रिपोर्ट – कबीर
मुजफ्फरनगर। फेसबुक पर दोस्ती कर भावनात्मक रिश्तों में उलझाया, ऑनलाइन ट्रेडिंग में मोटे मुनाफे का लालच दिया और फिर फर्जी वेबसाइट पर करोड़ों रुपये का लाभ दिखाकर एक व्यक्ति से 1 करोड़ 1 लाख 2 हजार रुपये ठग लिए। साइबर ठगी के इस बड़े मामले में मुजफ्फरनगर साइबर क्राइम पुलिस ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान सहारनपुर जिले के गंगोह निवासी फुजैल उर्फ फैजुल के रूप में हुई है। पुलिस इस मामले में पहले भी छह आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
पुलिस के मुताबिक, ठगी की शुरुआत फेसबुक पर भेजी गई एक फ्रेंड रिक्वेस्ट से हुई थी। आरोपी पक्ष की ओर से खुद को गीतिका कपूर उर्फ ‘जीजी’ बताकर पीड़ित से बातचीत की गई। धीरे-धीरे विश्वास और भावनात्मक संबंध बनाए गए। इसके बाद पीड़ित को ऑनलाइन ट्रेडिंग और निवेश में भारी मुनाफे का झांसा देकर DGXC नाम की वेबसाइट पर निवेश करने के लिए तैयार किया गया।
फर्जी मुनाफा दिखाकर अलग-अलग खातों में जमा कराए रुपये
आरोपियों ने व्हाट्सएप ग्रुप और वेबसाइट पर कथित मुनाफे के आंकड़े दिखाकर पीड़ित का भरोसा जीता। इसके बाद अलग-अलग तारीखों में विभिन्न बैंक खातों में कुल 1,01,02,000 रुपये जमा करा लिए गए। वेबसाइट पर निवेश की रकम के बदले करोड़ों रुपये का लाभ दिखाई देता रहा, जिससे पीड़ित को अपने निवेश पर मोटा रिटर्न मिलने की उम्मीद बनी रही।
ठगी का खुलासा तब हुआ, जब पीड़ित ने वेबसाइट पर दिखाई जा रही रकम निकालने की कोशिश की। आरोपियों ने रुपये देने के बजाय ‘फाइनल वेरिफिकेशन’, ‘डेटा रिपेयरिंग’ और ‘एंटी मनी लॉन्ड्रिंग प्रोसेस’ जैसे बहाने बनाने शुरू कर दिए। इन प्रक्रियाओं के नाम पर लगातार और रकम जमा करने का दबाव बनाया गया। इस तरह निवेश और मुनाफे के नाम पर पीड़ित से करोड़ों रुपये की ठगी की गई।
सहारनपुर का आरोपी गिरफ्तार, छह पहले जा चुके हैं जेल
थाना साइबर क्राइम के प्रभारी निरीक्षक कर्मवीर सिंह के नेतृत्व में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए फुजैल उर्फ फैजुल पुत्र जियाउलहक, निवासी गंगोह, जिला सहारनपुर को गिरफ्तार किया है।
इस मामले में पुलिस पहले ही अब्दुल कादिर, मोहम्मद आकिब अली, निखिल त्रिपाठी, बलवंत जायसवाल, मोहित कुमार और शहनवाज उर्फ गुड्डू को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। इसके अलावा बठिंडा निवासी हरीश जैन और मध्य प्रदेश के ग्वालियर निवासी विवेक बंजारा को बी-वारंट के जरिए तलब किया जा चुका है।
27 लाख रुपये फ्रीज, पीड़ित को वापस दिलाने की प्रक्रिया जारी
साइबर क्राइम पुलिस के अनुसार, मुकदमा अपराध संख्या 22/2026 में बीएनएस की विभिन्न धाराओं और आईटी एक्ट की धाराओं 66सी व 66डी के तहत मुकदमा दर्ज है। अब तक करीब 27 लाख रुपये फ्रीज कराए जा चुके हैं। इस रकम को पीड़ित के खाते में वापस कराने की प्रक्रिया चल रही है।
कार्रवाई करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक कर्मवीर सिंह, उपनिरीक्षक मुबारिक हसन, हेड कांस्टेबल बालकिशन और कांस्टेबल गजेंद्र सिंह शामिल रहे।
