रिपोर्ट – कबीर

मुज़फ्फरनगर। जिले में प्रदूषण, कथित झूठे मुकदमों और विभागीय अनियमितताओं को लेकर उबल रहा आक्रोश फिलहाल सिटी मजिस्ट्रेट के आश्वासन पर थमा जरूर है, लेकिन किसान मजदूर संगठन ने साफ कर दिया है कि यह शांति केवल एक सप्ताह की मोहलत तक ही सीमित है। यदि तय समय के भीतर मुकदमे वापस नहीं हुए और संबंधित फैक्ट्री पर कार्रवाई नहीं हुई तो शहर की सीमाएं सील कर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा।

संगठन के जिलाध्यक्ष लोकेश राणा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसान और कार्यकर्ता जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और जोरदार नारेबाजी की। प्रदर्शन के बाद सिटी मजिस्ट्रेट ने प्रतिनिधिमंडल को वार्ता के लिए बुलाया और एक सप्ताह के भीतर समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया। इसी आश्वासन के आधार पर धरना अस्थायी रूप से समाप्त किया गया।
संगठन ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह बाद भी झूठे मुकदमे वापस नहीं लिए गए और प्रदूषण फैलाने वाली फैक्ट्री के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो किसान मजदूर संगठन दोबारा सड़कों पर उतरेगा। नेताओं ने कहा कि जरूरत पड़ी तो शहर की सीमाएं बंद कर प्रशासन को कठोर कदम उठाने के लिए मजबूर किया जाएगा।
इस दौरान संगठन के युवा जिला अध्यक्ष बिल्लू राणा ने प्रदूषण विभाग पर तीखा हमला बोलते हुए उसे “सबसे भ्रष्ट विभाग” करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग शाट गाठ के रास्ते पर चलते हुए अवैध फैक्ट्रियों के कारोबार को संरक्षण दे रहा है, जिससे आम जनता का स्वास्थ्य खतरे में पड़ रहा है और किसानों की जमीन व फसलें प्रभावित हो रही हैं।
जिलाध्यक्ष लोकेश राणा ने स्पष्ट कहा कि जिले में जो भी प्रदूषण फैलाएगा, उसके खिलाफ संगठन निर्णायक लड़ाई लड़ेगा। उन्होंने कहा कि लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ करने की किसी को भी इजाजत नहीं दी जाएगी। यदि समय रहते प्रदूषण पर प्रभावी रोक नहीं लगाई गई तो आंदोलन और अधिक व्यापक और उग्र रूप ले सकता है।
फिलहाल प्रशासन के आश्वासन के बाद धरना समाप्त कर दिया गया है, लेकिन एक सप्ताह बाद हालात की समीक्षा होगी। समाधान न होने की स्थिति में किसान मजदूर संगठन ने निर्णायक संघर्ष का बिगुल फूंकने का संकेत दे दिया है।

