रिपोर्ट – हरीश

हमीरपुर। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद, उत्तर प्रदेश द्वारा प्रायोजित जिला विज्ञान क्लब के तत्वावधान में अंधविश्वास के विरुद्ध वैज्ञानिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन श्री दीनदयाल पाल इंटर कॉलेज कनौटा शीतलपुर में किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्य विकास अधिकारी एवं उपाध्यक्ष जिला विज्ञान क्लब अरुण कुमार सिंह ने कहा कि वास्तव में जादू जैसी कोई चीज नहीं होती, यह केवल एक कला है। जब इस कला को समझ लिया जाता है तो अंधविश्वास स्वतः समाप्त हो जाता है। उन्होंने कहा कि आज के समय में ऑनलाइन तकनीक के माध्यम से भी ठगी की घटनाएं बढ़ रही हैं। डिजिटल अरेस्ट जैसे तरीकों से लोगों को गुमराह किया जा रहा है, इसलिए फोन पर आने वाली किसी भी अनावश्यक जानकारी पर बिना सत्यता जाने विश्वास नहीं करना चाहिए। उन्होंने बताया कि प्रत्येक अंधविश्वास के पीछे कोई न कोई वैज्ञानिक कारण होता है, जिसे विज्ञान के माध्यम से समझा जा सकता है।

कार्यक्रम का शुभारंभ जिला विद्यालय निरीक्षक एवं सचिव जिला विज्ञान क्लब महेश कुमार गुप्त द्वारा दीप प्रज्वलन एवं मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया गया। कार्यक्रम का संचालन जिला विज्ञान क्लब के समन्वयक डा. जी के द्विवेदी ने किया।
प्रयागराज से आए वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं विशेषज्ञ डा. ओमप्रकाश गुप्ता ने चमत्कारों की वैज्ञानिक व्याख्या करते हुए विज्ञान एवं गणित के विभिन्न प्रयोगों का प्रदर्शन किया। उन्होंने भाई-बहनों की संख्या, सब में राम ही राम जैसे रोचक प्रयोगों के माध्यम से बच्चों को वैज्ञानिक सोच विकसित करने के लिए प्रेरित किया।
इसी क्रम में चमत्कारों की वैज्ञानिक व्याख्या के विशेषज्ञ रमाकांत ने खाली चमत्कार से दूध उबालना आदि प्रयोगों का प्रदर्शन कर अंधविश्वास के पीछे छिपे वैज्ञानिक तथ्यों को समझाया।
अंधविश्वास के विरुद्ध आयोजित विज्ञान मॉडल प्रतियोगिता में प्रियांशु, मयंक, राजन, सौरभ एवं गुलशन के समूह ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। सत्येंद्र ने द्वितीय तथा यश ने तृतीय स्थान प्राप्त कर अपने विद्यालय का नाम रोशन किया।
पोस्टर प्रतियोगिता में प्राक्षी ने प्रथम, कृतिका ने द्वितीय तथा लक्ष्मी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। छात्राओं द्वारा अंधविश्वास पर प्रहार करता हुआ एक प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक भी प्रस्तुत किया गया।
कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाचार्य रामबाबू कुटार, हेमंत कुमार पाल, महेंद्र बाबू पाल, शैलेंद्र पाल, सुरेश चंद्र, कुंवर सिंह, अंकित पाल, अशोक सिंह, अजीत यादव, रविंद्र, सुरभि, पारुल, नेहा, निलेश, जूही का विशेष योगदान रहा।
स्काउट वॉलिंटियर के रूप में अंश, नारायण, सविता, वैभव, कर्णधार ने भी महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया।

