्फरनगर
उत्तर प्रदेश सरकार के पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेन्द्र कश्यप ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकार की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पहुंचाया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही, शिथिलता या उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और शिकायत मिलने पर संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय करते हुए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
शनिवार को मुजफ्फरनगर स्थित सर्किट हाउस (निरीक्षण भवन) के सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में राज्यमंत्री ने सहारनपुर मंडल के मंडलीय एवं जनपदीय अधिकारियों के साथ विभागीय योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की वर्तमान स्थिति, लक्ष्य पूर्ति और लाभार्थियों तक उनकी पहुंच पर विस्तार से चर्चा की गई।
योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर दिया गया जोर
समीक्षा बैठक के दौरान राज्यमंत्री नरेन्द्र कश्यप ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं संचालित करना नहीं, बल्कि उनका वास्तविक लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सभी योजनाओं के निर्धारित लक्ष्यों को समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए और प्रत्येक कार्य में पारदर्शिता बनाए रखी जाए।
उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ तभी सार्थक होगा जब पात्र लाभार्थियों तक बिना किसी भेदभाव के सुविधाएं पहुंचें और उन्हें समय पर सहायता मिल सके।
पात्र व्यक्ति योजनाओं से वंचित न रहे
राज्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार समाज के कमजोर एवं जरूरतमंद वर्गों के उत्थान के लिए लगातार कार्य कर रही है। ऐसे में अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि कोई भी पात्र व्यक्ति पेंशन, छात्रवृत्ति, विवाह अनुदान, दिव्यांगजन सहायता, स्वरोजगार अथवा अन्य कल्याणकारी योजनाओं से वंचित न रहे।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे नियमित रूप से अपने क्षेत्रों का भ्रमण करें, पात्र लाभार्थियों की पहचान करें और उन्हें योजनाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।
सिर्फ कागजी लक्ष्य नहीं, जमीन पर दिखे परिणाम
राज्यमंत्री नरेन्द्र कश्यप ने कहा कि केवल फाइलों में लक्ष्य पूरा दिखाना पर्याप्त नहीं है। योजनाओं का वास्तविक प्रभाव जमीन पर दिखाई देना चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे विभागीय योजनाओं की नियमित निगरानी करें और यदि कहीं किसी प्रकार की समस्या या बाधा सामने आती है तो उसका तत्काल समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता जनहित है और हर अधिकारी को इसी भावना के साथ कार्य करना चाहिए।
लाभार्थियों के चयन में पारदर्शिता जरूरी
बैठक में राज्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी योजनाओं में लाभार्थियों का चयन पूरी पारदर्शिता और निर्धारित पात्रता मानकों के आधार पर किया जाए।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि लाभार्थी चयन या योजना संचालन में किसी प्रकार की अनियमितता अथवा शिकायत सामने आती है तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
योजनाओं के प्रचार-प्रसार पर भी दिया जोर
राज्यमंत्री ने कहा कि कई बार जानकारी के अभाव में पात्र लोग सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं ले पाते। इसलिए सभी अधिकारियों को योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
उन्होंने निर्देश दिए कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जनजागरूकता अभियान चलाकर लोगों को विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी जाए, ताकि अधिक से अधिक पात्र नागरिक इनका लाभ उठा सकें।
विभागों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता
बैठक के दौरान नरेन्द्र कश्यप ने विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि पिछड़ा वर्ग और दिव्यांगजन समाज के सशक्तीकरण के लिए सभी विभागों को टीम भावना के साथ कार्य करना होगा।
उन्होंने कहा कि जब सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करेंगे, तभी योजनाओं का लाभ समय पर जरूरतमंद लोगों तक पहुंच सकेगा और शासन की मंशा पूरी होगी।
अधिकारियों ने प्रस्तुत की प्रगति रिपोर्ट
बैठक में विभागीय अधिकारियों ने विभिन्न योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए लक्ष्य पूर्ति की स्थिति की जानकारी दी। इस दौरान लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों तक सुविधाएं पहुंचाने को लेकर भी विस्तार से चर्चा की गई।
राज्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि नियमित समीक्षा और प्रभावी निगरानी के माध्यम से योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली सभी बाधाओं को दूर किया जाए।
कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
समीक्षा बैठक में उपनिदेशक दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग, सहारनपुर मंडल राजकुमार सिंह, उपनिदेशक पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग मुकेश पाल सिंह, जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी एवं जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी मुजफ्फरनगर दीक्षा उपाध्याय, जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी एवं जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी शामली सुधीर कुमार, जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी सहारनपुर अजय कुमार सहित सहारनपुर मंडल के विभिन्न मंडलीय एवं जनपदीय अधिकारी उपस्थित रहे।
निष्कर्ष
मुजफ्फरनगर में आयोजित समीक्षा बैठक के माध्यम से राज्यमंत्री नरेन्द्र कश्यप ने स्पष्ट संदेश दिया कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को समयबद्ध, पारदर्शी और जवाबदेह कार्यप्रणाली अपनाने के निर्देश दिए तथा चेतावनी दी कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में विभागीय योजनाओं की समीक्षा के साथ-साथ उनके प्रभावी संचालन, पारदर्शी लाभार्थी चयन, जनजागरूकता और विभागीय समन्वय को मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया गया, ताकि समाज के जरूरतमंद वर्गों को सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ समय पर मिल सके।
