रिपोर्ट – प्रदीप श्रीवास्तव

बहराइच। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ शताब्दी वर्ष के अवसर पर नानपारा नगर के शिवालय बाग परिसर में भव्य हिन्दू सम्मेलन आयोजित किया गया जिसमे मुख्य वक्ता रूप में प्रान्त प्रचारक कौशल जी तथा मुख्य अतिथि के रूप में श्री सिद्धनाथ पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर श्री रवि गिरी जी महाराज एवं विशिष्ट अतिथि महंत वीरेन्द्र गिरी जी उपस्थित रहे.कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता के चित्र पर पुष्पार्चन एवं दीप प्रवज्जलन कर हुआ,कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि महामंडलेश्वर स्वामी रवि गिरी जी महाराज ने कहा कि हम सभी ईश्वर के ही अंश हैं हमें भेदभाव को छोड़कर एक बात ध्यान रखना चाहिए कि हम हिंदू हैं,

शंकराचार्य ने अपने भाष्य में कहा है कि कोई जाति भेद नहीं है हम सभी भगवान शिव के अंश हैं देश को एकता के सूत्र में बांधने के लिए उन्होंने चारों दिशाओं को एक सूत्र में पिरोया था उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक भारत माता को परम वैभव पर पहुंचने के लिए लगातार कार्य कर रहे हैं, हम सभी को अपने राष्ट्र और धर्म पर गर्व होना चाहिए और सनातन धर्म में बताए गए जीवन मूल्यों का पालन करना चाहिए,प्रांत प्रचारक कौशल जी ने कहा कि संघ शताब्दी वर्ष के अवसर पर संघ ने पंच परिवर्तन विषय लिया है इसमें कुटुंब प्रबोधन,सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, स्व-भाव का जागरण एवं नागरिक कर्तव्य प्रमुख है उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में कुटुंब टूट रहे हैं यह दुर्भाग्य का विषय है भारतीय संस्कृति में कुटुंब का बहुत ही महत्वपूर्ण स्थान है इसलिए सभी को परिवार में संस्कार देने की आवश्यकता है,उन्होंने कहा कि समाज विरोधी शक्तियां सामाजिक समरसता का ताना-बाना छिन्न करने का कुत्सित प्रयास कर रहे हैं, इसके लिए सभी को एकजुट होकर रहना होगा,सनातन धर्म में जातिगत भेदभाव का कहीं पर भी कोई स्थान नहीं है उन्होंने कहा कि भारत के सभी लोग हिंदू हैं सभी के पूर्वज एक हैं, भारत में तलवार और लोभ लालच के बल पर धर्मांतरण हुआ उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति का चिंतन वैश्विक है और सारी वसुधा को हमने अपना परिवार माना है, उन्होंने कहा कि यदि हम संगठित हैं तो कोई हमें क्षति नहीं पहुंचा सकता स्वामी विवेकानंद ने कहा था कि गर्व से कहो हम हिंदू हैं,संघ संस्थापक डॉ हेडगेवार ने स्पष्ट शब्दों में कहा था कि भारत हिंदू राष्ट्र है, शक्ति से ही संगठन है और प्रत्येक समस्या का समाधान शक्ति से ही संभव है स्वामी विवेकानंद मनुष्य में ही नारायण का भाव देखते थे और उनका कहना था नर सेवा नारायण सेवा प्रभु श्री राम जी का जीवन सामाजिक समरसता का प्रेरक उदाहरण है,उन्होंने सनातन की रक्षा पर बलिदान होने की परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि गुरु तेग बहादुर जी साहस, शौर्य और धर्म-रक्षा के अमर प्रतीक है सिख पंथ के नौवें गुरु के रूप में उनका जीवन मानवता की सेवा और अन्याय के विरुद्ध संघर्ष का अनुपम उदाहरण है,।

उन्होंने कहा कि मुगल शासक औरंगजेब के अत्याचारों से पीड़ित कश्मीरी पंडितों ने गुरु महाराज की शरण ली थी गुरु जी ने उन्हें धर्म रक्षा का आश्वासन दिया और औरंगजेब की दमनकारी नीतियों का साहसपूर्वक सामना किया, धर्म के लिए ये जीवन कैसा होना चाहिए वह गुरु महाराज जी ने जी दिखाया कार्यक्रम के उपरांत सह भोज का भी आयोजन हुआ,इस अवसर पर विभाग प्रचारक कृष्ण कुमार,विभाग प्रचार प्रमुख अतुल गौड़,कार्यक्रम संयोजक आनन्द ,नगर प्रचारक बलजीत, जिला कार्यवाह दिलीप, धर्मजागरण के प्रचारक सर्वेश,तीरथ राम,विवेक शुक्ल एडवोकेट, योगेन्द्र मौर्या,मनोज गुप्ता, जसप्रीत, रोहित चौरसिया विधायक रामनिवास एवं नगर व क्षेत्र के सभी गणमान्य के साथ हजारों की संख्या में हिन्दू परिवार उपस्थिति रहे।
