रिपोर्ट – कबीर

मुजफ्फरनगर। राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती विजया रहाटकर ने शुक्रवार को मुजफ्फरनगर पहुंचकर महिला सुरक्षा, सम्मान और कल्याण योजनाओं की जमीनी हकीकत परखने के साथ महिला जनसुनवाई में पीड़िताओं की समस्याएं सुनीं। उन्होंने लंबित मामलों पर नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए।
विकास भवन सभागार में आयोजित महिला जनसुनवाई के दौरान राष्ट्रीय महिला आयोग में पंजीकृत 48 प्रकरणों समेत अन्य मामलों की सुनवाई की गई। अध्यक्ष ने अधिकारियों से कहा कि महिलाओं से जुड़े मामलों में लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी प्रकरणों में नियमानुसार कार्रवाई कर अनुपालन रिपोर्ट आयोग को उपलब्ध कराई जाए।

जनसुनवाई में पहुंची महिलाओं और बालिकाओं को मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, मनरेगा और स्पॉन्सरशिप योजना जैसी सरकारी योजनाओं से जोड़ने के निर्देश भी दिए गए, ताकि पीड़ित और जरूरतमंद महिलाओं को तत्काल राहत मिल सके।
इसके बाद आयोजित समीक्षा बैठक में अध्यक्ष ने जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और अन्य अधिकारियों से महिलाओं से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन, लाभार्थियों के जीवन में आए बदलाव और सुरक्षा व्यवस्था पर विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने कहा कि योजनाएं सिर्फ कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि पात्र महिलाओं तक उनका लाभ पहुंचे।
कार्यस्थल पर महिलाओं के लैंगिक उत्पीड़न की रोकथाम के लिए पॉश एक्ट-2013 के तहत जनपद में की गई पहल की अध्यक्ष ने खुलकर सराहना की। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा द्वारा स्थानीय समिति को सक्रिय कराए जाने पर उन्हें बधाई दी गई। साथ ही महिलाओं को सुरक्षित और सम्मानजनक कार्यस्थल देने की शपथ भी दिलाई गई।
अध्यक्ष विजया रहाटकर ने जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से राष्ट्रीय महिला आयोग की पहल “तेरे मेरे सपने” प्री-मैरिटल काउंसलिंग सेंटर शुरू करने का आह्वान भी किया, ताकि वैवाहिक जीवन से पहले युवाओं को परामर्श मिल सके और पारिवारिक विवादों में कमी आए।
इससे पूर्व मुजफ्फरनगर आगमन पर जिलाधिकारी उमेश मिश्रा, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा और मुख्य विकास अधिकारी कंडारकर कमलकिशोर देशभूषण ने उन्हें सम्मान प्रतीक और लाइव प्लांट भेंट कर स्वागत किया।
कार्यक्रम के बाद अध्यक्ष ने जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। श्रीराम ग्रुप ऑफ कॉलेज में आयोजित कैंपस कॉलिंग कार्यक्रम में भी उन्होंने प्रतिभाग किया।
बैठक में पुलिस व प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, महिला कल्याण विभाग के कर्मचारी, स्थानीय समिति सदस्य और विभिन्न विभागों के पदाधिकारी मौजूद रहे। मुजफ्फरनगर में राष्ट्रीय महिला आयोग अध्यक्ष का दौरा महिला सशक्तिकरण और प्रशासनिक जवाबदेही के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

