रिपोर्ट – कबीर

मुजफ्फरनगर। जनपद में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना के क्रियान्वयन में बैंकों की धीमी कार्यप्रणाली पर प्रशासन सख्त हो गया है। मंगलवार को विकास भवन सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान मुख्य विकास अधिकारी ने कई प्रमुख बैंकों के उदासीन रवैये पर नाराजगी जताते हुए शाखा प्रबंधकों को स्पष्ट चेतावनी दी कि योजना के लक्ष्य को समय पर पूरा किया जाए, अन्यथा जवाबदेही तय की जाएगी।
बैठक में योजना के अंतर्गत जनपद को दिए गए लक्ष्य के सापेक्ष ऋण स्वीकृति की स्थिति की गहन समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान पाया गया कि कई बैंकों द्वारा अपेक्षित गति से लोन स्वीकृत नहीं किए जा रहे हैं, जिससे युवाओं को स्वरोजगार स्थापित करने में अनावश्यक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इस स्थिति पर मुख्य विकास अधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए स्पष्ट किया कि सरकार की मंशा युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में एक्सिस बैंक, एचडीएफसी बैंक, इंडियन बैंक, उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक और बैंक ऑफ इंडिया की कार्यप्रणाली पर विशेष रूप से सवाल उठाए गए। अधिकारियों ने संबंधित शाखा प्रबंधकों को निर्देश दिया कि लंबित आवेदनों का शीघ्र निस्तारण करते हुए पात्र लाभार्थियों को प्राथमिकता के आधार पर ऋण उपलब्ध कराया जाए। साथ ही चेताया गया कि यदि लोन स्वीकृति की गति में सुधार नहीं हुआ तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई भी की जा सकती है।
मुख्य विकास अधिकारी ने आगामी 18 मार्च को आयोजित होने वाले ऋण वितरण शिविर को सफल बनाने के लिए सभी बैंकों को स्पष्ट लक्ष्य भी आवंटित किए। उन्होंने कहा कि शिविर में अधिक से अधिक युवाओं को योजना का लाभ दिलाना सुनिश्चित किया जाए, ताकि जनपद में स्वरोजगार को बढ़ावा मिल सके और युवा अपने व्यवसाय की शुरुआत कर सकें।
समीक्षा बैठक में सहायक आयुक्त उद्योग आशीष कुमार, अग्रणी जिला प्रबंधक अनिल कुमार सहित जिला उद्योग एवं प्रोत्साहन केंद्र से जुड़े अधिकारी और सभी जिला समन्वयक मौजूद रहे। बैठक के अंत में अधिकारियों ने योजना की प्रगति को तेज करने और अधिक से अधिक पात्र युवाओं को लाभान्वित करने पर जोर दिया।

