रिपोर्ट – कबीर
मुजफ्फरनगर। जमीयत उलमा-ए-हिंद की जिला इकाई ने समाज सुधार, जनगणना जागरूकता और आपसी भाईचारे को लेकर अभियान चलाने का फैसला किया है। मस्जिद रहीमिया में हुई जिला एवं स्थानीय इकाइयों के पदाधिकारियों की बैठक में तय हुआ कि योजनाओं को गांव, कस्बे और मोहल्ले स्तर तक पहुंचाया जाएगा।
जिला अध्यक्ष मौलाना मुकर्रम अली कासमी ने कहा कि सामाजिक बुराइयों के खिलाफ जागरूकता अभियान को जनभागीदारी से प्रभावी बनाया जाएगा। नशाखोरी, दहेज, फिजूलखर्ची और अशिक्षा के खिलाफ लोगों को जागरूक करने के साथ युवाओं को सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने पर विशेष ध्यान रहेगा।
जनगणना को लेकर जिला उपाध्यक्ष एवं मीडिया प्रभारी मौलाना आसिफ कुरैशी बुढ़ाना ने कहा कि प्रक्रिया शुरू होने पर लोगों को प्रमाणिक जानकारी उपलब्ध कराना जरूरी है। स्थानीय इकाइयां बैठक, जनसंपर्क और मस्जिदों में ऐलान के जरिए लोगों को जागरूक करेंगी। अफवाहों और अपुष्ट सूचनाओं पर भरोसा नहीं करने की अपील भी की जाएगी।
बैठक में हिंदू-मुस्लिम एकता और सामाजिक सद्भाव को लेकर भी विचार-विमर्श हुआ। मौलाना अब्दुल कय्यूम कासमी, मौलाना जुबैर रहमानी, मौलाना सुहैल अख्तर, हाफिज शेरदीन, मौलाना शाहनजर, मौलाना इसराइल और हाजी अजीजुर्रहमान ने कहा कि शांति और भाईचारे के लिए विभिन्न समुदायों के जिम्मेदार लोगों के बीच लगातार संवाद जरूरी है। स्थानीय स्तर पर साझा कार्यक्रम आयोजित करने और सोशल मीडिया की अफवाहों से लोगों को सतर्क करने पर जोर दिया गया।
जिला महासचिव मौलाना अब्दुल खालिक कासमी ने बताया कि अभियान चरणबद्ध तरीके से चलेंगे। जिला संगठन स्थानीय इकाइयों के साथ समन्वय कर कार्यक्रमों और जिम्मेदारियों को अंतिम रूप देगा।
बैठक में मुफ्ती नौशाद, मुफ्ती निशात, हाजी शराफत अली, मौलाना खालिद, मुफ्ती आजाद, मौलाना सनव्वर कासमी, मौलाना मोनिस, मुफ्ती नावेद, कारी मुजफ्फरुल्लाह, मौलाना शाहनवाज, मौलाना शाह आलम, मौलाना सादिक, मौलाना अब्दुल्लाह समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। अंत में मौलाना जुबैर रहमानी और मौलाना अहमद ने सभी का आभार जताया।
