योजना___कहानी बदलाव की
मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण बनी पुष्पा के परिवार के लिए सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन की नई शुरुआत
रिपोर्ट – शारिक खान
रामपुर। कभी बारिश की बूंदों से बचने के लिए छत के नीचे बर्तन रखने पड़ते थे, तो कभी कच्चे मकान की दीवारों और छत की मजबूती को लेकर चिंता बनी रहती थी। बरसात का मौसम पुष्पा और उनके परिवार के लिए राहत नहीं, बल्कि चिंता लेकर आता था। लेकिन मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण ने उनके जीवन की इस परेशानी को हमेशा के लिए पीछे छोड़ दिया। अब पुष्पा का परिवार पक्के और सुरक्षित मकान में सुकून से जीवन बिता रहा है।
ग्राम पंचायत भोट भक्काल, विकासखंड स्वार निवासी पुष्पा पत्नी मुकेश का परिवार पहले कच्चे मकान में रहता था। बरसात के दिनों में मकान की छत से पानी टपकता था और परिवार को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता था। घर की कमजोर स्थिति के कारण हर मौसम में परिवार को अपने आशियाने की चिंता सताती रहती थी।
वर्ष 2025-26 में मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत पुष्पा को पक्का आवास स्वीकृत हुआ। योजना के माध्यम से मिले आवास ने उनके परिवार को सिर्फ एक मजबूत छत ही नहीं दी, बल्कि सुरक्षा, सम्मान और बेहतर भविष्य का भरोसा भी दिया है।
पुष्पा बताती हैं कि पहले बरसात आते ही घर को लेकर चिंता बढ़ जाती थी। अब पक्का मकान मिलने से परिवार निश्चिंत है। उनका कहना है कि “पक्का घर हमारे लिए सिर्फ मकान नहीं, बल्कि सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन का आधार है।”
एक आवास, कई योजनाओं से जुड़ा परिवार
मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के माध्यम से पक्का आवास मिलने के साथ ही पुष्पा का परिवार सरकार की अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं से भी लाभान्वित हो रहा है। परिवार को प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, राशन योजना और आयुष्मान कार्ड जैसी योजनाओं का लाभ मिल रहा है। इस तरह आवास के साथ-साथ परिवार की मूलभूत जरूरतों और सामाजिक सुरक्षा को भी मजबूती मिली है।
मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण—एक पक्का घर, एक सुरक्षित परिवार और एक बेहतर भविष्य की मजबूत नींव।
परियोजना निदेशक डीआरडीए हरिश्चंद्र प्रजापति ने बताया कि मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के ऐसे पात्र परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराना है, जिनके पास अपना पक्का मकान नहीं है। योजना में दैवीय आपदा से प्रभावित परिवारों, दिव्यांगजनों और 50 वर्ष से अधिक आयु की विधवा महिलाओं सहित पात्र परिवारों को प्राथमिकता दी जा रही है।
जनपद में इस योजना के अंतर्गत अब तक 1,351 आवासों का निर्माण कराया जा चुका है। वर्तमान वित्तीय वर्ष में जनपद को 427 आवासों का लक्ष्य प्राप्त हुआ है, जिसके सापेक्ष कार्य कराया जा रहा है।
पुष्पा की कहानी इसी बदलाव की एक तस्वीर है—जहां कभी कच्ची छत बारिश में टपकती थी, आज वहीं परिवार के सिर पर मजबूत पक्की छत है। यह बदलाव सिर्फ एक मकान का नहीं, बल्कि सुरक्षा, सम्मान और आत्मविश्वास के साथ बेहतर जीवन की ओर बढ़ते एक परिवार का बदलाव है।
“अब बरसात डर नहीं, खुशियां लेकर आती है”
पुष्पा के परिवार के लिए पक्का आवास सरकारी योजना का लाभ भर नहीं, बल्कि उनके जीवन में आया एक स्थायी बदलाव है। कभी जिस बारिश का इंतजार चिंता के साथ होता था, आज वही बारिश उनके पक्के आशियाने में नई खुशियों का एहसास कराती है।
