रिपोर्ट – कबीर
मुजफ्फरनगर। भारतीय किसान यूनियन (तोमर) की ओर से बुधवार को जीआईसी मैदान में आयोजित ‘किसान बचाओ, देश बचाओ’ महापंचायत में किसानों की समस्याओं को लेकर जमकर आवाज उठी। जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से किसान ट्रैक्टरों के काफिले के साथ पहुंचे। महापंचायत के बाद प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम 33 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन एडीएम प्रशासन को सौंपा गया।
महापंचायत में गन्ने के दाम से लेकर बिजली, एमएसपी, कर्ज और किसान पेंशन तक के मुद्दे प्रमुखता से उठे। संगठन ने गन्ने का समर्थन मूल्य 600 रुपये प्रति क्विंटल किए जाने, बकाया गन्ना भुगतान समय से कराने और देरी पर ब्याज देने की मांग की। साथ ही एमएसपी की कानूनी गारंटी और किसानों की संपूर्ण कर्जमाफी की मांग भी रखी गई।
बिजली के मुद्दे पर किसानों ने नलकूपों को मुफ्त कनेक्शन देने, घरेलू बिजली बिलों में 50 प्रतिशत छूट, स्मार्ट मीटर पर रोक और ब्लॉक स्तर पर बिजली बिल सुधार शिविर लगाने की मांग की। 60 वर्ष से अधिक उम्र के किसानों के लिए 10 हजार रुपये मासिक पेंशन और किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए किसान आयोग के गठन की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही।
महापंचायत में मुजफ्फरनगर में एम्स की स्थापना और मेरठ में इलाहाबाद हाईकोर्ट की बेंच स्थापित करने की मांग भी उठी। इसके अलावा फसल नुकसान का उचित मुआवजा, आवारा पशुओं से फसलों की सुरक्षा, पुराने ट्रैक्टरों के खिलाफ कार्रवाई रोकने और विभिन्न स्थानीय समस्याओं के समाधान की मांग की गई।
किसानों ने भोपा रोड की पेपर मिलों से होने वाले वायु प्रदूषण पर रोक लगाने, कैला गांव के पास बिजनौर-पानीपत मार्ग पर अंडरपास बनवाने और परमिट वाली बसों का संचालन दोबारा शुरू कराने की मांग भी रखी। संगठन ने कहा कि लंबे समय से समस्याएं उठाए जाने के बावजूद अपेक्षित समाधान नहीं हुआ है। मांगों पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी गई।
