रिपोर्ट – कबीर

मुजफ्फरनगर। गुरुवार को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय को मुजफ्फरनगर पहुंचने से पहले ही पुलिस ने रोक लिया। पुलिस द्वारा काफिला रोके जाने की सूचना मिलते ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं में आक्रोश फैल गया और मौके पर सरकार व पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी शुरू हो गई। कुछ देर के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया, हालांकि पुलिस बल की मौजूदगी के चलते स्थिति को काबू में रखा गया।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय पीड़ित परिवार से मुलाकात के लिए जा रहे थे, लेकिन पुलिस ने कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए उन्हें आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी। तमाम प्रयासों के बावजूद अजय राय को पीड़ित परिवार से मिले बिना ही बैरंग लौटना पड़ा। कांग्रेस नेताओं ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का खुला हनन बताया।
पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद अजय राय ने पीड़ित परिवार से वीडियो कॉल के माध्यम से बात की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी पूरी मजबूती से पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है। अजय राय ने सरकार से मांग की कि पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि कांग्रेस इस मामले को पूरी ताकत से उठाएगी।
अजय राय ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि प्रदेश में तानाशाही अपने चरम पर है। उन्होंने आरोप लगाया कि वह एक बच्ची के साथ हुए बलात्कार के मामले में पीड़ित से मिलने जा रहे थे, लेकिन सरकार के इशारे पर पुलिस उन्हें रोक रही है। उन्होंने कहा कि इस तरह की दमनकारी नीति ज्यादा दिन नहीं चलने वाली है और जनता इसका जवाब देगी।
इस दौरान मौके पर सीओ खतौली, कोतवाली थाना प्रभारी दिनेश चंद्र बघेल और मंसूरपुर थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ मौजूद रहे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया।
घटना के बाद जिले का राजनीतिक माहौल और ज्यादा गरमा गया है। कांग्रेस नेताओं ने इसे सरकार की घबराहट करार दिया है, जबकि पुलिस प्रशासन अपनी कार्रवाई को नियम-कानून के तहत बता रहा है।
