रिपोर्ट – कबीर
शामली। गांव हिरणवाड़ा में शनिवार को राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष राम कुमार राणा के छोटे भाई सुशील राणा उर्फ बिट्टू के निधन पर शोक सभा आयोजित की गई। शोक सभा में राष्ट्रीय लोक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा पहुंचे। उन्होंने दिवंगत सुशील राणा को श्रद्धांजलि अर्पित की और शोकाकुल परिवार से मुलाकात कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
उपेंद्र कुशवाहा के हिरणवाड़ा पहुंचने पर पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। इसके बाद उन्होंने सीधे शोकाकुल परिवार से मुलाकात की। उन्होंने राम कुमार राणा और परिवार के अन्य सदस्यों से बातचीत कर उन्हें इस दुख की घड़ी में ढांढस बंधाया। उन्होंने दिवंगत सुशील राणा के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
इस दौरान मीडिया कर्मियों ने उपेंद्र कुशवाहा से राजनीतिक मुद्दों को लेकर सवाल किए। हालांकि उन्होंने राजनीतिक चर्चा से पूरी तरह दूरी बनाए रखी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि वह यहां राजनीति करने या किसी राजनीतिक मुद्दे पर बात करने नहीं आए हैं। उनका हिरणवाड़ा आने का उद्देश्य केवल शोकाकुल परिवार से मिलना और दुख की इस घड़ी में उनके साथ खड़ा होना है।
उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि जब किसी परिवार में दुख का समय हो तो उस समय संवेदना व्यक्त करना ही प्राथमिकता होती है। उन्होंने कहा कि शोक सभा में राजनीतिक विषयों पर प्रतिक्रिया देना उचित नहीं है। इसके बाद वह परिवार के सदस्यों से मिले और कुछ समय शोक सभा में मौजूद रहे।
शोक सभा में राष्ट्रीय लोक मोर्चा के पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं के अलावा क्षेत्र के गणमान्य लोग भी पहुंचे। सभी ने दिवंगत सुशील राणा को श्रद्धांजलि अर्पित की और राम कुमार राणा समेत पूरे परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। माहौल पूरी तरह गमगीन रहा।
परिवार और पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात के बाद उपेंद्र कुशवाहा दिल्ली के लिए रवाना हो गए। उनके दौरे के दौरान राजनीतिक चर्चाओं की जगह शोक और संवेदना ही केंद्र में रही।
