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1300 साल पुराने शिव मंदिर की जमीन पर कब्जे का आरोप, जांच में नाम गलत मिलने का दावा

रिपोर्ट – कबीर

मुजफ्फरनगर। रोहाना खुर्द गांव स्थित प्राचीन शिव मंदिर की भूमि को लेकर विवाद एक बार फिर गरमा गया है। भारतीय किसान यूनियन टिकैत के सहारनपुर मंडल सचिव संजीव भारद्वाज ने समाजवादी पार्टी के जिला सचिव रह चुके हरेंद्र सैनी पर कथित फर्जी दस्तावेजों के आधार पर मंदिर की भूमि अपने नाम दर्ज कराने का आरोप लगाया है। भारद्वाज का दावा है कि शिकायत के बाद हुई जांच में भूमि अभिलेखों में दर्ज नाम गलत पाया गया है। अब मामले में धारा 38 के तहत कार्रवाई करते हुए संबंधित पक्षों से जवाब मांगा गया है।

सदर तहसील स्थित एसडीएम कार्यालय पहुंचे संजीव भारद्वाज ने मीडिया से बातचीत में बताया कि रोहाना खुर्द गांव में स्थित प्राचीन शिव मंदिर की भूमि को लेकर वर्ष 2012 से विवाद चल रहा है। उनके आरोप के मुताबिक, मंदिर की भूमि को कथित तौर पर गलत क्रय-विक्रय के दस्तावेज तैयार कर हरेंद्र सैनी के नाम दर्ज करा दिया गया था। इस मामले की शिकायत जिलाधिकारी से की गई, जिसके बाद जांच एसडीएम सदर को सौंपी गई।

भारद्वाज ने दावा किया कि जांच में भूमि अभिलेखों में दर्ज नाम गलत पाया गया। इसके बाद धारा 38 के तहत कार्रवाई करते हुए प्रतिवादियों से जवाब मांगा गया है कि भूमि उनके नाम किस आधार पर दर्ज हुई। उन्होंने मंदिर को करीब 1300 वर्ष पुराना बताते हुए पुराने उर्दू दस्तावेज होने का भी दावा किया। उनके अनुसार, इन दस्तावेजों में शिव मंदिर का उल्लेख है।

जनप्रतिनिधियों की उदासीनता पर उठाए सवाल

संजीव भारद्वाज ने कहा कि मंदिर की भूमि का विवाद वर्ष 2012 से चला आ रहा है, लेकिन अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं हो सका है। उन्होंने जिले के जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि इतने पुराने विवाद के बावजूद किसी जनप्रतिनिधि ने मौके पर पहुंचकर स्थिति जानने की पहल नहीं की। उन्होंने प्रशासन से पुराने राजस्व अभिलेखों और दस्तावेजों की निष्पक्ष जांच कराकर मामले का नियमानुसार निस्तारण करने की मांग की।

भारद्वाज ने कहा कि मंदिर की भूमि से जुड़े मामले में किसी तरह का अनुचित दबाव नहीं बनाया जाना चाहिए। हालांकि, भूमि पर कथित फर्जी दस्तावेजों के जरिए नाम दर्ज कराने के आरोपों, जांच के निष्कर्षों और दस्तावेजों की वैधता की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है। संबंधित पक्ष का पक्ष सामने आने के बाद ही मामले की पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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