रिपोर्ट – कबीर


मुज़फ़्फ़रनगर। जनपद में कानून-व्यवस्था और कारागार व्यवस्थाओं को चुस्त-दुरुस्त रखने के लिए शनिवार को प्रशासनिक अमला पूरी तरह सक्रिय नजर आया। उमेश मिश्रा (जिलाधिकारी) और सत्यनारायण प्रजापत (पुलिस अधीक्षक नगर) ने संयुक्त रूप से जिला कारागार का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की हकीकत परखी।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पुरुष व महिला बैरकों में जाकर साफ-सफाई, सुरक्षा और मूलभूत सुविधाओं का जायजा लिया। रसोईघर में भोजन की गुणवत्ता और मेन्यू के अनुरूप भोजन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बंदियों को शासन की मंशा के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण भोजन और निर्धारित सुविधाएं हर हाल में उपलब्ध कराई जाएं।
अधिकारियों ने बंदियों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं और सुविधाओं की स्थिति के बारे में जानकारी ली। इस दौरान कारागार परिसर, कार्यालय अभिलेखों और मुलाकाती रजिस्टर का भी बारीकी से अवलोकन किया गया। सुरक्षा के मद्देनजर जेल में स्थापित जैमर प्रणाली और सीसीटीवी कैमरों की कार्यप्रणाली को भी चेक किया गया, ताकि किसी भी प्रकार की चूक की गुंजाइश न रहे।
कारागार परिसर स्थित अस्पताल का निरीक्षण करते हुए दवाइयों की उपलब्धता, ओपीडी व्यवस्था और उपचार की स्थिति पर विशेष फोकस किया गया। निर्देश दिए गए कि बंदियों के इलाज में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
निरीक्षण के अंत में जिलाधिकारी ने जेल अधीक्षक को सख्त निर्देश दिए कि शातिर बंदियों पर कड़ी निगरानी रखी जाए, प्रतिबंधित सामग्री किसी भी हाल में अंदर न पहुंचने पाए और स्वच्छता व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। साथ ही तैनात पुलिस बल को भी ड्यूटी के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश देकर अनुशासन और सतर्कता बनाए रखने पर जोर दिया गया।
औचक निरीक्षण से जेल प्रशासन में हलचल रही, वहीं अधिकारियों के सख्त तेवरों से यह संदेश साफ हो गया कि कारागार व्यवस्था में किसी भी स्तर पर ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।
