रिपोर्ट – कबीर

मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर में आबादी के बीच संचालित काले तेल के अवैध प्लांट पर आखिरकार प्रशासन का शिकंजा कस गया है। चरथावल रोड पर मदरसे के सामने चल रहे इस प्लांट और गोदाम को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने सील कर दिया। खास बात यह है कि यहां दो बार भीषण आग लग चुकी है, लेकिन इसके बावजूद संचालन जारी रहा।

स्थानीय लोगों की लगातार शिकायतों के बाद उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने जेई राजा गुप्ता के नेतृत्व में मौके पर छापेमारी की। जांच के दौरान “एनआर ट्रेडिंग” नाम से संचालित प्लांट परिसर और आसपास के खाली प्लॉटों में सैकड़ों केमिकल ड्रम खुले में बिखरे मिले। इन ड्रमों से उठती तीखी दुर्गंध पूरे इलाके की हवा को दूषित कर रही थी।
टीम ने जब संचालकों से वैध लाइसेंस, एनओसी और प्रदूषण नियंत्रण संबंधी प्रमाणपत्र मांगे, तो प्रस्तुत दस्तावेज संतोषजनक नहीं पाए गए। मौके पर ज्वलनशील पदार्थों का ढेर और सुरक्षा मानकों की अनदेखी ने अधिकारियों को हैरान कर दिया।


करीब दो महीने पहले इसी प्लांट में भीषण आग लगी थी। उस दौरान घंटों तक काला धुआं आसमान में छाया रहा और आसपास के लोग सांस व आंखों में जलन की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंचे। इसके बावजूद प्लांट में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के बजाय संचालन जारी रखा गया।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि आग के बाद भी केमिकल ड्रम खुले में पड़े रहे, जिससे मिट्टी और भूजल के दूषित होने का खतरा बढ़ गया। लोगों ने बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर पड़ रहे असर को लेकर चिंता जताई।
हैरानी की बात यह है कि प्लांट संचालक अब तक संबंधित विभागों को यह स्पष्ट नहीं कर सके हैं कि उपयोग में लाया जा रहा केमिकल या यूज्ड ऑयल किस प्रकार का है। अग्निशमन विभाग द्वारा भी नोटिस जारी कर विवरण मांगा गया, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
प्रबंधन का दावा है कि खराब तेल को शुद्ध कर फैक्ट्रियों में ईंधन के रूप में सप्लाई किया जाता है और शेष वेस्ट ईंट भट्टों को भेजा जाता है, मगर बिना वैध अनुमति और वैज्ञानिक परीक्षण के यह दावा सवालों के घेरे में है।
जेई राजा गुप्ता ने प्लांट और गोदाम को तत्काल प्रभाव से सील कर सख्त चेतावनी दी कि भविष्य में किसी भी प्रकार का उल्लंघन पाया गया तो कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इलाके के लोगों ने प्रशासन की इस कार्रवाई का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि अब उन्हें जहरीली हवा और संभावित हादसों के साए में नहीं जीना पड़ेगा।
