रिपोर्ट – कबीर

मुजफ्फरनगर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माननीय सचिव डॉ. सत्येंद्र चौधरी ने मंगलवार को राजकीय संप्रेक्षण गृह (किशोर), मुजफ्फरनगर का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की हकीकत जानी। अचानक हुए निरीक्षण से संस्था प्रशासन में हलचल मच गई। सचिव ने संस्था में रह रहे किशोरों की सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था, भोजन की गुणवत्ता और अभिलेखों की स्थिति का बारीकी से परीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान डॉ. चौधरी ने सबसे पहले भोजनालय का जायजा लिया और किशोरों को दिए जा रहे भोजन की गुणवत्ता, साफ-सफाई तथा पोषण मानकों की जानकारी ली। उन्होंने रसोईघर की व्यवस्था देखी और निर्देश दिए कि किशोरों को समय से पौष्टिक एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जाए।

इसके बाद सचिव ने संस्था में रह रहे किशोरों से सीधे संवाद किया। उन्होंने एक-एक कर किशोरों से पूछा कि उन्हें किसी प्रकार की परेशानी, असुविधा या शिकायत तो नहीं है। किशोरों की बातों को गंभीरता से सुनते हुए उन्होंने भरोसा दिलाया कि उनके अधिकारों और सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा जाएगा।
डॉ. चौधरी ने लंबित प्रकरणों, किशोरों की व्यक्तिगत पत्रावलियों तथा अन्य प्रशासनिक अभिलेखों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी रिकॉर्ड अद्यतन रखे जाएं और प्रत्येक प्रकरण का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
निरीक्षण के दौरान संस्था भवन के प्रथम तल का भी निरीक्षण किया गया। वहां साफ-सफाई, सुरक्षा इंतजाम, आवासीय कक्षों की स्थिति और अन्य व्यवस्थाओं को परखा गया। उन्होंने कहा कि किशोरों के पुनर्वास और सुधार की भावना से संचालित संस्थाओं में अनुशासन के साथ संवेदनशील वातावरण बनाए रखना आवश्यक है।
इस अवसर पर संस्था प्रभारी मोहित कुमार, कर्मचारी नीरज कुमार, सहायक अध्यापक राकेश कुमार, कंप्यूटर अध्यापक विक्रांत वर्मा, सुरजीत कुमार सहित समस्त सुरक्षा बल मौजूद रहा। सचिव ने कर्मचारियों को निर्देशित किया कि संस्था में रहने वाले प्रत्येक किशोर के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और शासन की मंशा के अनुरूप सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त रखी जाएं।

