रिपोर्ट: कबीर
मुजफ्फरनगर
जनसंख्या स्थिरता पखवाड़े के अंतर्गत शनिवार को मुजफ्फरनगर के नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रामपुरी और कृष्णापुरी में परिवार नियोजन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रमों का उद्देश्य लोगों को परिवार नियोजन के महत्व, छोटे परिवार के लाभ और मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना था। इस दौरान आशा कार्यकर्ताओं ने रोल प्ले (नुक्कड़ नाटक) के माध्यम से सरल और प्रभावी तरीके से जनजागरूकता का संदेश दिया।
रोल प्ले के माध्यम से दिया जागरूकता का संदेश
रामपुरी स्वास्थ्य केंद्र पर आशा कार्यकर्ताओं ने नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत कर छोटे परिवार के महत्व को लोगों तक पहुंचाया। प्रस्तुति के दौरान यह बताया गया कि परिवार नियोजन अपनाने से माता और बच्चे दोनों का स्वास्थ्य बेहतर रहता है, परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है और बच्चों के पालन-पोषण व शिक्षा पर बेहतर ध्यान दिया जा सकता है।
नुक्कड़ नाटक में बढ़ती जनसंख्या से उत्पन्न होने वाली चुनौतियों और संतुलित परिवार की आवश्यकता को भी सरल भाषा में समझाया गया, जिससे उपस्थित महिलाओं ने कार्यक्रम में रुचि दिखाई।
परिवार नियोजन के साधनों की दी गई जानकारी
कृष्णापुरी स्वास्थ्य केंद्र पर आयोजित कार्यक्रम में महिला आरोग्य समिति की सदस्याओं और स्थानीय महिलाओं को परिवार नियोजन के विभिन्न साधनों की जानकारी दी गई। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बताया कि सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जा रही परिवार नियोजन सेवाओं का लाभ लेकर दंपति अपने परिवार की बेहतर योजना बना सकते हैं।
कार्यक्रम में अस्थायी और स्थायी परिवार नियोजन उपायों की जानकारी देने के साथ यह भी बताया गया कि सभी सेवाएं सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों पर निर्धारित व्यवस्था के अनुसार उपलब्ध हैं।
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य पर दिया गया विशेष जोर
कार्यक्रम का निरीक्षण करने पहुंचीं अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं परिवार कल्याण कार्यक्रम की नोडल अधिकारी डॉ. दिव्या वर्मा ने कहा कि परिवार नियोजन केवल जनसंख्या नियंत्रण का विषय नहीं, बल्कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य से भी सीधे जुड़ा हुआ है।
उन्होंने कहा कि संतुलित परिवार अपनाने से गर्भधारण के बीच उचित अंतर बनाए रखने में सहायता मिलती है, जिससे मां और बच्चे दोनों का स्वास्थ्य बेहतर रहता है। साथ ही परिवार की आर्थिक और सामाजिक स्थिति भी मजबूत होती है।
समुदाय की भागीदारी को बताया आवश्यक
डॉ. दिव्या वर्मा ने कहा कि जनसंख्या स्थिरता के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए केवल स्वास्थ्य विभाग के प्रयास पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि समुदाय की सक्रिय भागीदारी भी आवश्यक है।
उन्होंने आशा कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे घर-घर जाकर पात्र दंपतियों को परिवार नियोजन के प्रति जागरूक करें और उन्हें सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी देकर इनका लाभ लेने के लिए प्रेरित करें।
आशा कार्यकर्ताओं की भूमिका की सराहना
कार्यक्रम के दौरान आशा कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी की सराहना की गई। अधिकारियों ने कहा कि आशा कार्यकर्ता ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य योजनाओं को लोगों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उनके माध्यम से स्वास्थ्य संबंधी जानकारी आम लोगों तक आसानी से पहुंचती है और सरकारी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक पात्र लोगों तक पहुंच पाता है।
स्थानीय महिलाओं ने लिया कार्यक्रम में हिस्सा
जागरूकता कार्यक्रम में पीएसआई इंडिया की भारती रावत, शोभित, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, आशा कार्यकर्ता, महिला आरोग्य समिति की सदस्याएं तथा बड़ी संख्या में स्थानीय महिलाओं ने भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित महिलाओं ने परिवार नियोजन से जुड़े विभिन्न विषयों पर जानकारी प्राप्त की और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से अपने सवालों के उत्तर भी लिए।
निष्कर्ष
रामपुरी और कृष्णापुरी स्वास्थ्य केंद्रों पर आयोजित जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से परिवार नियोजन, छोटे परिवार के लाभ और मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के महत्व का प्रभावी संदेश दिया गया। रोल प्ले जैसी सहभागितापूर्ण गतिविधियों ने कार्यक्रम को अधिक रोचक और प्रभावशाली बनाया।
स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि जनजागरूकता, सामुदायिक सहभागिता और आशा कार्यकर्ताओं की सक्रिय भूमिका से परिवार नियोजन कार्यक्रम को और अधिक सफल बनाया जा सकता है, जिससे स्वस्थ परिवार और स्वस्थ समाज के निर्माण की दिशा में सकारात्मक परिणाम प्राप्त होंगे।
