बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़? निर्माणाधीन मुख्यमंत्री मॉडल कम्पोजिट विद्यालय में भारी अनियमितताओं का आरोप

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रिपोर्ट – कबीर

मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना तहसील क्षेत्र के राजपुर छाजपुर गांव में बन रहे मुख्यमंत्री मॉडल कम्पोजिट विद्यालय के निर्माण कार्य पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जांच के दौरान जंग लगे सरिये, पीली कच्ची ईंटें, घटिया बालू-सीमेंट और दरकी हुई नींव मिलने से निर्माण की गुणवत्ता पर बड़ा सवालिया निशान लग गया है। ग्रामीणों की शिकायत पर उप जिलाधिकारी ने मौके का निरीक्षण किया, लेकिन तकनीकी टीम की अनुपस्थिति ने कई और सवाल खड़े कर दिए हैं।


ग्राम राजपुर छाजपुर में निर्माणाधीन मुख्यमंत्री मॉडल कम्पोजिट विद्यालय को लेकर ग्रामीणों ने पहले ही अनियमितताओं की शिकायत की थी। इसी क्रम में उप जिलाधिकारी बुढ़ाना कृष्णकांत विश्वकर्मा ने 20 फरवरी 2026 को मौके पर पहुंचकर स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जो तस्वीर सामने आई, उसने सरकारी निर्माण कार्यों की हकीकत उजागर कर दी।
जांच में पाया गया कि निर्माण में प्रयुक्त सरिया जंग लगा हुआ था। बड़ी संख्या में पीली कच्ची ईंटों का इस्तेमाल हो रहा था। बालू और सीमेंट की गुणवत्ता भी मानक के अनुरूप नहीं दिखी। इतना ही नहीं, विद्यालय की एक नींव में दरार भी पाई गई, जबकि उसके ऊपर निर्माण कार्य जारी था।
बताया गया कि जिलाधिकारी के आदेश पर चार सदस्यीय टीम गठित की गई थी, जिसमें लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता, उप जिलाधिकारी बुढ़ाना, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी और यू०पी० सिडको के अधिशासी अभियंता शामिल थे। लेकिन निरीक्षण के दिन तकनीकी सदस्य मौके पर उपस्थित नहीं हुए, जिससे विस्तृत तकनीकी जांच नहीं हो सकी।
उप जिलाधिकारी ने अपनी रिपोर्ट में साफ कहा है कि मौके की स्थिति संतोषजनक नहीं है और जनहित में उच्च स्तरीय तकनीकी जांच अत्यंत आवश्यक है। कार्यस्थल से लिए गए नमूने भी गुणवत्ता के अनुरूप प्रतीत नहीं हुए।
इस पूरे प्रकरण को लेकर भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के तहसील अध्यक्ष ठा० अमित सिंह ने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर निर्माण कार्य की उच्च स्तरीय जांच कराने, दोषियों का उत्तरदायित्व तय करने और ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने की मांग की है। संगठन का आरोप है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में छात्रों के साथ कोई बड़ी अनहोनी हो सकती है।
अब बड़ा सवाल यह है कि बच्चों के भविष्य के नाम पर बन रहे इस ‘मॉडल’ विद्यालय में आखिर किसके संरक्षण में मानकों से समझौता किया जा रहा है? क्या जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी या फाइलों में ही जांच दबा दी जाएगी?
जनपद प्रशासन की अगली कार्रवाई पर सभी की निगाहें टिकी हैं।

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